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तकनीक: हूबहू बनेगा बिगड़ा चेहरा, दंत वैज्ञानिकों का चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाकुंभ सम्मेलन दिल्ली में आयोजित
Fri, 11 Nov 2022 01:25 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 11 Nov 2022 01:25 AM IST
सार
डॉ. वर्मा ने बताया कि भारतीय प्रोस्थोडोन्टिकस सोसाइटी की ओर से आयोजित सम्मेलन में दंत वैज्ञानिक 350 से अधिक विभिन्न दंत विकृतियों, उपचार, निदान संबंधी नवीनतम तकनीकों पर पेपर प्रस्तुत करेंगे।
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robotic surgery
- फोटो : amar ujala
विस्तार
दुर्घटना या कैंसर से नाक, कान, जबड़ा कटने, खोपड़ी की हड्डी और दांत के टूटने के बाद खराब चेहरे को दंत चिकित्सा की नई तकनीक कम समय में फिर से हूबहू बना रही है। सामान्य तरीके से इन्हें बनाने में काफी समय और पैसा लगता था। चेहरा भी पहले जैसा नहीं हो पाता था, लेकिन नई तकनीक से इनमें काफी सुधार आया है। नए तकनीक में रोबोटिक के माध्यम से कंप्यूटर पर डिजाइन बनाकर 3 डी प्रिंटिंग की मदद से नकली नाक, कान, आंख, जबड़ा, खोपड़ी के टूटी हड्डी, दांत को बनाया व लगाया जाता है। इस सर्जरी के बाद मरीज का चेहरा फिर से पहले जैसा हो जाता है।
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ऐसी ही कई अन्य तकनीकों पर चर्चा करने के लिए दिल्ली में दंत वैज्ञानिकों का चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाकुंभ सम्मेलन आयोजित किया गया है। सम्मेलन में दुनियाभर से छह हजार से अधिक दंत वैज्ञानिक जुटेंगे। सम्मेलन के बारे में आईपीयू के उपकुलपति व सम्मेलन के चेयरपर्सन पद्मश्री प्रो. निदेशक डॉ. महेश वर्मा ने बताया कि नई तकनीक की मदद से सर्जरी में सुधार आया है। इसमें मरीज जल्दी ठीक हो जाता है। उन्होंने कहा कि कैंसर व दुर्घटना के कारण मरीजों के नाक, कान, आंख को काटना पड़ जाता है। वहीं दांत और खोपड़ी की हड्डी टूट जाती है। ऐसे में दंत चिकित्सक नई तकनीक से फिर से चेहरे को हूबहू बना देता है।
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पेश किए जाएंगे शोध
डॉ. वर्मा ने बताया कि भारतीय प्रोस्थोडोन्टिकस सोसाइटी की ओर से आयोजित सम्मेलन में दंत वैज्ञानिक 350 से अधिक विभिन्न दंत विकृतियों, उपचार, निदान संबंधी नवीनतम तकनीकों पर पेपर प्रस्तुत करेंगे। सम्मेलन के लिए 250 दंत मेडिकल कॉलेजों के 3 हजार से अधिक बीडीएस, एमडीएस छात्रों ने पंजीकरण कराया है।
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नई तकनीक पर होगी चर्चा
सम्मेलन के अध्यक्ष प्रो. वी रंगाराजन ने बताया कि सम्मेलन में शोध पर चर्चा होगी। सचिव जांगाला हरि ने कहा कि डॉ. गैरी आर गोल्डस्टेन, डॉ. शंकर अय्यर अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी रोबोटिक सर्जरी पर अपने विचार रखेंगे। इस दौरान सर्जरी संबंधी जानकारियों का लाइव प्रदर्शन भी किया जाएगा।