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मारपीट के विरोध में चार घंटे बंद रखा काम
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फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में रविवार सुबह नर्सिंग कर्मचारियों ने विरोध-प्रदर्शन करते हुए चार घंटे तक काम बंद रखा। इस दौरान उन्होंने एक इंटर्न डॉक्टर पर वार्ड में मारपीट करने का आरोप लगाया। साथ ही इसकी शिकायत कॉलेज के डीन से की। हालांकि डीन इस मामले को आपसी विवाद बताकर आपसी समझौता कराने की बात कह रहे हैं। उधर कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण उपचार के लिए पहुंचे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्हें लगभग चार घंटे तक वार्ड में नर्सिंग स्टाफ के नदारद रहने से परेशानी उठानी पड़ी।
नर्सिंग अधिकारी नरेश ने बताया कि वह सुबह करीब 10.30 बजे ईएनटी वार्ड में ड्यूटी दे रहे थे। इस दौरान सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के साथ कुछ अन्य डॉक्टर वार्ड में राउंड पर पहुंचे। उनके साथ इंटर्न डॉक्टर भी थे। सीनियर डॉक्टर ने उनसे कुछ मरीजों की फाइल मांगी और उसमें कुछ जांच संबंधित सलाह लिखकर मरीजों को देखने चले गए। नरेश के अनुसार इस दौरान उन्होंने एक इंटर्न डॉक्टर से सीनियर डॉक्टर के पास फाइल लेकर जाने की अपील की। इंटर्न पहले तो फाइल लेकर चला गया, लेकिन तुरंत वह आकर फाइल वापस कर दिया। इसी बात को लेकर इंटर्न व नरेश के बीच कहासुनी हो गई। नरेश का आरोप है कि इंटर्न डॉक्टर ने उसके साथ वार्ड में मारपीट की।
करीब 70 कर्मचारियों ने ठप रखा काम
इमरजेंसी वार्ड के बाहर करीब 70 नर्सिंग कर्मचारियों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका यह प्रदर्शन सुबह 10 :30 से शुरू होकर दोपहर तक ढाई बजे तक घंटे तक चला। हालांकि इस दौरान नाराज कर्मचारियों को कॉलेज एवं अस्पताल प्रबंधन की ओर से काफी समझाया भी गया और उन्हें काम लौटने की अपील की गई। काफी समय बाद नाराज कर्मचारियों ने मामले की शिकायत डीन डॉ. असीम दास से की।
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मरीज रहे परेशान
उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को काफी परेशानी हुई। होडल निवासी रानी ने बताया कि वह काफी देर से इमरजेंसी वार्ड के बाहर अपने बच्चे को भर्ती कराने का इंतजार कर रही हैं। लेकिन कुछ नहीं हो रहा है। उसके बच्चे को एंबुलेंस में ऑक्सीजन पर रखा हुआ है। स्थिति काफी खराब है। कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान इमरजेंसी से लेकर अधिकांश वार्ड में मरीजों व उनके तीमारदारों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
यह आपसी विवाद था। दोनों पक्षों में समझौता करा दिया है।
-डॉ. असीम दास, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
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नर्सिंग अधिकारी नरेश ने बताया कि वह सुबह करीब 10.30 बजे ईएनटी वार्ड में ड्यूटी दे रहे थे। इस दौरान सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के साथ कुछ अन्य डॉक्टर वार्ड में राउंड पर पहुंचे। उनके साथ इंटर्न डॉक्टर भी थे। सीनियर डॉक्टर ने उनसे कुछ मरीजों की फाइल मांगी और उसमें कुछ जांच संबंधित सलाह लिखकर मरीजों को देखने चले गए। नरेश के अनुसार इस दौरान उन्होंने एक इंटर्न डॉक्टर से सीनियर डॉक्टर के पास फाइल लेकर जाने की अपील की। इंटर्न पहले तो फाइल लेकर चला गया, लेकिन तुरंत वह आकर फाइल वापस कर दिया। इसी बात को लेकर इंटर्न व नरेश के बीच कहासुनी हो गई। नरेश का आरोप है कि इंटर्न डॉक्टर ने उसके साथ वार्ड में मारपीट की।
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करीब 70 कर्मचारियों ने ठप रखा काम
इमरजेंसी वार्ड के बाहर करीब 70 नर्सिंग कर्मचारियों ने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका यह प्रदर्शन सुबह 10 :30 से शुरू होकर दोपहर तक ढाई बजे तक घंटे तक चला। हालांकि इस दौरान नाराज कर्मचारियों को कॉलेज एवं अस्पताल प्रबंधन की ओर से काफी समझाया भी गया और उन्हें काम लौटने की अपील की गई। काफी समय बाद नाराज कर्मचारियों ने मामले की शिकायत डीन डॉ. असीम दास से की।
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मरीज रहे परेशान
उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को काफी परेशानी हुई। होडल निवासी रानी ने बताया कि वह काफी देर से इमरजेंसी वार्ड के बाहर अपने बच्चे को भर्ती कराने का इंतजार कर रही हैं। लेकिन कुछ नहीं हो रहा है। उसके बच्चे को एंबुलेंस में ऑक्सीजन पर रखा हुआ है। स्थिति काफी खराब है। कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान इमरजेंसी से लेकर अधिकांश वार्ड में मरीजों व उनके तीमारदारों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
यह आपसी विवाद था। दोनों पक्षों में समझौता करा दिया है।
-डॉ. असीम दास, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल