फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   five bureaucrats of Odisha accused in sexually exploiting with girl students

5 नौकरशाहों पर छात्राओं के यौन शोषण का आरोप, जांच CBI के विशेष दल को सौंपने की मांग

Thu, 19 Apr 2018 09:40 AM IST
धीरज कुमार बेनीवाल, नई दिल्ली
धीरज कुमार बेनीवाल, नई दिल्ली Updated Thu, 19 Apr 2018 09:40 AM IST
विज्ञापन
five bureaucrats of Odisha accused in sexually exploiting with girl students

स्कूली छात्राओं के यौन शोषण का रैकेट देश के कई शहरों में चल रहा है। राजधानी स्थित ओडिशा भवन में स्कूली छात्राओं के यौन शोषण का आरोप ओडिशा के कई वरिष्ठ नौकरशाहों पर लगाया गया है।

विज्ञापन


हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पूरे मामले की जांच सीबीआई के विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने की मांग की गई है। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है। हाईकोर्ट में दायर याचिका में ओडिशा निवासी सुभाष मोहपात्रा ने दावा किया है कि ओडिशा में स्कूली छात्राओं के यौन शोषण का बहुत बड़ा रैकेट चल रहा है।
विज्ञापन


इन्हें अगवा कर ओडिशा के अलावा गोवा, दिल्ली आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र ले जाया जाता है। वहां सरकारी अधिकारी व रसूखदार लोग उनका यौन शोषण करते हैं। इस पूरे रैकेट के पीछे राज्य के पांच वरिष्ठ नौकरशाह हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिवक्ता संजय सहगल व तरुण नारंग के जरिये दायर याचिका में दावा किया गया है कि इस सैक्स रैकेट की खबरें ओडिशा के एक दैनिक समाचार पत्र ने 22 अक्तूबर 2014, 12 व 13 नवंबर 2014 को प्रकाशित की थीं। मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस के खुफिया विभाग को भी थी, लेकिन वरिष्ठ नौकरशाहों के इसमें शामिल होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई।

five bureaucrats of Odisha accused in sexually exploiting with girl students

याचिका में समाचार पत्र में पहले पन्ने पर छपी खबर का हवाला देते हुए कहा गया है कि भुवनेश्वर के खांडागिरी हिल पर स्थित एक गेस्ट हाउस में स्कूली छात्राओं को ले जाकर यौन शोषण किया जाता है।

इन लड़कियों की मोबाइल से वीडियो बनाए जाते हैं, ताकि आगे भी धमकाकर शोषण किया जा सके। याची ने जांच का दावा करते हुए कहा कि इन लड़कियों व उनके परिजनों को धमकाया गया था।

इसके बाद उसने 11 अप्रैल 2015 को खांडागिरी पुलिस को शिकायत दी, जिसे लेने से मना कर दिया गया। इसके बाद याची ने 20 अप्रैल 2015 को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया। शिकायत पर आयोग ने करीब एक माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की।

इसके बाद याची को आयोग की वेबसाइट से जानकारी मिली कि उसकी शिकायत पर दोबारा संज्ञान लेकर ओडिशा राज्य आयोग को जांच सौंप दी गई है, जबकि आयोग ऐसा नहीं कर सकता था।

याची का कहना है कि हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज की अगुवाई में सीबीआई की एसआईटी से इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए, क्योंकि इसमें वरिष्ठ नौकरशाह शामिल हैं। इस मामले में केंद्र सरकार व महिलाओं और बच्चों के लिए काम करने वाले आयोग को भी पार्टी बनाया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed