दिल्ली: प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी भीषण आग से 17 की मौत, पीड़ितों को मुआवजे का ऐलान
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रोहिणी के बवाना औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार एक के बाद एक तीन फैक्टरी में भीषण आग लग गई। सेक्टर-5 स्थित पटाखा फैक्टरी में लगी आग में 17 लोगों की मौत हो गई। वहीं तीन अन्य घायल हुए है। हादसे के बाद केजरीवाल सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख मुआवजे का ऐलान किया है, वहीं घायलों के लिए एक लाख मुआवजा देने की बात कही है। मामले में फैक्ट्री मालिक को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस की मानें तो कुछ लोग आग में झुलसने के डर से तीसरी मंजिल से नीचे कूद गए, जिसकी वजह से कई की जान चली गई। देर रात तक आग पर काबू पाए जाने के प्रयास जारी थे।
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इधर प्लास्टिक और कारपेट फैक्टरी में लगी आग पर काबू पा लिया गया। तीनों जगहों पर 40 से अधिक दमकल की गाडिय़ों को लगाया गया।
Deeply anguished by the fire at a factory in Bawana. My thoughts are with the families of those who lost their lives. May those who are injured recover quickly: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) January 20, 2018
एक साथ 17 लोगों की मौत की सूचना मिलते ही दमकल के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जिला पुलिस उपायुक्त व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद थे। मरने में कई महिलाएं भी शामिल हैं। चीफ फायर ऑफिसर अतुल गर्ग ने 17 लोगों की मौत की पुष्टि कर दी है।
शाम 6:20 पर लगी थी आग
दमकल विभाग के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शाम करीब 6.20 बजे एफ-90 सेक्टर-5 बवाना औद्योगिक क्षेत्र में पटाखा बनाने की फैक्टरी में आग लग गई।
आग इतनी तेजी से फैली के किसी को बचने का मौका भी नहीं मिला। देखते ही देखते आग ने बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर व पहली मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय वहां भारी संख्या में मजूदर काम कर रहे थे।
कुछ ने तो भागकर अपनी जान बचा ली, लेकिन कई लोग अंदर ही फंस गए। खबर मिलते ही दमकल की 30 गाडिय़ों को मौके पर भेजा गया। पीसीआर और कैट्स की एंबुलेंस भी मौक पर पहुंच गई।
स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर इक्कठा हो गई। लोग अपने परिजनों की तलाश में वहां पहुंचे थे। भीड़ नियंत्रण करने के लिए पुलिस बल बुलाना पड़ा।
इधर आग की वजह से कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। जिससे कुछ घायल हो गए, जबकि कुछ की मौत की खबर है।
7 महिलाओं की मौत
रात करीब 9.45 बजे तक 17 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी। जिनमें करीब सात महिलाएं भी शामिल थीं। घायलों को आसपास के अस्पतालों में भेजा गया, वहीं मृतकों के शवों को अंबेडकर अस्पताल भेज दिया गया है।
हादसे की खबर मिलते ही आपदा प्रबंधन के अलावा सिविल डिफेंस व कई एनजीओ के सदस्य राहत कार्य के लिए मौके पर पहुंच गए। देर रात को आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन वहां उस पर कूलिंग का काम जारी था।
इधर सेक्टर-1 स्थित कारपेट बनाने की फैक्टरी में आग लगी थी। यहां दमकल की 10 गाडिय़ों ने आग पर काबू पाया, वहीं शाम 7.35 बजे सेक्टर-3 स्थित प्लास्टिक की फैक्टरी मेें भी आग लग गई।
यहां दमकल की 12 गाडिय़ों को भेजा गया। इन दोनों आग में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। पुलिस मामले की छानबीन कर आग के कारणों का पता लगाने का प्रयास रही है।
दिल्ली में आग से मौत के कुछ मामले
पटाखा फैक्टरी में आग लगी थी। इसमें धुंआ होने से काफी लोग बेहोश हो गये और फिर आग में झुलस गये। अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। एक व्यक्ति खुद को बचाने के लिए छत से नीचे छलांग लगा दी थी। उसका पैर टूट गया है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। अभी तक आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।
-अतुल गर्ग, चीफ फायर ऑफिसर
दिल्ली में आग से मौत के कुछ मामले
. 23 दिसंबर 2017 : दिल्ली के मेट्रो हार्ट एंड कैंसर अस्पताल में लगी आग, 84 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे अस्पतालों में भेजा गया।
. 12 दिसंबर 2017: निहाल विहार इलाके में आग लगने से 15 साल की बेटी व मां की मौत, ढाई माह की बच्ची समेत तीन झुलसे।
. 05 नवंबर 2017: बाड़ा हिंदू राव इलाके में एलपीजी रिसाव के बाद घर में लगी आग, बुजुर्ग व बच्ची की मौत, आठ अन्य झुलसे।
. 07 जुलाई 2017: पूर्वी दिल्ली की दिलशाद कालोनी में जन्मदिन पार्टी के दौरान घर में लगी आग, चार की मौत, कई अन्य झुलसे।