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पेट्रोलियम मंत्रालय में सेंध, गुप्त सूचनाएं लीक

Fri, 20 Feb 2015 02:17 PM IST
Updated Fri, 20 Feb 2015 02:17 PM IST
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Five held by Delhi Police for leaking documents of Oil Ministry

पेट्रोलियम मंत्रालय में सेंधमारी के सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने कारपोरेट कंपनियों के लिए कथित जासूसी के इस मामले में तेल मंत्रालय के दो अधिकारियों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

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पुलिस मान रही है कि ये लोग वर्षों से पेट्रोलियम मंत्रालय की अहम सूचनाएं निजी एनर्जी कंसलटेंसी और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को लीक कर रहे थे। ऐसे में मामले में किसी बड़ी साजिश से इनकार नहीं किया जा रहा है।
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पुलिस पता लगा रही है कि इन लोगों ने क्या-क्या गोपनीय सूचनाएं किन-किन कंपनियों को लीक की हैं। माना जा रहा है कि इस मामले में कई बड़े नामों व कंपनियों की संलिप्तता सामने आ सकती है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मामले को गंभीर बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

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इस तरह हुआ मामले का खुलासा

Five held by Delhi Police for leaking documents of Oil Ministry

दिल्ली पुलिस के मुताबिक मंत्रालय में फर्जी स्टीकर, आईडी व चाबियों के साथ प्रवेश पाए दो पूर्व कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद इस मामले का खुलासा हुआ।

पुलिस ने इनके पास से गोपनीय दस्तावेज की प्रतियां भी बरामद की हैं और उनके साथ कार चालक को भी गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर पेट्रोलियम मंत्रालय के दो अधिकारियों आशाराम और ईश्वर सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर रही है।

दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने बृहस्पतिवार शाम को पुलिस मुख्यालय में इस मामले की जानकारी दी। बस्सी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि दो लोग अपने साथियों के साथ मिलकर पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय, शास्त्री भवन में जरूरी सूचनाएं चुरा रहे हैं।

ऐसे करते थे सूचनाएं लीक

Five held by Delhi Police for leaking documents of Oil Ministry

17 फरवरी की रात को ये लोग शास्त्री भवन आने वाले हैं। सूचना के बाद रात के समय शास्त्री भवन में इंडिगो कार में आए तीन लोगों, ललिता प्रसाद, राकेश कुमार व राजकुमार चौबे को चुराए गए दस्तावेजों के साथ दबोच लिया गया। ललिता व राकेश दोनों सगे भाई हैं। दोनों ने बताया कि वे 2012 में मंत्रालय में अस्थायी एमटीएस (मल्टी टास्किंग स्टाफ) थे। बाद में उन्हें हटा दिया गया था। राजकुमार कार चालक बताया जा रहा है। इनमें राकेश, आशाराम, ललिता और ईश्वर सिंह दिल्ली के रहने वाले हैं, जबकि राजकुमार गाजियाबाद के वैशाली का रहने वाला है।


मंत्रालय में अस्थायी मल्टी टास्किंग स्टाफ की नौकरी से निकाले जाने के बाद दोनों भाइयों ललिता व राकेश ने अपने पिता आशाराम और अन्य शख्स ईश्वर के साथ मिलकर मंत्रालय से दस्तावेज चुराना शुरू कर दिया। आशाराम और ईश्वर सिंह दोनों ही मंत्रालय में स्थायी एमटीएस हैं। मंत्रालय में अंदर तक अपनी पहुंच की वजह से दफ्तर की नकली चाबी इनके पास मौजूद थी। इसके अलावा इन लोगों ने कार पर मंत्रालय भवन में प्रवेश करने का भारत सरकार का नकली स्टीकर भी बनवा लिया।

बाद में बड़ी आसानी से दस्तावेजों की फोटो स्टेट कराकर निजी कंपनियों को मुहैया कराने लगे। माना जा रहा है कि मोटी रकम के लालच में यह गुप्त सूचनाएं लीक करते थे। पुलिस ने इन चारों समेत कार चालक राजकुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है।

इनके पास से ये सामान हुआ बरामद

Five held by Delhi Police for leaking documents of Oil Ministry

मंत्रालय के दफ्तर की नकली चाबियां, नकली स्टीकर लगी इंडिगो कार, चुराए गए दस्तावेज मिले हैं पेट्रोलियम मंत्री के मुताबिक यह गंभीर मामला है।

गिरफ्तार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सुरक्षा के लिए मंत्रालय में सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं।

वहीं पुलिस कमिश्नर का कहना है कि गोपनीय दस्तावेज की फोटो स्टेट की जाती थी और फिर पैसे लेकर इन प्रतियों को ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों और कुछ निजी कंसलटेंट को दे दिया जाता था। मामले में किसी बड़ी साजिश से इनकार नहीं किया जा सकता है।

पुलिस को आशंका कई सालों से चल रहा है गोरखधंधा

Five held by Delhi Police for leaking documents of Oil Ministry

दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आया पांच लोगों का मॉड्यूल अकेला नहीं है। पुलिस आशंका जता रही है कि इसी तरह के कई अन्य मॉड्यूल मंत्रालय से सूचनाएं चुरा रहे हैं।

हालांकि शुरूआती जांच में आरोपियों का यह ही कहना है कि वह रुपयों की खातिर गुप्त दस्तावेज चोरी कर रहे हैं, लेकिन पुलिस किसी बड़ी साजिश या जासूसी की बात से इंकार नहीं कर रही है।

मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए अपराध शाखा के वरिष्ठ पुलिस इस तरह के मॉड्यूलों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। शुरूआती जांच के बाद सूत्र बताते हैं कि पिछले कई सालों से मंत्रालय में दस्तावेजों को चुराने का काम चल रहा था। इस मामले में पुलिस एक पत्रकार से भी पूछताछ कर रही है।

कई गैंग हो सकते हैं सूचनाएं चुराने में शामिल

Five held by Delhi Police for leaking documents of Oil Ministry

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक दबोचे गए ललिता प्रसाद व राकेश कुमार दोनों सगे भाई हैं। दोनों ने कई साल नौकरी करने के बाद 2012 में अपनी नौकरी छोड़ दी थी। दोनों ने पुलिस को बताया पिता के साथ मिलकर उन लोगों ने मंत्रालय से दस्तावेज चुराना शुरू किए।

दोनों ने लंबे समय तक काम किया था इसकी वजह से वह मंत्रालय के कोने-कोने से वाकिफ थे। दोनों ने पिता आशाराम व अन्य शख्स ईश्वर की मदद से कार के एंट्री पास व नकली आईडी बनवा ली।

इसके बाद वह लगातार रात के समय नकली चाबियों की मदद से दस्तावेज चुराने लगे। पिछले कई सालों से यह सिलसिला लगातार जारी था। पुलिस सूत्रों की मानें तो पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में सेंध लगाने की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, वैसे कई छोटे-बड़े नामों का खुलासा होना लगभग तय माना जा रहा है।

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