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एक सुर में बोले किसान, कानून वापस नहीं तो अंतिम सांस तक चलेगी लड़ाई...
Sat, 05 Dec 2020 10:34 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 05 Dec 2020 10:34 PM IST
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सिंघु बॉर्डर पर बैठे किसान
- फोटो : amar ujala
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सिंघु बॉर्डर पर शनिवार को माहौल कुछ गर्म दिखाई दे रहा था। नए कृषि कानूनों को लेकर किसान काफी गुस्से में थे। उनका साफ तौर पर कहना था कि जब तक सरकार कानूनों को वापस नहीं लेगी तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। किसान आखिरी सांस तक अपना संघर्ष जारी रखेगा।
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किसानों का कहना था कि कानून वापस न लिए जाने की सूरत में आठ दिसंबर को भारत बंद के अलावा किसान दिल्ली का घेराव भी करेंगे। हालात को देखते हुए बॉर्डर पर फिलहाल सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। लोकल पुलिस के अलावा आरएएफ, सीआरपीएफ व अन्य सुरक्षा बल बॉर्डर पर तैनात हैं। जर्सी बैरियर लगाने के अलावा पांच जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरे हालात पर नजर रखे हुए हैं।
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मेहमदपुर-जट्टा, पटियाला से आए किसान व भारतीय किसान यूनियन के सदस्य हाकिम सिंह ने बताया कि उनके गांव में हर घर से एक सदस्य की ड्यूटी बॉर्डर पर आने के लिए लगाई गई है। गांव से 25 ट्रैक्टर यहां आए हुए हैं। हर दूसरे दिन गांव से नए लोग यहां पहुंच जाते हैं, उसके बाद पहले वाले वापस गांव चले जाते हैं।
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हाकिम का कहना है कि यदि सरकार जल्द ही कानूनों को वापस नहीं लेती है तो परिवार के सारे सदस्य दिल्ली की ओर कूच करेंगे। इतनी संख्या में किसानों के आने के बाद पुलिस भी उनको दिल्ली में घुसने से रोक नहीं पाएगी। सोनीपत के किसान संदीप ने बताया कि सरकार खेती को खत्म करने पर तुली है। यदि किसानों को खत्म कर दिया जाएगा तो देश क्या खाएगा। सरकार ने यदि कानून वापस नहीं लिये तो किसान खेती करना ही छोड़ देगा। सरकार सोची-समझी साजिश के तहत जबरन सिस्टम में कॉरपोरेट घरानों को घुसा रही है।