स्कूल प्रिंसिपल की करतूतों से उठा पर्दा, गरीब बच्चे बने शिकार
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प्रतिष्ठित निजी स्कूलों में फर्जी दस्तावेज से ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिला रैकेट की जांच में बुधवार को नया खुलासा सामने आया है। रैकेट सरगना मुकेश शर्मा ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह बाल भारती स्कूल, रोहिणी की प्रधानाचार्या मीनू गोस्वामी के सीधे संपर्क में था।
उसने बाल भारती में करीब 35 से 40 दाखिला करवाए थे और सभी में प्रधानाचार्या की सीधी भूमिका थी। सभी दाखिले उसने पैसे देकर व लेकर करवाए हैं। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि मीनू गोस्वामी से पुलिस ने करीब छह घंटे पूछताछ की।
पुलिस को मीनू के खिलाफ काफी सबूत मिल चुके हैं। उनके खिलाफ तकनीकी जांच की जा रही है। जिसमें बैंक खातों की जांच भी शामिल है। गोस्वामी ने पूछताछ में मुकेश से किसी तरह का संबंध होने की बात से पूरी तरह इनकार किया।
एसडीएम ऑफिस पहुंचे स्कूल
पुलिस सूत्रों ने दावा है कि गोस्वामी पर जल्द ही गाज गिर सकती है। ईडब्ल्यूएस कोटे से दाखिला मामले में कई और प्रतिष्ठित प्राइवेट स्कूलों के प्रधानाचार्यों की भूमिका सीधे तौर पर सामने आ रही है। पुलिस प्रधानाचार्यों व दाखिलों से जुडे़ स्कूल स्टाफ के खिलाफ सबूत एकत्रित करने में लगी हुई है और जांच कर रही है।
ईडब्ल्यूएस कोटे के दाखिले में धांधली का मामला सामने आने के बाद स्कूल अलर्ट हो गए हैं। स्कूल अब खुद अपने यहां हुए इस कोटे के दाखिले में जमा प्रमाण पत्रों की जांच कराने पहुंच रहे है। उत्तर पश्चिमी जिले के डीएम ने खुद इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों के प्रमाणपत्रों की जांच जारी है।
डीएम संजय गोयल ने बताया कि सबसे पहले हमने ही इस संबंध में छापेमारी की थी। पुलिस से एफआईआर करने को कहा था। मगर पुलिस ने दो बार शो काज नोटिस जारी करने के बाद एफआईआर कर अब गिरफ्तारी की है। कुछ स्कूलों ने खुद उनसे प्रमाण पत्रों की जांच के लिए संपर्क किया है।
स्कूल ऐसे कर सकते है जांच
स्कूल चाहे तो खुद दिल्ली सरकार की ई-एसएलएल (ई-सर्विस लेवल एंग्रीमेट) की वेबसाइट पर जाकर प्रमाण पत्र की जांच कर सकते है। हर सर्टिफिकेट पर एक नंबर होता है।
उस नंबर को ई-एसएलए की वेबसाइट पर जाकर डालने से उसकी पूरी डिटेल आ जाती है। वह किसके नाम पर है। उसका पता क्या है और वह कब जारी हुआ है।
अगर रिकॉर्ड नहीं मिला तो इसका मतलब है वहा उस ऑफिस से जारी नहीं हुआ है। फिर अगर स्कूल दोबारा जांच करना चाहे तो वह उस सर्टिफिकेट की फोटोकॉपी एसडीएम ऑफिस भेजे।