फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   First time in India, mobile van will identify the exact causes of air pollution in Delhi

जानलेवा वायु प्रदूषण के सटीक कारणों की पहचान करेगी ये मोबाइल वैन, दिल्ली में सबसे पहले होगी इस्तेमाल

Fri, 12 Feb 2021 05:52 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 12 Feb 2021 05:52 PM IST
सार

  • मोबाइल वैन को अलग-अलग इलाकों में खड़ा कर प्रदूषण के सटीक कारणों की पहचान हो सकेगी
  • सरकार संबंधित कारणों के आधार पर प्रदूषण पर कर सकेगी नियंत्रण

विज्ञापन
First time in India, mobile van will identify the exact causes of air pollution in Delhi
pollution in delhi ncr - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

दिल्ली में ठंड के दिनों में प्रदूषण अपने चरम पर पहुंच जाता है। इससे कई इलाकों में बेहद गंभीर स्थिति बन जाती है और लोगों का सांस लेना तक दूभर हो जाता है। लेकिन अब आईआईटी कानपुर में विकसित किए गए विशेष मोबाइल वैन के जरिए किसी भी इलाके के प्रदूषण के बिल्कुल सटीक कारणों की पहचान की जा सकेगी। इससे सरकार उन कारणों पर रोक लगाकर प्रदूषण का स्तर कम कर सकेगी। इस मोबाइल वैन को जल्दी ही दिल्ली सरकार इस्तेमाल की इजाजत देगी।

विज्ञापन

कैसे करेगा काम

मोबाइल वैन में वायु प्रदूषण के सभी प्रमुख कारकों को पहचानने वाले उपकरण लगे होंगे। इससे संबंधित जगह पर पीएम 2.5, पीएम 10 सहित अन्य धूल कणों, कार्बन डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड सहित अन्य हानिकारक गैसों और तैलीय कणों की मात्रा की सही जानकारी पाई जा सकेगी। ये मोबाइल वैन न सिर्फ प्रदूषण के कारणों की पहचान करने में सक्षम होंगे, बल्कि उनका विश्लेषण कर विशेषज्ञ यह भी बता सकेंगे कि प्रदूषण का मूल स्रोत क्या है।

विज्ञापन


स्रोत की सटीक पहचान हो जाने के बाद सरकार उस पर रोक लगाकर संबंधित क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर कम कर सकेगी। अगर प्रदूषण का कारण स्थानीय है तो उस पर तत्काल लगाम लगाई जा सकेगी, जबकि प्रदूषण का कारण बाहरी होने पर संबंधित सरकार या एजेंसी से बातचीत कर प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सकेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

द एनर्जी एंड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (टेरी) के निदेशक डॉक्टर सुमित शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि इस मोबाइल वैन में मेटल एनालाइजर, कार्बन एनालाइजर और आयन एनालाइजर लगे होंगे, जो प्रदूषण स्तर की सटीक मात्रा और उसके कारणों की जानकारी देंगे। इसके अलावा पॉली एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन की भी पहचान की जाएगी।


उनके मुताबिक संबंधित आंकड़ों का विश्लेषण कर एक एयर क्वॉलिटी मॉडल बनाया जा सकेगा। इसके तहत यह बात पता की जा सकेगी कि प्रदूषण का कारण स्थानीय है या बाहरी। स्थानीय कारण होने पर सरकार तुरंत उस पर लगाम लगाने में सक्षम होगी, जबकि बाहरी कारण होने पर संबंधित एजेंसी का सहयोग लेकर इस पर लगाम लगाई जा सकेगी।

कितना कम होगा प्रदूषण

ठंड में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर अपने अधिकतम स्तर पर पहुंच जाता है। यह 500 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर से लेकर 999 अंक तक पहुंच जाता है। (सामान्य मानकों में इससे ज्यादा मात्रा को प्रदर्शित करने की क्षमता नहीं होती।) लेकिन पूरे वर्ष के औसत में यह 180-200 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक रहता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस तकनीकी का इस्तेमाल कर प्रदूषण स्तर को 80-100 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक लाया जा सकेगा। हालांकि, यह प्रदूषण की प्रकृति और इसके कारण के स्थानीय या बाहरी होने पर भी निर्भर करेगा।

दिल्ली देश में पहला शहर

इस तकनीक के प्रयोग से दुनिया के अनेक विकसित देशों में प्रदूषण स्तर पर लगाम लगाई जाती है। अलग-अलग क्षेत्रों को केवल हरित ऊर्जाचालित क्षेत्र, कम उत्सर्जन या जीरो उत्सर्जन क्षेत्र घोषित कर लोगों को प्रदूषण मुक्त माहौल उपलब्ध कराया जाता है। भारत में इस तकनीकी को आईआईटी कानपुर के द्वारा उपयोग में लाया जा रहा है। संस्थान की आईआईटी दिल्ली स्थित एक यूनिट में इसी तरह के वैन के जरिए प्रदूषण के विभिन्न कारणों की पहचान की जाती है।



दिल्ली देश का पहला ऐसा शहर है जो इस तकनीक का उपयोग कर पूरे शहर को स्वच्छ बनाने की दिशा में काम कर रहा है। दिल्ली के लिए इस योजना को आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मुकेश शर्मा के नेतृत्व में आगे बढ़ाया जाएगा जबकि आईआईटी दिल्ली और टेरी इस कार्य में उसका तकनीकी सहयोग करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed