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होटल अर्पित अग्निकांड : जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा, आग से बचाव के लिए नहीं थे माकूल इंतजाम
Fri, 15 Feb 2019 10:44 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 15 Feb 2019 10:44 PM IST
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hotel arpit palace
- फोटो : फाइल फोटो
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करोल बाग के होटल अर्पित पैलेस में लगी आग से 17 लोगों की हुई मौत के मामले की जांच रिपोर्ट उत्तरी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में अग्निशमन के लिए इंतजामों को नाकाफी बताते हुए इसमें लापरवाही बरतने का भी खुलासा हुआ है। आग से बचाव के माकूल इंतजाम न होने की वजह से यहां ठहरने वाले 17 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि एमसीडी से लाइसेंस हासिल करने में पांचवीं मंजिल पर निर्मित किचन की जानकारी को छिपाया गया। होटल में नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं।
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चार दिन पहले करोल बाग में लगी आग की घटना के बाद सभी विभागों ने अपने-अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी। उत्तरी निगम ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी केशवपुरम जोन की उपायुक्त ईरा सिंघल को सौंपी। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि आग लगने के बाद न तो वहां से निकलने के लिए उपयुक्त जगह थी और न ही अग्निशमन के नियमों का पालन किया गया। होटल के अंदर ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी और खिड़कियां बंद होने की वजह से अधिकतर लोगों का दम घुटने के बाद जलने से मौत हुई।
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एमसीडी की ओर से जारी किए जाने वाले किचन लाइसेंस के लिए ग्राउंड फ्लोर के लिए अनुमति ली गई थी, लेकिन नियमों की अनदेखी करते हुए पांचवीं मंजिल पर धड़ल्ले से किचन का संचालन किया जा रहा था। 2007 में विशेष क्षेत्र का दर्जा मिलने के बाद निर्माण को लेकर फिलहाल जांच चल रही है।
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अनदेखी करने वालों पर कसेगा शिकंजा
होटल में चूंकि आग संबंधी नियमों की अनदेखी का खुलासा हुआ है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम की ओर से जल्द ही उन परिसरों पर कार्रवाई की जाएगी, जहां अग्निशमन के लिए तय मानकों की अनदेखी की गई है। दिल्ली फायर सर्विस की ओर से होटलों व अन्य वाणिज्यिक परिसरों को नोटिस देने के बाद एमसीडी की भी उन पर निगाहें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों परिसरों की पहचान के बाद उन पर सीलिंग की कार्रवाई भी की जाएगी।
करोल बाग के होटल में लगी आग से संबंधित जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है। इसमें अधिकतर कमियां अग्निशमन से संबंधित थीं, जबकि एमसीडी की ओर से किचन के लिए लाइसेंस जारी किए जाते हैं, बावजूद इसके अन्य पहलुओं की भी छानबीन की जा रही है।
-वर्षा जोशी, आयुक्त, उत्तरी दिल्ली नगर निगम