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Delhi NCR News: गैस कनेक्शन काटने की धमकी देकर खातों से रकम निकालने वाले चार गिरफ्तार
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- चारों आरोपी झारखंड और पश्चिमी बंगाल से गिरफ्तार किए गए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने फेक गैस कनेक्शन/डिस्कनेक्शन स्कैम में शामिल संगठित साइबर जालसाजी सिंडिकेट का पर्दाफास करते हुए चार साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपियों मोहम्मद साहिल, मोहम्मद रहीम, मोहम्मद मोहसिन और मोहम्मद दिलशाद को झारखंड और पश्चिमी बंगाल से गिरफ्तार किया गया है।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि साइबर थानाध्यक्ष प्रवेश कौशिक को मिली एक शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। पीड़ित ने बताया कि उसे एक मोबाइल नंबर से मैसेज मिला कि उसका आईजीएल गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। उसे मदद के लिए दूसरे मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा गया। शिकायतकर्ता ने उस नंबर पर संपर्क किया तो जालसाजों ने उन्हें एक एपीके फाइल भेजी। एपीके एप्लीकेशन इंस्टॉल करने पर आरोपियों को बिना इजाज़त एक्सेस मिल गया और उन्होंने उसके बैंक अकाउंट और क्रेडिट कार्ड से 2.64 लाख की रकम फ्रॉड कर निकाल ली। जालसाजों ने ठगी की रकम से तुरंत महंगे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, गिफ्ट कार्ड और दूसरी चीजें खरीद लीं।
टीम को जांच में पता लगा कि पीड़ित के क्रेडिट कार्ड से दो मोबाइल फोन खरीदे गए थे। दोनों डिवाइस, डिलीवरी एड्रेस और उनसे जुड़ी डिटेल्स की जांच की गई। डिलीवरी डिटेल्स से पता चला कि डिवाइस शाहीन बाग, दिल्ली में एक फर्जी पते पर डिलीवर किए गए थे। डिलीवरी प्रोसेस के दौरान बताए गए मोबाइल नंबर कोलकाता और झारखंड से ऑपरेट हो रहे एक बड़े नेटवर्क से जुड़े पाए गए।
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दिल्ली में एक मोबाइल चलता मिला-
जांच में एक संदिग्ध मोबाइल नंबर शाहीनबाग में चालू पाया गया। नंबर का इस्तेमाल करने वाले आरोपी को शाहीन बाग की एक दुकान पकड़ लिया गया। यहां ये सेल्समैन के तौर पर काम कर रहा था। उसके मोबाइल फोन की जांच से कोलकाता में बैठे साइबर जालसाजों के साथ बातचीत का पता चला। इसने बताया कि वह साइबर जालसाजों की ओर से पार्सल लेता था और कमीशन के बदले उनके निर्देशों के अनुसार सामान कोलकाता भेज देता था। उसने बताया कि उसे ऑनलाइन डिलीवरी के ज़रिए सोने के सिक्के मिलते थे।
कोलकाता के ऑपरेटिव्स की गिरफ्तारी
जांच में खिद्दरपुर हब, कोलकाता में एक पार्सल का पता चला। पार्सल पाने वाले पश्चिम बंगाल निवासी आरोपी मोहम्मद साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी मोहम्मद साहिल से पूछताछ के आधार पर पश्चिमी बंगाल निवासी मोहम्मद रहीम को गिरफ्तार कर लिया गया।
झारखंड मॉड्यूल का पता चला
आगे की जांच में झारखंड निवासी मोहम्मद मोहसिन और मोहम्मद दिलशाद खरीदे गए डिवाइस को बेचने और साइबर फ्रॉड से हुई कमाई को संभालने का इंतज़ाम कर रहे थे। ठगी गई रकम का इस्तेमाल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मोबाइल फोन खरीदने, गिफ्ट कार्ड खरीदने, ऑनलाइन शॉपिंग ट्रांजेक्शन, बिचौलिए के अकाउंट/कार्ड के ज़रिए ट्रांसफर करने में किया गया था। इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने फेक गैस कनेक्शन/डिस्कनेक्शन स्कैम में शामिल संगठित साइबर जालसाजी सिंडिकेट का पर्दाफास करते हुए चार साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपियों मोहम्मद साहिल, मोहम्मद रहीम, मोहम्मद मोहसिन और मोहम्मद दिलशाद को झारखंड और पश्चिमी बंगाल से गिरफ्तार किया गया है।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि साइबर थानाध्यक्ष प्रवेश कौशिक को मिली एक शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। पीड़ित ने बताया कि उसे एक मोबाइल नंबर से मैसेज मिला कि उसका आईजीएल गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा। उसे मदद के लिए दूसरे मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा गया। शिकायतकर्ता ने उस नंबर पर संपर्क किया तो जालसाजों ने उन्हें एक एपीके फाइल भेजी। एपीके एप्लीकेशन इंस्टॉल करने पर आरोपियों को बिना इजाज़त एक्सेस मिल गया और उन्होंने उसके बैंक अकाउंट और क्रेडिट कार्ड से 2.64 लाख की रकम फ्रॉड कर निकाल ली। जालसाजों ने ठगी की रकम से तुरंत महंगे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, गिफ्ट कार्ड और दूसरी चीजें खरीद लीं।
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टीम को जांच में पता लगा कि पीड़ित के क्रेडिट कार्ड से दो मोबाइल फोन खरीदे गए थे। दोनों डिवाइस, डिलीवरी एड्रेस और उनसे जुड़ी डिटेल्स की जांच की गई। डिलीवरी डिटेल्स से पता चला कि डिवाइस शाहीन बाग, दिल्ली में एक फर्जी पते पर डिलीवर किए गए थे। डिलीवरी प्रोसेस के दौरान बताए गए मोबाइल नंबर कोलकाता और झारखंड से ऑपरेट हो रहे एक बड़े नेटवर्क से जुड़े पाए गए।
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दिल्ली में एक मोबाइल चलता मिला-
जांच में एक संदिग्ध मोबाइल नंबर शाहीनबाग में चालू पाया गया। नंबर का इस्तेमाल करने वाले आरोपी को शाहीन बाग की एक दुकान पकड़ लिया गया। यहां ये सेल्समैन के तौर पर काम कर रहा था। उसके मोबाइल फोन की जांच से कोलकाता में बैठे साइबर जालसाजों के साथ बातचीत का पता चला। इसने बताया कि वह साइबर जालसाजों की ओर से पार्सल लेता था और कमीशन के बदले उनके निर्देशों के अनुसार सामान कोलकाता भेज देता था। उसने बताया कि उसे ऑनलाइन डिलीवरी के ज़रिए सोने के सिक्के मिलते थे।
कोलकाता के ऑपरेटिव्स की गिरफ्तारी
जांच में खिद्दरपुर हब, कोलकाता में एक पार्सल का पता चला। पार्सल पाने वाले पश्चिम बंगाल निवासी आरोपी मोहम्मद साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी मोहम्मद साहिल से पूछताछ के आधार पर पश्चिमी बंगाल निवासी मोहम्मद रहीम को गिरफ्तार कर लिया गया।
झारखंड मॉड्यूल का पता चला
आगे की जांच में झारखंड निवासी मोहम्मद मोहसिन और मोहम्मद दिलशाद खरीदे गए डिवाइस को बेचने और साइबर फ्रॉड से हुई कमाई को संभालने का इंतज़ाम कर रहे थे। ठगी गई रकम का इस्तेमाल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से मोबाइल फोन खरीदने, गिफ्ट कार्ड खरीदने, ऑनलाइन शॉपिंग ट्रांजेक्शन, बिचौलिए के अकाउंट/कार्ड के ज़रिए ट्रांसफर करने में किया गया था। इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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