{"_id":"65eb4c5d6981c553ce0643d4","slug":"youth-scientist-gopalji-going-to-nasa-faridabad-news-c-26-1-gnd1001-21727-2024-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: युवा वैज्ञानिक गोपालजी के नेतृत्व में नासा जाएगी भारतीय टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: युवा वैज्ञानिक गोपालजी के नेतृत्व में नासा जाएगी भारतीय टीम
Fri, 08 Mar 2024 11:05 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Fri, 08 Mar 2024 11:05 PM IST
विज्ञापन
- नासा की ओर से 19 और 20 अप्रैल को आयोजित ह्यूमन एक्सलपोरेंस रोवल चैलेंज कार्यक्रम में टीम के साथ होंगे शामिल
धनंजय चौहान
फरीदाबाद। युवा वैज्ञानिक गोपालजी के रोवर से चांद पर इंसान उतरना संभव हो सकेगा। इसके लिए उन्हें अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा 19 और 20 अप्रैल को आयोजित ह्यूमन एक्सलपोरेंस रोवल चैलेंज कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। इसमें वह अपनी टीम के साथ अप्रैल में अमेरिका जाएंगे और प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। 30 देशों में भारत से उनकी टीम का चयन किया गया।
सेक्टर-16 निवासी 23 वर्षीय युवा वैज्ञानिक गोपाल जी ''यंग माइंड एंड रिसर्च डेवलेपमेंट'' संस्था के संस्थापक हैं। पिछले नौ साल से अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत बताया कि नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एजेंसी (नासा) हर साल से एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित करती है। जिसे ह्यूमन एक्सलपोरेन्स रोवल चैलेंज (एचईआरसी) कहा जाता है। इसमें नासा दुनिया भर के बच्चों को रोवर बनाने के लिए कहती है। इस साल से ह्यूमन एक्सलपोरेन्स रोवल चैलेंज कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए दुनिया भर से केवल 30 हाई स्कूल टीमों का चयन हुआ है। उसमें एक मात्र संस्था (वाईएमआरडी) उनकी टीम का नाम काइजेल है। इसमें 22 वर्षीय गोपाल मेंटर रहेंगे। उनके साथ ही इस टीम में 13 बच्चे शामिल है। इसमें दिल्ली एनसीआर, भुवनेश्वर, बिहार, लखनऊ, अमरावती आदि जगहों से बच्चों को शामिल किया गया है। ये टीम एम-3 एम फाउंडेशन के सपोर्ट से नासा जाएगी। यदि गोपाल जी की टीम द्वारा तैयार किए गए रोवर का चयन हुआ तो नासा के चंद्र मिशन के लिए यह टीम काम करेगी और साथ ही स्वर्ण पदक हासिल करेगी।
नासा का सफर करेंगे सरकारी विद्यालय के छात्र
नासा जाने वाली टीम में दिल्ली एनसीआर, अरुण कुमार, ओम, लोकेश, पल्लवी, उत्कश, बिहार से तनिष्क उपमन्नू, सूर्य नारायण रजक, करौनिया, उत्तर प्रदेश से समीर याशिन, आंध्र प्रदेश से व मुख्य सलाहकार के रूप में अबु सलेमान, उड़ीसा से अरुशी पारिक, सुनैना साहू आदि शामिल है। सभी सरकारी स्कूल हैं और इनकी उम्र 14 से 19 वर्ष है। इन छात्रों का चयन विज्ञान महोत्सव, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता, साइंस कांग्रेस आदि से हुआ है। इसके अलावा अगल-अलग जिलों में विज्ञान प्रतियोगिताएं आयोजित कर बच्चों को बेहतर अंकों के दम पर चुना गया। साथ ही आर्थिक स्थिति से सभी उतने काबिल नहीं हैं लेकिन छोटे-छोटे गांव और शहरों से निकलकर ये बच्चे नासा का सफर करेंगे। इसके लिए एम 3 एम फाउंडेशन के अश्वर्या महाजन ने टीम को नासा में चयन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये बच्चे देश का भविष्य है, जो दुनिया के लिए मार्गदर्शक के रूप में काम करेंगे।
विज्ञापन
नासा में चयन हुआ तो चांद पर उतरेगा भारतीय रोवर से इंसान
