सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने पानी पीकर खत्म की भूख हड़ताल, टिकैत बोले- आज का आंदोलन रहा सफल
किसान आंदोलन आज अपने 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है, ऐसे में कृषि सुधार वाले तीनों नए कानूनों को वापस लेने की जिद पर अड़े किसानों ने आज देशभर के जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने का एलान किया है। साथ ही किसान अपनी मांगें पूरी कराने के लिए किसान एक दिन के भूख हड़ताल पर हैं। इसमें उन्हें दिल्ली के सीएम केजरीवाल का साथ भी मिला है, जो आज उपवास पर रहेंगे। इसके साथ ही आज भी दिल्ली-एनसीआर के कई रास्ते बंद रहेंगे। यहां पढ़ें दिनभर के सभी बड़े अपडेट...
लाइव अपडेट
यह क़ानून देश के किसानों के हित के लिए नहीं है: संजय सिंह
आप नेता संजय सिंह ने कहा कि सरकार यह काला क़ानून अपने दो मालिकों के लिए लेकर आई है। एक का नाम है अडानी और दूसरे का नाम है अंबानी। यह क़ानून देश के किसानों के हित के लिए नहीं है।सरकार यह काला क़ानून अपने दो मालिकों के लिए लेकर आई है। एक का नाम है अडानी और दूसरे का नाम है अंबानी। यह क़ानून देश के किसानों के हित के लिए नहीं है: आप नेता, संजय सिंह https://t.co/1nt6WY2Ttl
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 14, 2020
पूरा देश इस वक्त किसानों के आंदोलन के साथ है: संजय सिंह
आप नेता संजय सिंह ने कहा कि पूरा देश इस वक्त किसानों के आंदोलन के साथ है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा है कि हम सड़क से लेकर संसद तक किसानों के आंदोलन में उनका साथ देंगे। हमने इस बिल का सबसे पहले संसद के अंदर विरोध किया था।पूरा देश इस वक्त किसानों के आंदोलन के साथ है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा है कि हम सड़क से लेकर संसद तक किसानों के आंदोलन में उनका साथ देंगे। हमने इस बिल का सबसे पहले संसद के अंदर विरोध किया था: आप नेता, संजय सिंह pic.twitter.com/Ws7t9G8rTg
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अन्ना हजारे ने लिखा कृषि मंत्री को पत्र
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि अगर किसानों के मुद्दों को हल नहीं किया गया तो वे केंद्र सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल करेंगे।Social activist Anna Hazare has written to Union Agriculture Minister stating that he will launch hunger strike against Central Government if the farmers issues are not resolved pic.twitter.com/nX7DDA6yet
— ANI (@ANI) December 14, 2020
BJP बताए कि कितने किसानों के गन्ने का पैसा बकाया है: अखिलेश
सपा अध्यक्ष ने कहा कि BJP उन किसानों की सूची जारी करे जिन किसानों को उन्होंने धान और मक्का का समर्थन मूल्य दिया है। BJP बताए कि कितने किसानों के गन्ने का पैसा बकाया है। इन सवालों के जवाब बीजेपी नहीं देना चाहती है इसलिए अपने बड़े-बडे़ नेताओं को झूठ फैलाने के लिए जनता के बीच पहुंचा दिया है।BJP उन किसानों की सूची जारी करे जिन किसानों को उन्होंने धान और मक्का का समर्थन मूल्य दिया है। BJP बताए कि कितने किसानों के गन्ने का पैसा बकाया है। इन सवालों के जवाब बीजेपी नहीं देना चाहती है इसलिए अपने बड़े-बडे़ नेताओं को झूठ फैलाने के लिए जनता के बीच पहुंचा दिया है: सपा अध्यक्ष https://t.co/91IOU1AbFL
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'अगर यह किसानों के हितों के लिए थे तो इतने बड़े पैमाने पर किसान धरने पर क्यों बैठे हैं?'
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि आज देश में बीजेपी प्रेस वार्ता करके समझाना चाहती है कि दिल्ली में जो कृषि क़ानून पास हुए हैं, वह किसानों के हित के लिए हैं। अगर यह किसानों के हितों के लिए थे तो इतने बड़े पैमाने पर किसान धरने पर क्यों बैठे हैं?आज देश में बीजेपी प्रेस वार्ता करके समझाना चाहती है कि दिल्ली में जो कृषि क़ानून पास हुए हैं, वह किसानों के हित के लिए हैं। अगर यह किसानों के हितों के लिए थे तो इतने बड़े पैमाने पर किसान धरने पर क्यों बैठे हैं?: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव pic.twitter.com/8Ydgb5PH0X
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#WATCH | राहुल जी किसानों को भ्रमित करने के लिए बार-बार ट्वीट कर रहे हैं। राहुल जी कितना समझते हैं किसानी को! हां, माना उनके जीजा जी किसान हैं। आपको अंदर की बात बताता हूं कि रबी और खरीफ को वे BJP कार्यकर्ता समझते हैं। उन्हें तो यह पता भी नहीं कि यह फसलों का नाम है: संबित पात्रा pic.twitter.com/vxXw0zdVSi
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 14, 2020
प्रदर्शनकारी ने अपना सिर मुंडवाया
दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर ओडिशा से कृषि कानूनों का विरोध करने आए किसान सिंघु बॉर्डर पहुंचे। कानूनों का विरोध करने के लिए एक प्रदर्शनकारी ने अपना सिर मुंडवाया।दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर: ओडिशा से कृषि कानूनों का विरोध करने आए किसान सिंघु बॉर्डर पहुंचे। कानूनों का विरोध करने के लिए एक प्रदर्शनकारी ने अपना सिर मुंडवाया। pic.twitter.com/TVn7PcgpgA
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बॉर्डर पर पपेट शो के माध्यम से विरोध प्रदर्शन किया गया
कृषि कानूनों के खिलाफ जयसिंहपुर खेड़ा (राजस्थान-हरियाणा) बॉर्डर पर पपेट शो के माध्यम से विरोध प्रदर्शन किया गया। ऑल इंडिया किसान सभा और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्य भी कृषि कानूनों के खिलाफ जारी प्रदर्शन में शामिल हुए।#WATCH | कृषि कानूनों के खिलाफ जयसिंहपुर खेड़ा (राजस्थान-हरियाणा) बॉर्डर पर पपेट शो के माध्यम से विरोध प्रदर्शन किया गया।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 14, 2020
ऑल इंडिया किसान सभा और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सदस्य भी कृषि कानूनों के खिलाफ जारी प्रदर्शन में शामिल हुए। https://t.co/vNugP1kF7P pic.twitter.com/CuYQZ0uZA2
सिंघु बॉर्डर पर किसान नेताओं ने खत्म की भूख हड़ताल
सिंघु बॉर्डर पर भूख हड़ताल पर बैठे किसानों ने पानी पीकर और फल खाकर अपना उपवास खत्म किया।दिल्ली: सिंघू बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध कर रहे किसानों ने पानी पीकर और फल खाकर अपना एक दिन का उपवास तोड़ा। pic.twitter.com/HsJ2mDNjMR
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 14, 2020