{"_id":"5a5dd4674f1c1b8f268b4bd6","slug":"kamala-mills-fire-mojo-bistro-co-owner-yug-tuli-sent-to-police-custody-till-january-20","type":"story","status":"publish","title_hn":" कमला मिल्स हादसा: मोजो बिस्ट्रो पब के मालिक युग टुली 20 जनवरी तक पुलिस हिरासत में ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
कमला मिल्स हादसा: मोजो बिस्ट्रो पब के मालिक युग टुली 20 जनवरी तक पुलिस हिरासत में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 16 Jan 2018 04:02 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
कमला मिल्स आग हादसा मामले में मोजो बिस्ट्रो के सह मालिक युग टुली को भोईवाडा कोर्ट ने 20 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेजा है। इससे पहले मंगलवार सुबह मुंबई पुलिस ने उन्हे अपनी गिरफ्त में लिया था। बता दें कि इससे पहले रविवार ( 7 जनवरी) को मोजो बिस्ट्रो पब के मालिक युग पाठक को 12 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया था।
गौरतलब है कि इस मामले में अवैध रूप से चल रहे पब में आग लगने से 14 लोगों की मौत हुई थी जिसके बाद पब मालिक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया था। इस हादसे को लेकर आई रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि आग अवैध रूप से चल रहे हुक्का बार के कारण लगी थी। यह खुलासा फायर बिग्रेड की एक रिपोर्ट ने किया है।
विज्ञापन
रिपोर्ट बताती है कि आग पहले मोजो पब में लगी और फिर बाद में उससे लगे वन एबॉव पब तक पहुंच गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग के समय मोजो के रेस्तरां में हुक्का परोसा गया था। जिसके बाद यह आग लग गई। जबकि रेस्तरां में शराब और हुक्का परोसने की इजाजत नहीं थी। इसके बावजूद भी यह धंधा अवैध रूप से चलाया जा रहा था।
विज्ञापन
#KamalaMillsFire Yug Tuli, co-owner of Mojo Bistro sent to police custody till January 20 by Bhoiwada Court, #Mumbai
— ANI (@ANI) January 16, 2018विज्ञापन
गौरतलब है कि इस मामले में अवैध रूप से चल रहे पब में आग लगने से 14 लोगों की मौत हुई थी जिसके बाद पब मालिक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया था। इस हादसे को लेकर आई रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि आग अवैध रूप से चल रहे हुक्का बार के कारण लगी थी। यह खुलासा फायर बिग्रेड की एक रिपोर्ट ने किया है।
विज्ञापन
रिपोर्ट बताती है कि आग पहले मोजो पब में लगी और फिर बाद में उससे लगे वन एबॉव पब तक पहुंच गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग के समय मोजो के रेस्तरां में हुक्का परोसा गया था। जिसके बाद यह आग लग गई। जबकि रेस्तरां में शराब और हुक्का परोसने की इजाजत नहीं थी। इसके बावजूद भी यह धंधा अवैध रूप से चलाया जा रहा था।