गोपालजी ने बताया कि नासा की ओर से आयोजित किया जा रहा ह्यूमन एक्सप्लोरेन्स रोवर चैलेंज कार्यक्रम एक तरह का साइंस ओलंपिक है। हाई स्कूल लेवल पर विश्व से चयनित 30 टीमों में से एक टीम हमारी है जो इस साल रोवर बनाकर नासा जाएगी। एम 3 एम फाउंडेशन सहयोग से एक माह की कड़ी मेहनत और 10 लाख रुपये की लागत से रोवर तैयार किया गया है। हमारी टीम नासा में इस रोवर को प्रदर्शित करेगी। यदि नासा को यह पसंद आया तो हम नासा के साथ काम करेंगे और हमारी टीम द्वारा तैयार रोवर से चांद पर इंसान को भेजा जाएगा।
विज्ञापन
धनंजय चौहान
फरीदाबाद। युवा वैज्ञानिक गोपालजी के रोवर से चांद पर इंसान उतरना संभव हो सकेगा। इसके लिए उन्हें अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा 19 और 20 अप्रैल को आयोजित ह्यूमन एक्सलपोरेंस रोवल चैलेंज कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। इसमें वह अपनी टीम के साथ अप्रैल में अमेरिका जाएंगे और प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। 30 देशों में भारत से उनकी टीम का चयन किया गया।
सेक्टर-16 निवासी 23 वर्षीय युवा वैज्ञानिक गोपाल जी ''यंग माइंड एंड रिसर्च डेवलेपमेंट'' संस्था के संस्थापक हैं। पिछले नौ साल से अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत बताया कि नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एजेंसी (नासा) हर साल से एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित करती है। जिसे ह्यूमन एक्सलपोरेन्स रोवल चैलेंज (एचईआरसी) कहा जाता है। इसमें नासा दुनिया भर के बच्चों को रोवर बनाने के लिए कहती है। इस साल से ह्यूमन एक्सलपोरेन्स रोवल चैलेंज कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए दुनिया भर से केवल 30 हाई स्कूल टीमों का चयन हुआ है। उसमें एक मात्र संस्था (वाईएमआरडी) उनकी टीम का नाम काइजेल है। इसमें 22 वर्षीय गोपाल मेंटर रहेंगे। उनके साथ ही इस टीम में 13 बच्चे शामिल है। इसमें दिल्ली एनसीआर, भुवनेश्वर, बिहार, लखनऊ, अमरावती आदि जगहों से बच्चों को शामिल किया गया है। ये टीम एम-3 एम फाउंडेशन के सपोर्ट से नासा जाएगी। यदि गोपाल जी की टीम द्वारा तैयार किए गए रोवर का चयन हुआ तो नासा के चंद्र मिशन के लिए यह टीम काम करेगी और साथ ही स्वर्ण पदक हासिल करेगी।
विज्ञापन
नासा का सफर करेंगे सरकारी विद्यालय के छात्र
नासा जाने वाली टीम में दिल्ली एनसीआर, अरुण कुमार, ओम, लोकेश, पल्लवी, उत्कश, बिहार से तनिष्क उपमन्नू, सूर्य नारायण रजक, करौनिया, उत्तर प्रदेश से समीर याशिन, आंध्र प्रदेश से व मुख्य सलाहकार के रूप में अबु सलेमान, उड़ीसा से अरुशी पारिक, सुनैना साहू आदि शामिल है। सभी सरकारी स्कूल हैं और इनकी उम्र 14 से 19 वर्ष है। इन छात्रों का चयन विज्ञान महोत्सव, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता, साइंस कांग्रेस आदि से हुआ है। इसके अलावा अगल-अलग जिलों में विज्ञान प्रतियोगिताएं आयोजित कर बच्चों को बेहतर अंकों के दम पर चुना गया। साथ ही आर्थिक स्थिति से सभी उतने काबिल नहीं हैं लेकिन छोटे-छोटे गांव और शहरों से निकलकर ये बच्चे नासा का सफर करेंगे। इसके लिए एम 3 एम फाउंडेशन के अश्वर्या महाजन ने टीम को नासा में चयन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये बच्चे देश का भविष्य है, जो दुनिया के लिए मार्गदर्शक के रूप में काम करेंगे।
विज्ञापन
नासा में चयन हुआ तो चांद पर उतरेगा भारतीय रोवर से इंसान
गोपालजी ने बताया कि नासा की ओर से आयोजित किया जा रहा ह्यूमन एक्सप्लोरेन्स रोवर चैलेंज कार्यक्रम एक तरह का साइंस ओलंपिक है। हाई स्कूल लेवल पर विश्व से चयनित 30 टीमों में से एक टीम हमारी है जो इस साल रोवर बनाकर नासा जाएगी। एम 3 एम फाउंडेशन सहयोग से एक माह की कड़ी मेहनत और 10 लाख रुपये की लागत से रोवर तैयार किया गया है। हमारी टीम नासा में इस रोवर को प्रदर्शित करेगी। यदि नासा को यह पसंद आया तो हम नासा के साथ काम करेंगे और हमारी टीम द्वारा तैयार रोवर से चांद पर इंसान को भेजा जाएगा।