{"_id":"69aef0f2e3bea609c5015417","slug":"forest-department-changes-tree-transplantation-rules-now-geo-tagged-photos-are-mandatory-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-127070-2026-03-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: वन विभाग ने पेड़ ट्रांसप्लांटेशन नियमों में किया बदलाव, अब जियो-टैग्ड फोटो जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: वन विभाग ने पेड़ ट्रांसप्लांटेशन नियमों में किया बदलाव, अब जियो-टैग्ड फोटो जरूरी
विज्ञापन
-नई गाइडलाइंस के अनुसार, पेड़ ट्रांसप्लांट करने से पहले, रूट बॉल तैयार करते समय, ट्रांसपोर्ट के दौरान और ट्रांसप्लांटेशन के तुरंत बाद कम से कम तीन अलग-अलग एंगल से तस्वीरें ली जानी चाहिए
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के वन और वन्यजीव विभाग ने पेड़ ट्रांसप्लांटेशन के नियमों में बदलाव करते हुए डीपीटीए ई-फॉरेस्ट पोर्टल पर जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करना अनिवार्य कर दिया है। इसका मकसद ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों की सही जगह और उनकी स्थिति को बेहतर ढंग से मॉनिटर करना है। नई गाइडलाइन के अनुसार, पेड़ ट्रांसप्लांट करने से पहले, रूट बॉल तैयार करते समय, ट्रांसपोर्ट के दौरान और ट्रांसप्लांटेशन के तुरंत बाद कम से कम तीन अलग-अलग एंगल से तस्वीरें ली जानी चाहिए। यूजर एजेंसियां और संबंधित लोग पोर्टल पर हर स्टेज की डिटेल और अधिकतम तीन फोटो अपलोड करेंगे।
आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, ट्रांसप्लांट के बाद पेड़ों की हालत पर निगरानी बनाए रखने के लिए तीन महीने के गैप पर जियो-टैग्ड फोटो अपडेट जमा करना जरूरी होगा। यह अपडेट 36 महीने तक जारी रहेगा, ताकि अधिकारियों को पेड़ों की बढ़वार और स्वास्थ्य का पूरा रिकॉर्ड मिल सके। पोर्टल एजेंसियों को ट्रांसप्लांटेशन साइट की केएमएल फाइल, साइट की फोटो, खर्च की डिटेल और अन्य संबंधित जानकारी अपलोड करने की भी अनुमति देता है। इससे अधिकारियों को पेड़ों की सही लोकेशन और समय के साथ उनकी प्रगति ट्रैक करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
वन और वन्यजीव विभाग ने वेस्ट, सेंट्रल, नॉर्थ और साउथ डिवीजन के अधिकारियों से कहा है कि वे पेड़ ट्रांसप्लांटेशन परमिशन से जुड़ी सभी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करें। साथ ही, नए फॉर्म के काम करने के तरीके पर सात दिनों के अंदर फीडबैक दें। अधिकारियों ने कहा कि यह बदलाव ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों की मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग को और मजबूत बनाएगा और भविष्य में पेड़ों की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन में मदद करेगा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के वन और वन्यजीव विभाग ने पेड़ ट्रांसप्लांटेशन के नियमों में बदलाव करते हुए डीपीटीए ई-फॉरेस्ट पोर्टल पर जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करना अनिवार्य कर दिया है। इसका मकसद ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों की सही जगह और उनकी स्थिति को बेहतर ढंग से मॉनिटर करना है। नई गाइडलाइन के अनुसार, पेड़ ट्रांसप्लांट करने से पहले, रूट बॉल तैयार करते समय, ट्रांसपोर्ट के दौरान और ट्रांसप्लांटेशन के तुरंत बाद कम से कम तीन अलग-अलग एंगल से तस्वीरें ली जानी चाहिए। यूजर एजेंसियां और संबंधित लोग पोर्टल पर हर स्टेज की डिटेल और अधिकतम तीन फोटो अपलोड करेंगे।
विज्ञापन
आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, ट्रांसप्लांट के बाद पेड़ों की हालत पर निगरानी बनाए रखने के लिए तीन महीने के गैप पर जियो-टैग्ड फोटो अपडेट जमा करना जरूरी होगा। यह अपडेट 36 महीने तक जारी रहेगा, ताकि अधिकारियों को पेड़ों की बढ़वार और स्वास्थ्य का पूरा रिकॉर्ड मिल सके। पोर्टल एजेंसियों को ट्रांसप्लांटेशन साइट की केएमएल फाइल, साइट की फोटो, खर्च की डिटेल और अन्य संबंधित जानकारी अपलोड करने की भी अनुमति देता है। इससे अधिकारियों को पेड़ों की सही लोकेशन और समय के साथ उनकी प्रगति ट्रैक करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
वन और वन्यजीव विभाग ने वेस्ट, सेंट्रल, नॉर्थ और साउथ डिवीजन के अधिकारियों से कहा है कि वे पेड़ ट्रांसप्लांटेशन परमिशन से जुड़ी सभी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करें। साथ ही, नए फॉर्म के काम करने के तरीके पर सात दिनों के अंदर फीडबैक दें। अधिकारियों ने कहा कि यह बदलाव ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों की मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग को और मजबूत बनाएगा और भविष्य में पेड़ों की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन में मदद करेगा।