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सेफ्टी टैंक से जोड़ रखा था रसोई और बाथरूम का कनेक्शन, ऐसे हुई 4 लोगों की मौत

Sun, 16 Jul 2017 10:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 16 Jul 2017 10:21 AM IST
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  four sanitation workers died in septic tank in delhi
septic tank incident

टैंक की सफाई करने के दौरान चार लोगों की मौत मामले में बिल्डिंग बना रहे ठेकेदार व मकान मालिक की बड़ी लापरवाही सामने आई है। रेनवाटर हारवेस्टिंग (वर्षा जल संजय) टैंक में रसोई और बाथरूम का कनेक्शन जोड़ा हुआ था। माना रहा है कि इसी कारण टैंक में जहरीली गैस बन गई। 

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सबसे बड़ी लापरवाही ये भी सामने आई है कि सफाईकर्मियों को टैंक के बारे में कुछ नहीं बताया गया था। उन्हें सिर्फ रेन वाटर हारवेस्टिंग के बारे में बताया गया था। इस बिल्डिंग केमालिक दिल्ली केबड़े व्यवसायी बताए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस सोच समझकर कदम उठा रही है। 
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दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घिटोरनी में जहां ये चार मंजिला बिल्डिंग बनी है वह धनी आबादी वाला इलाका है। यहां पर ज्यादातर पीजी बने हुए हैं और कामकाजी युवक व युवतियां रहते हैं। इस बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर ही रेन वाटर हारवेस्टिंग टैंक बना हुआ है। 
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जानकारों का कहना है कि टैंक में सिर्फपानी होता तो जहरीली गैस नहीं बनती। पुलिस को जांच में पता लगा कि टैंक में रसोई व बाथरूम का कनेक्शन जोड़ा हुआ था। इससे गंदा पानी व अन्य मलबा टैंक में जा रहा था। पुलिस ने फिलहाल मलबे आदि केसैंपल ले लिए हैं। टैंक से गैस के सैंपल एक-दो दिन में उठाए जाएंगे।       

सफाईकर्मियों को फोन कर बुलाया गया था। टैंक को साफ करने का जिम्मा स्वर्ण सिंह ने लिया था। स्वर्ण सिंह की मौत हो चुकी है, जबकि उसका बेटा घायल है। स्वर्ण सिंह को नहीं बताया गया था कि टैंक से रसोई व बाथरूम का कनेक्शन जोड़ा हुआ था। पुलिस इस बात कभी जांच कर रही है कि ऐसा तो नहीं है कि इस टैंक को सेफ्टी टैंक बना रखा हो। टैंक में सबसे पहले एक व्यक्ति उतरा था। कुछ देर बार टैंक से कोई आवाज नहीं आई तो दूसरा सफाईकर्मी नीचे गया। पहले वाला व्यक्ति बेहोश पड़ा था। 

दूसरे से जब वह नहीं उठा तो उसने तीसरे को नीचे बुलाया। नीचे जाते ही दूसरे व तीसरे बेहोश हो गए। जब चौथी उन्हें देखने नीचे गया तो वह भी बेहोश हो गया। पांचवे ने चौथे को खींचने की कोशिश की तो वह भी बेहोश हो गया। जब सफाईकर्मी मौत के मुंह में समा रहे थे उस समय मौके पर काफी लोग एकत्रित थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि वह डर केचलते कुछ नहीं कर पाए और उनके सामने चार लोगों की मौत हो गई।

एक अस्पताल में भर्ती, जांच में जहरीली गैस से जान जाने का अंदेशा       

  four sanitation workers died in septic tank in delhi
septic tank incident

वसंतकुंज (साउथ) इलाके के घिटोरनी में टैंक की सफाई करने उतरे चार सफाई कर्मियों की शनिवार सुबह मौत हो गई। अस्पताल में भर्ती पांचवें सफाई कर्मी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। शुरूआती जांच में पता लगा है कि टैंक में मौजूद जहरीली गैस से सभी की मौत हुई है।  पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम करवाने के लिए एम्स में रखवा दिया है।  वसंतकुंज (साउथ) थाना पुलिस लापरवाही से हुई मौत का मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है।  इस बात की भी जांच कर रही है कि टैंक में कौन सी गैस थी, जिससे सफाई कर्मियों की मौत हुई।      

दक्षिण जिला डीसीपी ईश्वर सिंह ने बताया कि जीरो रोड, घिटोरनी में मेहता फार्म है। ये व्यवसायी जितेंद्र मेहता का है। इस बिल्डिंग में निर्माण का काम चल रहा है। शनिवार सुबह छत्तरपुर पहाड़ी से पांच सफाई कर्मियों को बिल्डिंग के वाटर हारवेस्टिंग (वर्षा जल संचय) टैंक को साफ करने के लिए बुलाया गया। इसमें पहले दो मजदूर उतरे और वह टैंक में उतरते ही बेहोश हो गए। इसके बाद दो और उन्हें बचाने उतरे और वह भी बेहोश होकर टैंक में गिर पड़े। इन्हें बचाने के चक्कर में पांचवां भी बेहोश हो गया। 

डीसीपी ने बताया कि 10.43 बजे पुलिस व फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी गई। जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी  मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने सभी सफाई कर्मियों को बाहर निकाला। इनमें तीन को फोर्टिस, एक-एक को एम्स ट्रामा सेंटर व सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने इनमें से स्वर्ण सिंह (45) पुत्र भगत सिंह, दीपू (28) पुत्र बीरबल दुबे, अनिल कुमार (23) पुत्र ज्ञानचंद और बलविंदर उर्फ बिल्लू (32) पुत्र सतनाम को मृत घोषित कर दिया। स्वर्ण सिंह का बेटा जसपाल फोर्टिस अस्पताल में भर्ती है। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।  

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जसपाल पिता को बचाने के चक्कर में बेहोश हुआ था। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में भेज दिया है।  घटना के शिकार चार सफाई कर्मी अंबेडकर कॉलोनी, छत्तरपुर पहाड़ी के रहने वाले थे। दीपू रैन बसेरा में रहता था। मामले में शनिवार शाम तक कोई गिरफ्तार नहीं हुई है।  घटना के बाद छत्तरपुर पहाड़ी की अंबेडकर नगर कॉलोनी में मातम पसर गया है।      

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