फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Father’s Day 2025 Father set an example by playing a dual role in real life

Father’s Day 2025: अकेले पिता, मां सा प्यार... असल जिंदगी में दोहरी भूमिका निभाते सुपर डैड; पढ़ें खास रिपोर्ट

Sun, 15 Jun 2025 07:44 AM IST
विजय पुंडीर सिमरन, अमर उजाला, नई दिल्ली
सिमरन, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sun, 15 Jun 2025 07:44 AM IST
सार

पिता समाज के वे गुमनाम नायक हैं, जो निस्वार्थ भाव से अपने बच्चों को मां सा दुलार और पिता सा संबल दोनों देते हैं। इन पिताओं की कहानियां सिर्फ संघर्ष की नहीं, बल्कि अदम्य प्रेम, असीम धैर्य और अटूट संकल्प की दास्तान हैं।

विज्ञापन
Father’s Day 2025 Father set an example by playing a dual role in real life
Father’s Day 2025 - फोटो : Freepik

विस्तार

हर बच्चे के लिए मां का प्यार और पिता की छत्रछाया जीवन की सबसे बड़ी ताकत होती है। लेकिन, जब जिंदगी एक मां को उनके बच्चों और पति से छीन लेती है, तो कुछ पिता बच्चों के लिए दोनों की भूमिका निभाते हुए अनमोल मिसाल कायम करते हैं।

विज्ञापन

पिता समाज के वे गुमनाम नायक हैं, जो निस्वार्थ भाव से अपने बच्चों को मां सा दुलार और पिता सा संबल दोनों देते हैं। इन पिताओं की कहानियां सिर्फ संघर्ष की नहीं, बल्कि अदम्य प्रेम, असीम धैर्य और अटूट संकल्प की दास्तान हैं। इनकी कहानियां बताती हैं कि प्यार, देखभाल और समर्पण किसी लिंग भेद का मोहताज नहीं होता। ये सिखाती हैं कि परिवार का मतलब सिर्फ एक ढांचा नहीं, बल्कि रिश्तों का वह पवित्र ताना-बाना है, जहां प्रेम और बलिदान से हर कमी को पूरा किया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इन पिताओं ने साबित किया है कि ममता सिर्फ मां के आंचल में नहीं होती, बल्कि एक पिता के मजबूत कंधों में भी उतनी ही गहराई से बसती है। इस विश्व पितृ दिवस पर कुछ ऐसे सुपर डैड की कहानी लेकर आए हैं, जिन्होंने पत्नी के जाने के बाद न केवल बच्चों का सहारा बने, बल्कि मां की तरह प्यार और देखभाल देकर उनकी जिंदगी को रोशन किया। 

विज्ञापन

बच्चों की मुस्कान मेरी सबसे बड़ी जीत  
दिमाग की बीमारी के चलते पत्नी का देहांत हो गया था और वो तब चल बसीं जब हमारी बेटी सिर्फ 5 साल की थी। वो दिन मेरी जिंदगी के सबसे मुश्किल दिन थे। अचानक से मैं अकेला पड़ गया, छोटी बच्ची और एक आम नौकरी। मुझे रात में उठकर उसे खाना खिलाना होता था, स्कूल के लिए तैयार करना होता था, और खुद भी काम पर जाना होता था। लोग कहते थे कि दूसरी शादी कर लो, पर मैंने नहीं की। एक लड़का भी है, वह भी बहुत छोटा था। मैं अपने बच्चों को वो प्यार देना चाहता था, जो उसकी मां उसे देती। आज वो सब बड़े हो गए हैं और मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैंने अपने बच्चों को हर वो खुशी दी है जो एक मां देती। उनकी मुस्कान मेरी सबसे बड़ी जीत है।  -बॉबी दीक्षित (40), निजी कंपनी में कर्मचारी 

बच्चे मेरे लिए सबकुछ, मैं उनका पिता भी हूं और उनकी मां भी   
पत्नी की मौत के बाद शुरुआत में तो समझ ही नहीं आया कि क्या करूं। घर का सारा काम, बच्चों की पढ़ाई, उनका ख्याल रखना, सब कुछ अकेले संभालना पड़ा। कई बार तो रात में काम से लेट आकर अपने छोटे बेटे को कहानियां सुनाते-सुनाते मैं खुद सो जाता था। मुझे बच्चों के लिए खाना बनाना भी सीखना पड़ा। यह आसान नहीं था, लेकिन जब मैं अपने बच्चों को खुश और निश्चिंत देखता था, तो सारी थकान और चिंताएं दूर हो जाती थीं। मैं उनका पिता भी हूं और उनकी मां भी। -रमन विश्वकर्मा (48), कैटरिंग का काम

पिता होना सिर्फ जिम्मेदारी नहीं बल्कि एक मौका 
मेरा लड़का सिर्फ 1.5 साल का था। हमारा तलाक पिछले साल मार्च 2024 में हुआ है। जब वह छोड़कर गई थी, तब मैं दिन में नौकरी करता था। ऐसे में मुझे अपने बच्चे को दिन के समय रिश्तेदारों के घर छोड़कर जाना पड़ता था। वह छोटा था, इसलिए मां की तरह जगकर सारी रात मुझे उसकी देखभाल करनी पड़ती थी। मैं उसे चम्मच से दूध पिलाता था। मौजूदा समय में मेरा बच्चा अब सात साल का हो गया है। पिता होना सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक मौका है। -राजेश (36), निजी कंपनी में कर्मचारी


यह भी पढ़ें: विश्व रक्तदाता दिवस : अमर उजाला फाउंडेशन का आह्वान- भीषण गर्मी में 5,060 लोगों ने किया महादान

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed