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झांसी मेडिकल में आग... नोएडा में अलर्ट : कई सरकारी अस्पतालों की अग्निशमन व्यवस्था में खामियां, इंतजाम अधूरे
Sun, 17 Nov 2024 06:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 17 Nov 2024 06:51 AM IST
सार
विभाग की टीम ने शनिवार को नोएडा-ग्रेनो के चार बड़े सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण किया।
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जिला अस्पताल की सीढ़ियों वाले गेट पर ताला लगा है।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झांसी के मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 10 बच्चों की मौत के बाद जिले में अग्निशमन विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग की टीम ने शनिवार को नोएडा-ग्रेनो के चार बड़े सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान चाइल्ड पीजीआई, जिला अस्पताल व ईएसआई अस्पताल में अग्निशमन सुरक्षा में कई खामियां मिलीं। वहीं, जिम्स में स्थिति बेहतर थी। ऐसे में विभाग ने तीनों अस्पतालों को जल्द सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कहा है।
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मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे के नेतृत्व में चारों अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा की जांच की गई। इनमें चाइल्ड पीजीआई में स्मोक सिस्टम खराब मिला। फायर इंस्टींग्यूशर व पंप ठीक थे, लेकिन पानी की लीकेज थी। अस्पताल प्रबंधन ने नियमों की अवहेलना कर मॉकड्रिल भी नहीं कराई थी। फायर अफसर की तैनाती भी नहीं की गई थी। निकासी के लिए साइनेज भी नहीं लगे थे। इसी तरह जिला अस्पताल में अग्निशमन उपकरण खस्ताहाल मिले और कुछ एक्सपायर भी थे। आपातकालीन सीढि़यों के रास्ते बंद मिले। वहीं, ईएसआईसी अस्पताल में भी कई तरह की अग्निशमन सुरक्षा की खामियां मिलीं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि चाइल्ड पीजीआई, जिला व ईएसआई अस्पताल में कई खामियां मिली हैं, इन्हें ठीक कराने के लिए कहा गया है।
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जिला अस्पताल के रास्ते ब्लॉक
जिला अस्पताल में कई निकासी द्वारों व सीढि़यों पर सामान रखा हुआ है। ऐसे में किसी हादसे के दौरा जान बचाकर भागना भी मुश्किल हो जाएगा। निकास द्वार व गैलरी में फर्नीचर रखा हुआ है। तीसरी मंजिल पर स्त्री एवं प्रसूति रोग और बच्चों से संबंधित वार्ड बने हैं। यहां अग्निशमन यंत्र तो ठीक मिले, लेकिन बगल के रास्ते के गेट पर जंजीर और ताला लगा मिला।
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एक साल पहले एक्सपायर हुए उपकरण
अमर उजाला की टीम ने भी जिला अस्पताल के अग्निशमन उपकरणों की पड़ताल की तो बहुत सारे खस्ताहाल मिले। आठवीं मंजिल पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकतर अधिकारियों के कार्यालय हैं। यहां चार अग्निशमन उपकरण एक साल पहले ही एक्सपायर हो गए थे। इनकी समयसीमा 4 नवंबर 2022 से लेकर 3 नवंबर 2023 तक थी। आलम यह है कि जिला अस्पताल की आठ मंजिला इमारत में सात मंजिल तक वार्षिक मेंटेनेंस का ठेका थर्ड पार्टी से है, लेकिन 8वीं मंजिल के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
पिछले साल 103 अस्पतालों में मिली थीं खामियां
वर्ष 2023 में अग्निशमन विभाग की टीम ने 164 अस्पतालों का निरीक्षण किया था। इनमें से 103 अस्पतालों में अग्निशमन सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं थे। सबसे अधिक खामियां छोटे अस्पतालों में मिली थीं। जिला अस्पताल में भी कई कमियां सामने आईं थीं।
अग्निशमन विभाग से जिला अस्पताल की फायर सेफ्टी को लेकर ऑडिट कराया है। इस आधार पर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-डॉ सुनील कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी