Delhi AC Blast: आग लगी तो बाथरूम में फंसे थे पूर्व आईएएस, धुएं से घुटा था दम; बेटा करता रहा था पिता की तलाश
दक्षिण दिल्ली के पॉश हौज खास इलाके में मकान में आग लगने से भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के पहले अध्यक्ष और पूर्व आईएएस धनेंद्र कुमार गर्ग (80) की मौत हो गई। उनका बेटा धुएं की चपेट में आने से गंभीर है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के पहले अध्यक्ष और पूर्व आईएएस धनेंद्र कुमार गर्ग बाथरूम में होने के वजह से आग में फंस गए थे। जब वह बाथरूम से बाहर निकले तो आग काफी फैल चुकी थी और चारों तरफ धुंआ ही धुंआ था।
जैसे ही वह बाथरूम से निकले धुंआ उनको परेशान करने लगा और वह सांस के साथ धुंआ भी अंदर खीचने लगे और वह बेहोश हो गए थे। इसीसे उनकी मौत हुई है। घटना उनके 80वें जन्मदिन से कुछ दिन पहले हुई, जबकि परिवार 30 मई को एक समारोह की तैयारी कर रहा था।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार बुधवार रात लगी इस आग में उनका बेटा गौरव भी गंभीर रूप से झुलस गया, जो जन्मदिन समारोह में शामिल होने के लिए विशेष रूप से लंदन से आया था। हरियाणा कैडर के 1968 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी कुमार विश्व बैंक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व कार्यकारी निदेशक भी रह चुके थे। हौज खास एन्क्लेव स्थित उनके घर में बुधवार देर रात आग लगने के बाद धुएं के कारण दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने मामला दर्ज किया
बेटा गौरव अभी अस्पताल में भर्ती है। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, 6 जून को कुमार का 80वां जन्मदिन था और उससे पहले 30 मई को रिश्तेदारों तथा करीबी परिचितों के लिए एक पारिवारिक समारोह था।
घटना के समय सोने की तैयारी कर रहे थे
पूर्व नौकरशाह धनेश कुमार के पिछले 14 वर्षों से प्रबंधक रहे अभिषेक रंजन ने बताया कि रात के भोजन के बाद सभी लोग सोने की तैयारी कर रहे थे। बेटा गौरव अपने कमरे में था, जबकि वह बाथरूम में थे। मैडम बैठक कक्ष में थीं। सबसे पहले घर के दो कर्मचारियों ने आग देखी। रंजन के अनुसार आग की शुरुआत संभवतः एयर कंडीशनर की इनडोर यूनिट में शॉर्ट सर्किट से हुई। सबसे पहले पर्दों में आग लगी और फिर उसके नीचे रखा सोफा जलने लगा। आग बहुत तेजी से भूतल पर फैल गई। रंजन ने बताया कि घरेलू कर्मचारियों ने व्हीलचेयर का इस्तेमाल करने वाली कुमार की पत्नी को बाहर निकाल लिया गया।
बेटा पिता की तलाश कर रहा था
पड़ोस में काम करने वाले रमेश सिंह ने बताया कि कुमार का बेटा धुएं में अपने पिता को तलाश रहा था। शुरुआत में धुएं के कारण अधिकारी का पता नहीं चल सका। बाद में वह बेहोशी की हालत में मिले और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। कुमार के एक पड़ोसी ने बताया कि नियमित गश्त पर निकले एक रात्रि प्रहरी ने आग देखी और पड़ोसियों को सूचना दी, जिसके बाद लोग आग बुझाने में मदद के लिए पहुंचे।
बेटा गौरव अस्पताल में एडमिट, 48 घंटे निगरानी में
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूर्व नौकरशाह का बेटा गौरव 48 घंटे की निगरानी में अस्पताल में भर्ती है। उसे जब अस्पताल से छुट्टी मिलेगी तभी धनेश कुमार के शव का पोस्टमार्टम होगा। साथ ही उनकी छोटी बेटी भी दिल्ली आ जाएगी।
एक बेटी अमेरिका में रहती है
कुमार अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और अमेरिका में रहने वाली एक बेटी को छोड़ गए हैं। रंजन ने कुमार को संवेदनशील और अनुशासित व्यक्ति बताते हुए कहा कि वह कर्मचारियों के साथ भी परिवार जैसा व्यवहार करते थे।