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5 करोड़ की अचल संपत्ति में फंसे पूर्व चीफ इंजीनियर
अरुण चट्ठा, अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 30 Sep 2017 05:03 PM IST
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गाजियाबाद के सिंचाई विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर सुधीर कुमार शर्मा अचल संपत्ति के मामले में फंस गए हैं। सुधीर शर्मा करीब तीन महीने बाद भी पांच करोड़ से अधिक के निवेश पर आयकर विभाग को ठोस जवाब नहीं दे पाए हैं।
ऐसे में आयकर ने उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे पहले मौजूदा सर्किल रेट के हिसाब से उनकी सभी संपत्तियों की वास्तविक कीमत का आंकलन कराया जा रहा है। आयकर विभाग ने 16 जून को मेरठ में तैनात रहे सुधीर शर्मा के ठिकानों पर छापामारी की थी। उनके नोएडा स्थित फ्लैट से करीब 12 लाख रुपये की नगदी, 59 लाख की ज्वैलरी और करीब छह शहरों में निवेश के कागजात हाथ लगे थे।
मौके पर करीब दो लाख रुपये की नगदी का परिजन हिसाब-किताब दे पाए थे। ऐसे में शेष 10 लाख रुपये और समस्त ज्वैलरी को जब्त कर सील कर लिया। जब्त कागजात की जांच से आयकर विभाग को नोएडा, गाजियाबाद, हरिद्वार और मेरठ में निवेश का पता चला।
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सूत्रों के मुताबिक परिवार की पैतृक संपत्ति से अर्जित आय और अन्य सभी परिजनों की आय से खरीदी गई संपत्तियों का ब्योरा मांगा गया था, लेकिन पांच करोड़ के निवेश (अचल संपत्ति) का कोई हिसाब किताब नहीं दे पाए हैं। यह सारा निवेश बेटे, पत्नी और पुत्रवधू के नाम पर किया है। उधर, आयकर विभाग अचल संपत्ति के मामले में जल्द ही शासन को भी रिपोर्ट भेजने की तैयारी में है।
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ऐसे में आयकर ने उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे पहले मौजूदा सर्किल रेट के हिसाब से उनकी सभी संपत्तियों की वास्तविक कीमत का आंकलन कराया जा रहा है। आयकर विभाग ने 16 जून को मेरठ में तैनात रहे सुधीर शर्मा के ठिकानों पर छापामारी की थी। उनके नोएडा स्थित फ्लैट से करीब 12 लाख रुपये की नगदी, 59 लाख की ज्वैलरी और करीब छह शहरों में निवेश के कागजात हाथ लगे थे।
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मौके पर करीब दो लाख रुपये की नगदी का परिजन हिसाब-किताब दे पाए थे। ऐसे में शेष 10 लाख रुपये और समस्त ज्वैलरी को जब्त कर सील कर लिया। जब्त कागजात की जांच से आयकर विभाग को नोएडा, गाजियाबाद, हरिद्वार और मेरठ में निवेश का पता चला।
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सूत्रों के मुताबिक परिवार की पैतृक संपत्ति से अर्जित आय और अन्य सभी परिजनों की आय से खरीदी गई संपत्तियों का ब्योरा मांगा गया था, लेकिन पांच करोड़ के निवेश (अचल संपत्ति) का कोई हिसाब किताब नहीं दे पाए हैं। यह सारा निवेश बेटे, पत्नी और पुत्रवधू के नाम पर किया है। उधर, आयकर विभाग अचल संपत्ति के मामले में जल्द ही शासन को भी रिपोर्ट भेजने की तैयारी में है।