Noida: तीनों प्राधिकरण के खिलाफ मुआवजा के लिए किसानों का धरना जारी, प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे राकेश टिकैत
भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने किसानों की समस्याओं को लेकर महापंचायत की।इसमें किसानों की समस्याएं सुनने के लिए अधिकारी धरना स्थनल पर पहुंचे लेकिन काफी मान-मनौव्वल के बाद भी किसान नहीं माने और सांकेतिक धरने को अश्निश्तिकालीन में बदल दिया।
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आबादियों का निस्तारण न होने, 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा न मिलने समेत सात मांगों को लेकर ग्रेनो के जीरो प्वाइंट पर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने महापंचायत की। इसमें किसानों की समस्याएं सुनने के लिए अधिकारी धरना स्थनल पर पहुंचे लेकिन काफी मान-मनौव्वल के बाद भी किसान नहीं माने और सांकेतिक धरने को अश्निश्तिकालीन में बदल दिया। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा यह आंदोलन जारी रहेगा। वहीं शनिवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर जाते समय धरने पर बैठे किसानों से मुलाकात की। साथ ही किसानों की मांगों को दोहराया।
मुआवजा वृद्धि को लेकर किसान विस्थापन कॉलोनी में पंचायत करेंगे। भारतीय किसान यूनियन अन्नदाता भी यमुना एक्सप्रेसवे पर किसानों की समस्याओं लेकर धरना प्रदर्शन करेगी। बता दें कि शुक्रवार को जिले के सात प्वाइंटों पर किसान एकत्र हुए और यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर आकर धरना दिया। प्राधिकरण और पुलिस अधिकारी महापंचायत में पहुंचे लेकिन किसानों ने सात सूत्रीय मांगों को हल कराने का प्रस्ताव रखा। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होंगी आंदोलन जारी रहेगा और एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन को किसानों ने अनिश्चितकालीन धरने में बदल दिया। पुलिस-प्राधिकरण अधिकारियों को किसानों के पास से खाली हाथ लौटना पड़ा।
भाकियू के पश्चिमी यूपी अध्यक्ष पवन खटाना ने कहा कि विकास के नाम पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण ने किसानों की जमीन को औने-पौने दाम पर छीना जा रहा है। किसान लंबे समय से तीन प्राधिकरणों से 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा देने, 10 फीसदी आबादी के भूखंड़ देने, पुरानी आबादी को छोड़ने, आबादी की शिफ्टिंग कराने, नए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने, किसानों के रोके गए मुआवजे का भुगतान करने, पुस्तैनी जमीन देने वाले किसानों को पांच फीसदी भूखंड व किसान कोटे के प्लॉट नहीं मिले हैं। किसान परिवारों के बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने, जेवर में विस्थापित किसानों के साथ हो रहे अन्याय को खत्म करके समान नीति की मांग की है।
किसानों ने कहा कि कुछ दिनों से जनपद में ट्रैक्टरों के चालान किए जा रहे हैं। यह किसानों पर अन्याय नहीं तो और क्या है। जब किसान खेत से अनाज लेकर बाजार जाएगा और वापस आएगा तो उनके साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ प्रदेशभर में अन्याय हो रहा है। मगर सरकार सुनने को तैयार नहीं है। गौतमबुद्घनगर में तीनों प्राधिकरण किसानों के साथ अन्याय कर रहे हैं। एक छोटी सी समस्या को लेकर अधिकारी कई-कई माह तक बुलाकर परेशान करते हैं। मगर अब भ्रष्टाचार और किसानों के उत्पीड़न की इम्तहा हो गई है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उधर, पंचायत में किसानों से वार्ता करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से एसीईओ अमरदीप डुली, जीएम प्रोजेक्ट सलिल यादव, नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी प्रसून द्विवेदी और यमुना प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र कुमार सिंह एव एडीसीपी विशाल पांडेय के अलावा एनपीसीएल के आल अधिकारी पहुंचे। किसानों ने अपनी मांग उनके समक्ष रखी और कहा कि उनको पूरा कराया जाए। मगर अधिकारियों ने कहा कि एक-दो समस्याओं को छोड़कर कोई ऐसी मांग नहीं है जिसे तत्काल पूरा किया जा सके। इनमें कई समस्याएं शासन से संबंधित है और उनको वह भेज ही सकते हैं।
मगर अधिकारियों से बात से किसानों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वार्ता को असफसल घोषित कर दिया। किसानों ने महापंचायत में एक दिवसीय प्रदर्शन को अनिश्चितकालीन धरने में तब्दील कर दिया। इससे अफसरों को खाली हाथ लौटना पड़ा। महापंचायत में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सुभाष चौधरी, जिलाध्यक्ष अनीत कसाना, सुनील प्रधान, गजेंद्र नागर, राजेश प्रधान, महेश खटाना, योगेश भाटी, परिवंदर अवाना, संदीप अवाना, सुंदर खटाना, ज्ञानी सरपंच, विनोद शर्मा ने अपने विचार रखे।
जेसीबी और ट्रैक्टरों पर सवार होकर पहुंचे किसान
भारतीय किसान यूनियन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पवन खटाना समेत कई पदाधिकारी जेसीवी मशीन पर खड़े होकर अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। आंदोलन को लेकर किसानों में काफी उत्साह था। सुबह 10.30 बजे से ही ट्रैक्टर ट्राली समेत वाहनों में सवार होकर आ गए। नोएडा, दनकौर, जेवर, दादरी समेत स्थानों से किसानों के जत्थों पंचायत में पहुंचे। किसानों की पंचायत को लेकर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
पूरा दिन रहा शहर जाम, लोग रहे परेशान
किसान आंदोलन के चलते नोएडा, ग्रेटर नोएडा, कासना समेत दूसरे स्थानों से किसानों के ट्रैक्टर ट्राली के जत्थों के आने का दौर रहा। जिसके चलते परी चौक से नोएडा एक्सप्रेस वे पर तीन किलोमीटर लंबी वाहनों की लाईन लग गई। वहीं परी चौक से पीथ्री गोल चक्कर, यमुना प्राधिकरण के सामने सड़क पर जाम रहा। यमुना प्राधिकरण क अंडरपास के आसपास जाम लगा रहा। नोएडा से ग्रेटर नोएडा किसानों के ट्रैक्टरों के काफिले को आने और जाने के समय वाहनों की गति धीमी रही। पीथ्री गोल चक्कर पर वाहनों के दबाव के कारण करीब दो से तीन घंटे तक जाम जैसे हालात रहे। हालांकि यातायात पुलिस मौके पर तैनात रही, फिर भी वाहनों की लंबी कतार लग रही थी और दो मिनट का रास्ता 20 मिनट में पूरा हो रहा था।
डीएमआईसी प्रभावित किसान करेंगे आंदोलनदिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर परियोजना से प्रभावित किसानों ने शुक्रवार को बैठक करके मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है।किसान नेता सुनील फौजी ने बताया कि किसानों को नए भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के अनुसार मुआवजा देने, 20 फीसदी प्लाट दिए जाने, सभी भूमिधर किसानों के बच्चों को रोजगार एवं पुनर्वास आदि के लाभ देने की मांग सरकार से की है। इनको लेकर जल्द ही महापंचायत की जाएगी। मांगों को लेकर तीनों विधायक, सांसद, राज्यसभा सांसद से मिला जाएगा। मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगों को उनके सामने रखा जाएगा।
किसानों के साथ रेलवे अधिकारियों की वार्ता सोमवार को
गुलिस्तानपुर गांव के नजदीक अंडरपास का काम रोककर धरने पर बैठे किसानों के साथ 15 अक्तूबर को रेलवे के अधिकारियों के साथ वार्ता होगी। किसान राजकुमार चौहान ने बताया कि रेलवे के अधिकारियों ने उनकी मांगों को लेकर विचार किया जा रहा है। समाधान कराने की प्रयास किया जाएगा।