फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The history of Shivaji Maharaj is the foundation of the country's cultural consciousness

शिवाजी महाराज का इतिहास देश की सांस्कृतिक चेतना का आधार : डॉ. सुधांशु त्रिवेदी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2026 09:02 PM IST
विज्ञापन
सांसद बोले इतिहास को पराजय के नजरिये से नहीं, संघर्ष व विजय की परंपरा से देखना होगा
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन और विरासत में मुख्य अतिथि व राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि शिवाजी महाराज का इतिहास केवल किसी राजा या मराठा शक्ति की गाथा नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास, स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना का आधार है।
उन्होंने कहा कि इतिहास को केवल पराजय और गुलामी के नजरिये से देखने के बजाय भारतीय समाज के संघर्ष, प्रतिरोध और विजय की परंपरा को भी समझना चाहिए। शिवाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज्य की अवधारणा स्थापित कर स्वाभिमान और आत्मविश्वास पैदा किया, जो आगे चलकर राष्ट्रीय आंदोलनों की नींव बनी।
विज्ञापन

उन्होंने जेएनयू कुलगुरु प्रो. शांतिश्री पंडित के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में सकारात्मक बदलावों की सराहना की और कहा कि एक समय जेएनयू गलत कारणों से चर्चा में था, अब वह सकारात्मक पहलुओं के लिए भी जाना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed