किसानों की इज्जत का सवाल बन गई ये कोठी!
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चौधरी अजित सिंह की सरकारी कोठी 12 तुगलक रोड को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत गर्माने के साथ दिल्ली को ताकत दिखाने की चौधरी समर्थकों ने तैयारी कर ली है।
लोकसभा चुनाव में हाशिए पर पहुंचे राष्ट्रीय लोकदल को यूपी के विधानसभा चुनाव तक मजबूत करने के लिए वेस्ट यूपी के लोगों को भावनात्मक रूप से इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा।
अब यह बताने की कोशिश होगी कि यह रालोद नहीं बल्कि वेस्ट यूपी के किसान-जाटों के स्वाभिमान की लड़ाई है। इस कड़ी में वेस्ट यूपी में आंदोलन खड़ा कर दिल्ली में चौधरी की कोठी की काटी गई बिजली व पानी का जवाब देने की तैयारी है।
कोठी खाली कराने के सीपीडब्ल्यूडी के नोटिस के साथ पहली बार हुए हंगामे के बाद कुछ दिन पूर्व अमर उजाला ने इस ओर संकेत दिए थे कि आने वाले दिनों में कोठी राजनीति का जरिया बनेगी।
आर-पार की लड़ाई लड़ने का दावा
शनिवार को कोठी खाली कराने के लिए बिजली-पानी काट देने के बाद सोमवार को हजारों समर्थक जमा हुए। यहां पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी समर्थकों के साथ जम गए हैं।
ज्ञात हो कि भाकियू नेता गत लोकसभा का चुनाव अमरोहा से रालोद के टिकट पर भी लड़ चुके हैं। लेकिन यहां पर वे भाकियू की टोपी पहले समर्थकों के साथ चौधरी चरण सिंह स्मारक बनवाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने का दावा कर रहे हैं।
दरअसल, रालोद के रणनीतिकार चाहते हैं कि कोठी को स्मारक बनवाने की लड़ाई में सिर्फ रालोद न होकर चौधरी चरण सिंह के विभिन्न दलों व संगठनों में अनुयायियों को भी जोड़ा जाए।
इसी कड़ी में भाकियू के अलावा ऑल इंडिया जाट महासभा, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संयुक्त समिति, चौधरी चरण सिंह विचार मंच व कांग्रेस के एमएलसी नसीब पठान सहित कुछ अन्य नेता भी 12 तुगलक रोड पहुंचे और आंदोलन की रूपरेखा तैयार की।
जाट वोटरों को जोड़ने का प्लान
चौधरी चरण सिंह समर्थकों ने यहां पर यह तय किया है कि इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जाट बेल्ट के वोटरों को जोड़ा जाए। किसानों की लड़ाई लड़ने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के स्मारक के लिए सभी को जोड़ने का अभियान चलाया जाए। इसमें यूपी के रास्ते दिल्ली आने वाले पानी- बिजली को रोकने सहित अन्य कार्य किए जाएंगे।
रालोद के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संगठन महासचिव डॉ. राजकुमार सांगवान ने बताया कि चौधरी चरण सिंह की मृत्यु के बाद तत्कालीन सरकार ने किसान घाट बनवाने व 12 तुगलक रोड को चौधरी चरण सिंह स्मारक बनवाने का फैसला लिया था। लेकिन आज यह कोठी खाली करवाने के लिए बिजली-पानी काट दिया गया।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सिर्फ रालोद ही नहीं हर दल में चौधरी चरण सिंह के समर्थक हैं। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव भी चौधरी चरण सिंह को अपना राजनैतिक गुरु बताते रहे हैं। ऐसे में सभी की भावनाएं आहत हुई है। आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।