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पीएम मोदी को चिट्ठी लिख लगाई थी मदद की गुहार, अब स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंची नन्हीं अनन्या की पुकार

Thu, 06 Dec 2018 09:09 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 06 Dec 2018 09:09 AM IST
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father who wrote to pm modi for help now heard by health minister nadda ananya will be treated now
दिल की बीमारी से पीड़ित अनन्या - फोटो : अमर उजाला

एक साल तक अपनी बच्ची को लेकर धक्के खा रहे लाल बहादुर यादव के चेहरे पर अब मुस्कान है और जहन में राहत भी। दरअसल, अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के संज्ञान लेने के बाद एम्स प्रबंधन ने खुद फोन करके लाल बहादुर यादव को दिल्ली आकर इलाज कराने का आमंत्रण दिया है।

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लाल बहादुर यादव की 15 नवंबर, 2017 को बेटी हुई थी, लेकिन जन्म से ही वह पल्मोनरी अट्रीश बीमारी से ग्रस्त होने के कारण उसके रक्त में ऑक्सीजन काफी कम पहुंच रही थी।
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डॉक्टरों के अनुसार, सर्जरी करना जरूरी है, लेकिन लाचार पिता फैजाबाद से पहले लखनऊ, फिर रायपुर और मुंबई तक धक्के खाने के बाद एम्स आया और यहां उसे नवंबर 2020 में आकर ऑपरेशन कराने की सलाह मिली। उसने डॉक्टरों से विनती भी की, लेकिन ज्यादा भीड़ का हवाला दिया गया।

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इसके बाद अमर उजाला ने पीड़ित पिता और हर दिन नीली पड़ती जा रही मासूम अनन्या की पीड़ा बुधवार को उजागर की, जिस पर तत्काल स्वास्थ्य मंत्री ने संज्ञान लिया।

आनन-फानन में एम्स के अधिकारियों ने लाल बहादुर से संपर्क किया और उन्हें शुक्रवार को निदेशक कार्यालय में आकर मिलने का आमंत्रण दिया। बताया जा रहा है कि एम्स जल्द ही मासूम का ऑपरेशन कर उसे संजीवनी देगा।

विकल्प निकालना चाहिए
एम्स के एक वरिष्ठ ह्दयरोग विशेषज्ञ का कहना है कि प्रोटोकॉल के अनुसार मंत्री जी के निर्देशों का पालन होना चाहिए, लेकिन एम्स में बढ़ती भीड़ के कारण ही मरीजों को लंबी तारीख मिलती है। इस दिशा में भारत सरकार, एम्स प्रबंधन और स्वास्थ्य मंत्रालय को सटीक विकल्प निकलना चाहिए, क्योंकि कई शिशु अभी भी हार्ट सर्जरी के लिए इंतजार में हैं। इन्हें इलाज नहीं मिला तो इनकी जान भी संकट में आ सकती है।

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