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विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 3 करोड़ की ठगी, अखबार में दिया था विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, साहिबाबाद
Updated Tue, 12 Jun 2018 03:18 PM IST
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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में इंदिरापुरम के वसुंधरा सेक्टर-13 में कुछ शातिरों ने एक प्लेसमेंट एजेंसी खोली और विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 250 लोगों से तीन करोड़ रुपये ठग लिए। पीड़ितों को सोमवार दोपहर विदेश जाना था।
उनके हवाई जहाज के टिकट भी एजेंसी ने बुक किए थे, लेकिन सुबह से प्लेसमेंट एजेंसी के सभी कर्मचारियों के नंबर बंद आने लगे। तब पीड़ितों को खुद के साथ हुई ठगी की जानकारी हुई। ठगे गए लोगों ने इंदिरापुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया गया कि एजेंसी तीन पुरुष और एक महिला चला रही थी।
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले निवासी हैदर शाह ने बताया कि दो माह पूर्व उन्होंने मुंबई के एक अखबार में मलेशिया, सिंगापुर, बैंकाक समेत अन्य देशों में नौकरी दिलाने का विज्ञापन देखा था। उन्होंने अखबार में दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया और वसुंधरा सेक्टर 13 स्थित प्लेसमेंट एजेंसी के ऑफिस पहुंचे।
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हैदर शाह ने बताया कि बैंकाक सेंट्रल मॉल में सिक्योरिटी सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने के नाम पर शातिरों ने उनका पासपोर्ट जमा करा लिया। पासपोर्ट के आधार पर टूरिस्ट वीजा हैदर को एजेंसी से मेल किया गया। हैदर ने बताया कि खुद ही एजेंसी वालों ने उनका बैंकाक जाने का हवाई जहाज का टिकट भी बुक किया।
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उनके हवाई जहाज के टिकट भी एजेंसी ने बुक किए थे, लेकिन सुबह से प्लेसमेंट एजेंसी के सभी कर्मचारियों के नंबर बंद आने लगे। तब पीड़ितों को खुद के साथ हुई ठगी की जानकारी हुई। ठगे गए लोगों ने इंदिरापुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया गया कि एजेंसी तीन पुरुष और एक महिला चला रही थी।
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महाराष्ट्र के यवतमाल जिले निवासी हैदर शाह ने बताया कि दो माह पूर्व उन्होंने मुंबई के एक अखबार में मलेशिया, सिंगापुर, बैंकाक समेत अन्य देशों में नौकरी दिलाने का विज्ञापन देखा था। उन्होंने अखबार में दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया और वसुंधरा सेक्टर 13 स्थित प्लेसमेंट एजेंसी के ऑफिस पहुंचे।
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हैदर शाह ने बताया कि बैंकाक सेंट्रल मॉल में सिक्योरिटी सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने के नाम पर शातिरों ने उनका पासपोर्ट जमा करा लिया। पासपोर्ट के आधार पर टूरिस्ट वीजा हैदर को एजेंसी से मेल किया गया। हैदर ने बताया कि खुद ही एजेंसी वालों ने उनका बैंकाक जाने का हवाई जहाज का टिकट भी बुक किया।
नौकरी दिलाने के नाम पर 80 हजार रुपये और टूरिस्ट वीजा को वर्किंग वीजा में बदलवाने और 25 लाख का बीमा कराने के नाम पर 25 हजार एक खाते में जमा करवाए गए। एसेंजी वालों ने हैदर को फोन कर कहा कि 25 हजार रुपये और खाते में जमा कर दो, एयरपोर्ट पर उन्हें 25 हजार रुपये की बैंकाक की करेंसी मिल जाएगी।
जिससे उन्हें वहां कुछ परेशानी नहीं होगी। हैदर ने बताया कि जिस तरह उनसे पासपोर्ट जमा कराया गया, ठीक उसी तरह शातिरों ने सैकड़ों लोगों का पासपोर्ट एजेंसी में जमा कराया था।
रंगा तोड़क्कर, मंगेश पाटिल, हीरालाल नेरकर, विशाल लोहार समेत अन्य कई लोगों से सवा-सवा लाख रुपये प्लेसमेंट एजेंसी ने लिए।करीब आधा दर्जन पीड़ित सोमवार सुबह पहले प्लेसमेंट एजेंसी के आफिस पहुंचे तो वह बंद मिली।
जिससे उन्हें वहां कुछ परेशानी नहीं होगी। हैदर ने बताया कि जिस तरह उनसे पासपोर्ट जमा कराया गया, ठीक उसी तरह शातिरों ने सैकड़ों लोगों का पासपोर्ट एजेंसी में जमा कराया था।
रंगा तोड़क्कर, मंगेश पाटिल, हीरालाल नेरकर, विशाल लोहार समेत अन्य कई लोगों से सवा-सवा लाख रुपये प्लेसमेंट एजेंसी ने लिए।करीब आधा दर्जन पीड़ित सोमवार सुबह पहले प्लेसमेंट एजेंसी के आफिस पहुंचे तो वह बंद मिली।
इसके बाद पीड़त इंदिरापुरम थाने पहुंचे। पीड़ितों का कहना है कि प्लेसमेंट एजेंसी के चलाने वालों ने 250 लोगों से तीन करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है।
एएसपी इंदिरापुरम रवि कुमार का कहना है कि पीड़ितों की शिकायत पर मामले की जांच की जा रही है। प्लेसमेंट एजेंसी बंद कर शातिर फरार हैं। सर्विलांस के जरिये तलाश की जा रही है।
विदेश जाने से छह घंटे पहले हुई जानकारी
हैदर शाह ने बताया कि एजेंसी के लोगों ने उन्हें बुलाकर दिल्ली के एक होटल में रोका था। सोमवार दोपहर बैंकाक जाने के लिए हवाई जहाज पकड़ना था। टिकट भी बुक था।
कर्मचारियों ने रविवार शाम को बोला था कि सुबह छह बजे उन्हें लेने के लिए एक बस आएगी। सुबह कोई बस नहीं पहुंची तो उन्होंने प्लेसमेंट एजेंसी के नंबर पर कॉल की। सभी कर्मचारियों के मोबाइल बंद थे। एजेंसी तीन पुरुष और एक महिला चलाते थे।
एएसपी इंदिरापुरम रवि कुमार का कहना है कि पीड़ितों की शिकायत पर मामले की जांच की जा रही है। प्लेसमेंट एजेंसी बंद कर शातिर फरार हैं। सर्विलांस के जरिये तलाश की जा रही है।
विदेश जाने से छह घंटे पहले हुई जानकारी
हैदर शाह ने बताया कि एजेंसी के लोगों ने उन्हें बुलाकर दिल्ली के एक होटल में रोका था। सोमवार दोपहर बैंकाक जाने के लिए हवाई जहाज पकड़ना था। टिकट भी बुक था।
कर्मचारियों ने रविवार शाम को बोला था कि सुबह छह बजे उन्हें लेने के लिए एक बस आएगी। सुबह कोई बस नहीं पहुंची तो उन्होंने प्लेसमेंट एजेंसी के नंबर पर कॉल की। सभी कर्मचारियों के मोबाइल बंद थे। एजेंसी तीन पुरुष और एक महिला चलाते थे।