डीएचबीवीएन पर 500 करोड़ रुपये के केबल घोटाला का लगा आरोप, जांच करवाने की मांग
आरटीआई कार्यकर्ता वरूण श्योकंद ने बिजली निगम अधिकारियों पर प्रदेश के सात जिलों में 500 करोड़ रुपये का केबल घोटाले का आरोप लगाया है। उनका कहना है यह बात पिछले दिनों निगम के निदेशक एसके बंसल की ओर से करवाया केबल जांच में सामने आई है। यही केबल फरीदाबाद और गुरूग्राम में बिछाई जा रही है, लेकिन इसकी कोई जांच नहीं करवाई जा रही।
सेक्टर-12 स्थित एक निजी होटल में आयोजित प्रेसवार्ता में आरटीआई कार्यकर्ता ने कहा कि बिजली विभाग की ओर से म्हारा गांव जगमग गांव, आईपीडीएस, दीनदयाल उपाध्याय योजनाओं के तहत पलवल, हिसार, सिरसा, रेवाड़ी, भिवाड़ी, जींद, फतेहाबाद, फरीदाबाद और गुरूग्राम के ग्रामीण इलाकों में बिजली की ब्लैक केबल का जाल बिछाया जा रहा है।
कुछ माह पूर्व उन्हें जानकारी मिली की गांव में बिछाई जा रही बिजली की केवल नकली है। इसकी शिकायत बिजली निगम निदेशक एसके बंसल से की और मामले की जांच की मांग भी की। उन्होंने विभाग से 7 जिलों की केबल की जांच करवाई, मगर फरीदाबाद और गुरूग्राम के अधिकारियों की उच्च अधिकारियों के साथ मिलीभगत होने के कारण यहां जांच रुकवा दी गई।
प्रदेश के सात जिलों में की गई केबल की जांच रिपोर्ट में केबल गुणवत्ता में फेल पाई गई। इसकी एवज में बिजली विभाग की ओर से ठेकेदार को भुगतान भी कर दिया गया। उन्होंने कहा बिजली विभाग अधिकारियों की मिली भगत का एक मामला दो दिन पहले भी सामने आया है। उन्होंने विभाग के जेई प्रेम सिंह और एसडीओ जवाहर पर आरोप लगाया कि दोनों अधिकारियों की मिली भगत से सेक्टर 76 की एक सोसायटी को चोरी से बिजली दी जा रही है।
सोसायटी के बाहर 100 केवी का ट्रांसफार्मर लगाकर फ्लेट धारकों से सरेआम वसूली की जा रही है। इसकी शिकायत स्टेट विजिलेंस से की गई, मगर छापेमारी से पहले विजिलेंस टीम ने जेई को इसकी सूचना दे दी। इससे मौके पर सब कुछ सही मिला। प्रेसवार्ता में मौजूद बाबा रामकेवल और डॉ. ब्रह्मदत्त ने कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन की बात करती है, वहीं बिजली विभाग स्वंय सीएम मनोहर लाल के पास है और उसमें ही घोटाला हो रहा है।