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Faridabad News: भाई दूज पर जवा गांव में दंगल में पहलवानों ने दिखाया दमखम
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मुख्य कुश्ती 31,000 की घोषित की गई
संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। भाई दूज के पावन पर्व पर फरीदाबाद जिले के गांव जवा में भव्य दंगल का आयोजन किया गया। इस पारंपरिक आयोजन में आसपास के कई जिलों से नामी पहलवानों ने शिरकत की। कार्यक्रम का आयोजन गांव के सरकारी स्कूल परिसर में किया गया, जहां सुबह से ही ग्रामीणों और कुश्ती प्रेमियों की भीड़ उमड़ पड़ी।
दंगल की शुरुआत पूजा-अर्चना और पुष्पांजलि के साथ की गई। आयोजकों ने बताया कि यह दंगल हर वर्ष पंडित सत्य प्रकाश शर्मा की पुण्यतिथि पर आयोजित किया जाता है, जिससे गांव में खेलों के प्रति रुचि बनी रहे और युवाओं को कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों की ओर प्रेरित किया जा सके।
दंगल में कुल कई रोमांचक मुकाबले हुए। शुरुआती कुश्तियों की राशि 2100 रुपये रखी गई थी, जबकि लास्ट में होने वाली मुख्य कुश्ती 31,000 की घोषित की गई, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि 2100 रुपये की कुश्ती में किसी भी कुश्ती में बराबरी होने पर इनाम नहीं दिया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों में जीत का जोश और भी अधिक देखने को मिला।
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रेफरी की जिम्मेदारी मानसिंह मलिक, ऋषि मलिक, लक्ष्मण मलिक और आकाश मलिक ने बखूबी निभाई। सभी मुकाबले निष्पक्ष और खेल भावना के अनुरूप कराए गए। सभी पहलवानों और दर्शकों ने यह निर्णय स्वीकार किया कि रेफरी का फैसला अंतिम और मान्य रहेगा।
दंगल के समापन पर विजेता पहलवानों को सम्मानित किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। भाई दूज के पावन पर्व पर फरीदाबाद जिले के गांव जवा में भव्य दंगल का आयोजन किया गया। इस पारंपरिक आयोजन में आसपास के कई जिलों से नामी पहलवानों ने शिरकत की। कार्यक्रम का आयोजन गांव के सरकारी स्कूल परिसर में किया गया, जहां सुबह से ही ग्रामीणों और कुश्ती प्रेमियों की भीड़ उमड़ पड़ी।
दंगल की शुरुआत पूजा-अर्चना और पुष्पांजलि के साथ की गई। आयोजकों ने बताया कि यह दंगल हर वर्ष पंडित सत्य प्रकाश शर्मा की पुण्यतिथि पर आयोजित किया जाता है, जिससे गांव में खेलों के प्रति रुचि बनी रहे और युवाओं को कुश्ती जैसे पारंपरिक खेलों की ओर प्रेरित किया जा सके।
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दंगल में कुल कई रोमांचक मुकाबले हुए। शुरुआती कुश्तियों की राशि 2100 रुपये रखी गई थी, जबकि लास्ट में होने वाली मुख्य कुश्ती 31,000 की घोषित की गई, जो इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि 2100 रुपये की कुश्ती में किसी भी कुश्ती में बराबरी होने पर इनाम नहीं दिया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों में जीत का जोश और भी अधिक देखने को मिला।
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रेफरी की जिम्मेदारी मानसिंह मलिक, ऋषि मलिक, लक्ष्मण मलिक और आकाश मलिक ने बखूबी निभाई। सभी मुकाबले निष्पक्ष और खेल भावना के अनुरूप कराए गए। सभी पहलवानों और दर्शकों ने यह निर्णय स्वीकार किया कि रेफरी का फैसला अंतिम और मान्य रहेगा।
दंगल के समापन पर विजेता पहलवानों को सम्मानित किया गया।