Delhi: फादर्स डे के दिन पिता ने काटा बेटी का गला, शादी की जिद्द पर हुआ था विवाद; बिहार का रहने वाला है परिवार
हत्यारोपी पिता फादर्स डे के दिन बेटी को समझाने के लिए कैब में बैठाकर सुनसान जगह ले गया लेकिन जब उसने जिद्द नहीं छोड़ी तो पिता ने ड्राइवर की मदद से उसका गला काट डाला।
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दिल्ली कंझावला इलाके में दूसरी जाति के लड़के से शादी करने की जिद पर पिता ने 21 साल की बेटी की पेपर कटर से गला रेतकर हत्या कर दी। आरोपी बेटी को समझाने के बहाने कैब से सुनसान जगह पर ले गया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को खेत में छोड़कर फरार हो गया। कैब नंबर के जरिए पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे घटना के 12 घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से पुलिस ने पेपर कटर बरामद कर लिया है।
पुलिस को कंझावला के चांदपुर गांव के खेत में एक युवती का शव पड़ा मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि युवती के गले और पेट पर गहरे जख्म थे। पुलिस ने क्राइम और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने वहां छानबीन करने के बाद कुछ साक्ष्य हासिल किए। आस पास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि एक शख्स युवती को एक कैब से लेकर आया था और फिर कुछ देर बाद वहां से फरार हो गया। कंझावला थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर कई टीमें बनाकर जांच शुरू की। पुलिस ने आस पास लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की। सीसीटीवी कैमरे के जरिए पुलिस ने कैब का नंबर हासिल कर उसके चालक तक पहुंच गई।
पुलिस ने कैब को जब्त कर उसके चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पता चला कि वह अगर नगर प्रेम नगर निवासी नंद किशोर को लेकर वहां गया था। उसके साथ उसकी बेटी भी थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने नंद किशोर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में नंद किशोर ने बताया कि मृत युवती उसकी बेटी थी। वह दूसरी जाति के लड़के से शादी करना चाहती थी। इससे नाखुश परिवार वालों ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह जिद पर अड़ी रही। इससे परेशान होकर उसने बेटी की हत्या की साजिश रची और रविवार को बेटी को नरेला से लाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी इलाके में ही कांच फिटिंग का काम करता था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कैब चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उसकी संलिप्तता पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दो माह पहले ही बिहार से दिल्ली लाया था
पुलिस ने बताया कि आरोपी नंद किशोर मूलत: मुजफ्फरपुर बिहार का रहने वाला है। उसकी बेटी मुजफ्फरपुर स्थित अपने गांव में रहती थी। वहां वह दूसरी जाति के एक लड़के के संपर्क में थी। परिवार वालों ने उसे कई बार उस लड़के से मिलने से मना किया, लेकिन उसने उनकी नसीहत को नजरअंदाज कर दिया। करीब दो माह पहले नंद किशोर अपनी बेटी को लेकर दिल्ली आ गया। कुछ दिन वह पिता के साथ रही फिर वह नरेला में रहने वाले अपने भाई के साथ रहने लगी। इस दौरान वह देर रात तक फोन से उस लड़के से बात करती रहती थी। इससे परेशान होकर उसके भाई ने पिता को इस बात की जानकारी दी।