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दिल्ली : कोर्ट ने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा
Mon, 14 Sep 2020 08:21 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Mon, 14 Sep 2020 08:21 PM IST
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उमर खालिद
- फोटो : फाइल फोटो
जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दिल्ली हिंसा मामले में उन्हें सोमवार रात को स्पेशल सेल ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था।
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गिरफ्तारी के बाद महबूबा मुफ्ती, प्रशांत भूषण ने किया ट्वीट
जावहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रनेता उमर खालिद की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों से तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही है। विपक्षी नेताओं समेत समाज का बड़ा वर्ग उमर खालिद की गिरफ्तारी के विरोध में है। इनमें जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, प्रशांत भूषण आदि शामिल हैं। महबूबा मुफ्ती ने तो यहां तक कह दिया है कि कपिल मिश्रा और कोमल बाहर घूम रहे हैं और उमर व सफूरा जेल में हैं।
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महबूबा मुफ्ती ने अपने ट्वीट में कहा है कि भारत में किसको जेल होगी किसे नहीं यह अपराध नहीं धर्म तय करता है। यह कोई संयोग नहीं है कि उमर और सफूरा जेल में हैं तो कपिल और कोमल बाहर घूम रहे हैं।
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Umar Khalid's arrest by Delhi police after naming Yechury, Yogendra Yadav, Jayati Ghosh& Apoorvanand, leaves no doubt at all about the malafide nature of it's investigation into Delhi riots. It's a conspiracy by the police to frame peaceful activists in the guise of Investigation
— Prashant Bhushan (@pbhushan1) September 14, 2020
इस मामले पर प्रशांत भूषण ने भी ट्वीट किया है कि, दिल्ली पुलिस ने येचुरी, योगेंद्र यादव, जयती घोष और अपूर्वानंद का नाम लेने के बाद जिस तरह से उमर खालिद को गिरफ्तार किया है उसके बाद दिल्ली हिंसा में हो रही जांच की प्रकृति पर को शक शेष नहीं रह जाता। यह जांच के रूप में यह मासूम प्रदर्शनकारियों को फंसाने का पुलिस का षड्यंत्र है।