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नौसेना अफसर के पिता बोलेः बेटी पर नाज, मेरे लिए जिंदगी का सबसे खुशी का दिन
Tue, 22 Sep 2020 04:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 22 Sep 2020 04:15 AM IST
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कुमुदिनी त्यागी, इनसेट में पिता प्रवेश त्यागी...
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय नौसेना के हेलीकाप्टर बेडे़ में बतौर ऑब्जर्वर (महिला रणनीतिकार) चुनी गई कुमुदिनी त्यागी ने जिले का नाम रोशन किया है। संजय नगर सेक्टर-23 में रहने वाली कुमुदिनी के पिता प्रवेश त्यागी ने बताया कि एक पिता के लिए इससे बड़ा खुशी का दिन और क्या होगा, जब एक बेटी पर पूरा देश नाज कर रहा हो।
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अपनी आंखों के सामने बेटी को सपना पूरा करते हुए देख रहा हूं। उसने वह कर दिखाया जो कभी उसने बचपन से करने के बारे में सोचा था। कक्षा 10वीं से ही आर्म्ड फोर्स में जाने की जिद थी और उसी के लिए उसने दिनरात मेहनत की। काम से जब भी घर लौटा था तो मैंने हमेशा कुमुदिनी को पढ़ते हुए ही देखा था। आज वह मेहनत रंग ला रही है। चार दिन पहले ही उसने जानकारी दी थी कि उसे ऑब्जर्वर के तौर पर चुन लिया गया है लेकिन सोमवार को विधिवत तौर पर चुने जाने की खबर से बेहद खुशी हुई।
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कुमुदिनी के पिता सिक्योरिटी एजेंसी चलाते हैं। उनका कहना है कि बेटी ने 10वीं सेंट पॉल स्कूल राजनगर और 12वीं छबीलदास स्कूल से की। इसके बाद एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज से कंप्यूटर साइंस से बीटेक किया। बचपन से ही कुमुदिनी पढ़ने में होशियार रही हैं और अकसर एक ही बात कहती थीं कि पापा वर्दी की नौकरी करनी है वह भी ऊंचे पद पर, जिससे आपको नाज हो। उसका जो लक्ष्य था हमेशा मेहनत भी उसी हिसाब से की।
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बीटेक करने के बाद फोर्स में जाने की तैयारी में जुट गईं। लगन और कड़ी मेहनत के दम पर दिसंबर 2018 में नेवी के अंदर कमीशंड हासिल किया। यहीं से उसकी जिंदगी का नया दौर शुरू हुआ है। नौकरी ज्वाइन करने के बाद भी उसने अपनी इच्छाओं को खत्म नहीं होने दिया। नौकरी में भी कुछ नया करने में लगी रहीं। हमारी जब भी बात होती थी तो सवह यही बताती थी कि पापा पढ़ रही हूं। बस बीच में समय निकाल कर अपनी मां रीना त्यागी या परिवार के अन्य लोगों से बात कर लेती है।
मूलरूप से खरखौदा का रहने वाला है परिवार
कुमुदिनी का परिवार मूलरूप से खरखौदा (मेरठ) का रहना वाला है। दादा सुरेश चंद त्यागी पुलिस में सब इंस्पेक्टर थे, जिन्होंने 1985 में संजयनगर में ही अपना मकान बना लिया था, जिसके बाद से पूरा परिवार यहीं पर रहता है। प्रवेश त्यागी बताते हैं कि परिवार के बाकी लोग खरखौदा में रहते हैं, जिनके साथ आना-जाना रहता है। कुमुदिनी के छोटे भाई ने भी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से बीकॉम ऑनर्स किया है जो अब सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे हैं।