गाजियाबाद में टला नोएडा जैसा हादसा: लिफ्ट में 25 मिनट फंसे रहे दो बच्चों समेत पांच लोग, सीढ़ी लगाकर निकाला
सोसायटी निवासी सत्य प्रकाश ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे दसवीं मंजिल के 1004 फ्लैट नंबर से बुजुर्ग दंपती सवार हुए थे। लिफ्ट जब छठे मंजिल पर पहुंची तो यहां 604 नंबर फ्लैट से दो बच्चे और एक महिला पार्किंग में जाने के लिए सवार हो गए। लिफ्ट भूतल पर रुकने की बजाया माइनस दो में चली गई।
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गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन की चार्म्स कैसल सोसायटी के डी टावर में गुरुवार को अचानक लिफ्ट खराब होने से करीब 25 मिनट तक दो बच्चे और दो बुजुर्ग फंसे रहे। इंटरकॉम काम नहीं करने पर लिफ्ट से मोबाइल पर फोन करने पर लोगों ने लिफ्ट का दरवाजा तोड़कर लकड़ी की सीढ़ी लगाकर सभी को बाहर निकाला। लोगों में बिल्डर के खिलाफ गुस्सा है। एनसीआर में बार-बार ऐसे हादसों से भी सोसाटियों का प्रबंधन सबक नहीं ले रहा है। इससे पहले तीन अगस्त को नोएडा में सेक्टर-137 स्थित पारस टियेरा सोसाइटी में बड़ा हादसा हुआ था। जिसमें 50 मिनट तक लिफ्ट में फंसने से सुशीला देवी (70) की मौत हो गई थी।
सोसायटी निवासी सत्य प्रकाश ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे दसवीं मंजिल के 1004 फ्लैट नंबर से बुजुर्ग दंपती सवार हुए थे। लिफ्ट जब छठे मंजिल पर पहुंची तो यहां 604 नंबर फ्लैट से दो बच्चे और एक महिला पार्किंग में जाने के लिए सवार हो गए। लिफ्ट भूतल पर रुकने की बजाया माइनस दो में चली गई।
यहां गेट लॉक हो गया। गेट जब नहीं खुला तो लिफ्ट में लगे इंटरकॉम के बटन को प्रेस किया लेकिन गेट नहीं खुला। 15 मिनट तक जब गेट नहीं खुला तो सभी ने शोर मचाना शुरू किया। मौके पर गार्ड पहुंचे लेकिन गेट नहीं खोल पाए। इसके बाद लकड़ी की सीढ़ी मंगाई गई और और किसी तरह सभी को बाहर निकाला गया। बुजुर्ग और बच्चों की हालत घबराहट से खराब हो गई। शाम तक सभी में दहशत रही। लोगों में बिल्डर के खिलाफ रोष है। 21 अगस्त को निवासी सोसायटी मेंटनेंस दफ्तर पर तालाबंदी करेंगे।
आठ महीने पहले हुई थी लिफ्ट की मेंटेनेंस
सोसायटी निवासी वैभव का कहना है कि करीब आठ महीने पहले लिफ्ट की मरम्मत कराई गई थी। आए दिन लिफ्ट सोसायटी के किसी न किसी टावर फंसती रहती है। कई बार बिल्डर से मेंटेनेंस समय पर कराने के लिए कहा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक लिफ्ट संचालन के लिए ऑपरेटर तक की व्यवस्था नहीं है।