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प्रगति मैदान में प्रदूषण की दोहरी मार झेल रहे विदेशी मेहमान, मास्क लगाकर काम कर रहे हैं कारोबारी
अरुण कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 14 Nov 2018 07:31 AM IST
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मास्क लगाकर जाते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी की बिगड़ी आबोहवा और प्रगति मैदान में चल रहे पुनर्विकास कार्यों के चलते दर्शकों को प्रदूषण की दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। विदेशी मेहमानों में पहले से ही दिल्ली की प्रदूषित हवा का खौफ बरकरार है।
वहीं, इस बार प्रगति मैदान के प्रवेश द्वारों से मेले तक पहुंचने के लिए शटल सेवाएं नहीं चलेंगी। इसके चलते दर्शकों को करीब एक किमी पैदल चलकर मेले तक पहुंचना होगा।
आईटीपीओ के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक प्रगति मैदान में इस बार जगह कम होने के कारण मेले में प्रवेश करने के रास्ते भी संकरे हो गए हैं। फिर भी प्रशासन दर्शकों की परेशानी को देख दूसरा विकल्प देने की तैयार कर रहा है।
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सूत्रों की मानें तो शटल सर्विस के बजाए छोटे ई-वाहन चलाकर दर्शकों को प्रवेश द्वारों से मेले तक पहुंचाया जा सकता है। हालांकि इस बारे में अभी औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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वहीं, इस बार प्रगति मैदान के प्रवेश द्वारों से मेले तक पहुंचने के लिए शटल सेवाएं नहीं चलेंगी। इसके चलते दर्शकों को करीब एक किमी पैदल चलकर मेले तक पहुंचना होगा।
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आईटीपीओ के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक प्रगति मैदान में इस बार जगह कम होने के कारण मेले में प्रवेश करने के रास्ते भी संकरे हो गए हैं। फिर भी प्रशासन दर्शकों की परेशानी को देख दूसरा विकल्प देने की तैयार कर रहा है।
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सूत्रों की मानें तो शटल सर्विस के बजाए छोटे ई-वाहन चलाकर दर्शकों को प्रवेश द्वारों से मेले तक पहुंचाया जा सकता है। हालांकि इस बारे में अभी औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।
मंगलवार को प्रगति मैदान पहुंचे कारोबारी प्रदूषण के चलते मास्क पहने दिखाई दिए। मेले की तैयारी में जुटे थाईलैंड के ज्वेलरी कारोबारी किआती गुल ने बताया कि उन्हें यहां पर सांस लेने में परेशानी हो रही है, इसलिए वह मास्क पहनकर ही अपना काम निपटा रहे हैं।
उनकी टीम के लोग भी मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं अफगानिस्तान के कारोबारी अब्दुल हामिद ने बताया कि पुनर्विकास के काम के चलते आसपास धूल का गुब्बार है।
इससे उन्हें सांस लेने में परेशानी महसूस हो रही है। इसलिए वह भी मास्क लगाकर ही सारा काम करेंगे। उधर, आईटीपीओ प्रबंधन भी प्रगति मैदान के हॉल्स में एयर प्यूरिफायर लगाने के बारे में विचार कर रहा है।
उनकी टीम के लोग भी मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं अफगानिस्तान के कारोबारी अब्दुल हामिद ने बताया कि पुनर्विकास के काम के चलते आसपास धूल का गुब्बार है।
इससे उन्हें सांस लेने में परेशानी महसूस हो रही है। इसलिए वह भी मास्क लगाकर ही सारा काम करेंगे। उधर, आईटीपीओ प्रबंधन भी प्रगति मैदान के हॉल्स में एयर प्यूरिफायर लगाने के बारे में विचार कर रहा है।