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Delhi NCR News: बरेली के लिए लॉटरी, गिफ्ट और ईनाम जीतने के नाम पर ठगी, दो विदेशी समेत छह गिरफ्तार
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-अपराध शाखा ने दो नाइजीरियन नागरिकों के अलावा बरेली के रहने वाले चार आरोपियों को दबोचा, 3.63 लाख कैश व अन्य सामान बरामद
-ससुर दामाद 15 फीसदी कमीशन लेकर नाइजीरियर नागरिकों को उपलब्ध करवा रहे थे बैंक खाते
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ऑन लाइन लॉटरी, गिफ्ट और ईनाम जीतने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का अपराध शाखा ने खुलासा किया है। पुलिस ने दो नाइजीरियन नागरिक समेत छह आरोपियों को दबोचा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 3.63 लाख कैश, आधार, पैन, कई बैंक के एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक व अन्य सामान बरामद किया है।
इनकी पहचान नाइजीरिया निवासी शेडरेक ओनाइनॉर (29), संडे जॉन उर्फ लिबर्टी (40), गांव देवरेरा माफी, इज्जतनगर, बरेली निवासी शाहिद रजा (45), उसका दामाद शाहरुख खान (23), व विकास (25) और उसका भाई राकेश उर्फ लालू (22) के रूप में हुई है। नाइजीरियन अपने गिरोह के साथ साइबर ठगी करते थे।
बरेली के रहने वाले शाहिद और शाहरुख इनको बैंक खाते उपलब्ध करवाने के अलावा खातों से कैश भी निकालकर उन्हें देते थे। बदले में इनको 15 फीसदी कमीशन मिलता था। विकास और राकेश का काम नए बैंक खाते और सिमकार्ड उपलब्ध करवाकर ससुर-दामाद के हवाले करना था। बदले में दोनों को पांच फीसदी कमीशन मिलता था।
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अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि 7 जुलाई को एक सूचना के आधार पर सेंट्रल मार्केट चौक से एक आरोपी शाहिद रजा को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 3.63 लाख कैश, 9 एटीएम कार्ड, मोबाइल व अन्य सामान बरामद हुआ।
आरोपी ने बताया कि वह ठगी के रैकेट में शामिल है। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने डी-ब्लॉक, कृष्णा पार्क, खानपुर से नाइजीरियन नागरिक शेडरेक को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। छानबीन में पता चला कि शेडरेक अवैध रूप से भारत में रह रहा था।
टीम ने छापा मारकर बाकी चार आरोपियों को भी दबोच लिया। उनके खिलाफ क्राइम ब्रांच थाने में मामला दर्ज हुआ। पूछताछ में शेडरेक और संडे जॉन ने बताया कि वह अपने देश के बाकी लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। ठगी की रकम के लिए उनको बैंक खातों की जरूरत होती है।
शाहिद और इसका दामाद शाहरुख इनको कैश निकालने के अलावा बैंक खाते भी उपलब्ध करवाते हैं। शाहिद के गांव के ही दो भाई विकास और राकेश ने दिल्ली में फर्जी तरीके से अपने आधार का पता बदलवाकर 17-18 बैंक खाते और सिमकार्ड ले लिए। इन सभी का संचालन शाहिद व शाहरुख को दे दिया। बाद में इनको ठगी के लिए इस्तेमाल किया गया।
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-ससुर दामाद 15 फीसदी कमीशन लेकर नाइजीरियर नागरिकों को उपलब्ध करवा रहे थे बैंक खाते
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ऑन लाइन लॉटरी, गिफ्ट और ईनाम जीतने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का अपराध शाखा ने खुलासा किया है। पुलिस ने दो नाइजीरियन नागरिक समेत छह आरोपियों को दबोचा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 3.63 लाख कैश, आधार, पैन, कई बैंक के एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक व अन्य सामान बरामद किया है।
इनकी पहचान नाइजीरिया निवासी शेडरेक ओनाइनॉर (29), संडे जॉन उर्फ लिबर्टी (40), गांव देवरेरा माफी, इज्जतनगर, बरेली निवासी शाहिद रजा (45), उसका दामाद शाहरुख खान (23), व विकास (25) और उसका भाई राकेश उर्फ लालू (22) के रूप में हुई है। नाइजीरियन अपने गिरोह के साथ साइबर ठगी करते थे।
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बरेली के रहने वाले शाहिद और शाहरुख इनको बैंक खाते उपलब्ध करवाने के अलावा खातों से कैश भी निकालकर उन्हें देते थे। बदले में इनको 15 फीसदी कमीशन मिलता था। विकास और राकेश का काम नए बैंक खाते और सिमकार्ड उपलब्ध करवाकर ससुर-दामाद के हवाले करना था। बदले में दोनों को पांच फीसदी कमीशन मिलता था।
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अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि 7 जुलाई को एक सूचना के आधार पर सेंट्रल मार्केट चौक से एक आरोपी शाहिद रजा को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 3.63 लाख कैश, 9 एटीएम कार्ड, मोबाइल व अन्य सामान बरामद हुआ।
आरोपी ने बताया कि वह ठगी के रैकेट में शामिल है। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने डी-ब्लॉक, कृष्णा पार्क, खानपुर से नाइजीरियन नागरिक शेडरेक को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। छानबीन में पता चला कि शेडरेक अवैध रूप से भारत में रह रहा था।
टीम ने छापा मारकर बाकी चार आरोपियों को भी दबोच लिया। उनके खिलाफ क्राइम ब्रांच थाने में मामला दर्ज हुआ। पूछताछ में शेडरेक और संडे जॉन ने बताया कि वह अपने देश के बाकी लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं। ठगी की रकम के लिए उनको बैंक खातों की जरूरत होती है।
शाहिद और इसका दामाद शाहरुख इनको कैश निकालने के अलावा बैंक खाते भी उपलब्ध करवाते हैं। शाहिद के गांव के ही दो भाई विकास और राकेश ने दिल्ली में फर्जी तरीके से अपने आधार का पता बदलवाकर 17-18 बैंक खाते और सिमकार्ड ले लिए। इन सभी का संचालन शाहिद व शाहरुख को दे दिया। बाद में इनको ठगी के लिए इस्तेमाल किया गया।