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Faridabad News: ठंड में महिला मरीजों को दवा लेने में छूट जाते हैं पसीने
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बीके अस्पताल में काउंटर पर घंटों लाइन में लगने के बाद मिलती हैं दवाइयां
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। बीके अस्पताल में उपचार के लिए आने वाली महिलाओं को दवा लेने में काफी परेशानी होती है। दवा काउंटर महिलाओं के लिए अलग से होने के बावजूद उनको घंटों लाइन में लगने के बाद दवा मिलती है।
बीके अस्पताल में हर रोज 1200 मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। इनमें 500 से अधिक महिलाएं भी शामिल होती हैं। इन महिलाओं को उपचार के बाद दवा लेने में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, इसके लिए एक काउंटर महिलाओं के लिए बनाया गया है। महिला काउंटर अलग से होने के बावजूद लंबी कतार का सामना करना पड़ता है। इस वजह से कई बार महिलाएं बिना दवा लिए ही घर चली जाती हैं। जवाहर कॉलोनी की रहने वाली सरोज ने बताया कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली महिलाओं की संख्या अधिक होती है। बल्लभगढ़ निवासी सोनिया ने बताया कि बीके अस्पताल में महिलाओं का एक ही दवा काउंटर होने की वजह से उनका पूरा दिन अस्पताल में ही गुजर जाता है। बीके अस्पताल में आने वाले हर वर्ग के मरीज के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है। जिसमें पहला काउंटर गर्भवती महिलाओं के लिए है। वही दूसरा काउंटर पुरुष और तीसरा काउंटर महिलाओं के लिए है। इसके अलावा बुजुर्ग महिला व पुरुष के लिए चौथा काउंटर बनाया गया है। एसएमओ विकास गोयल का कहना है कि कई बार दवा काउंटर के कर्मचारी छुट्टी पर चले जाते हैं, जिस वजह से मरीजों को परेशानी होती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। बीके अस्पताल में उपचार के लिए आने वाली महिलाओं को दवा लेने में काफी परेशानी होती है। दवा काउंटर महिलाओं के लिए अलग से होने के बावजूद उनको घंटों लाइन में लगने के बाद दवा मिलती है।
बीके अस्पताल में हर रोज 1200 मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। इनमें 500 से अधिक महिलाएं भी शामिल होती हैं। इन महिलाओं को उपचार के बाद दवा लेने में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, इसके लिए एक काउंटर महिलाओं के लिए बनाया गया है। महिला काउंटर अलग से होने के बावजूद लंबी कतार का सामना करना पड़ता है। इस वजह से कई बार महिलाएं बिना दवा लिए ही घर चली जाती हैं। जवाहर कॉलोनी की रहने वाली सरोज ने बताया कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली महिलाओं की संख्या अधिक होती है। बल्लभगढ़ निवासी सोनिया ने बताया कि बीके अस्पताल में महिलाओं का एक ही दवा काउंटर होने की वजह से उनका पूरा दिन अस्पताल में ही गुजर जाता है। बीके अस्पताल में आने वाले हर वर्ग के मरीज के लिए अलग से काउंटर बनाया गया है। जिसमें पहला काउंटर गर्भवती महिलाओं के लिए है। वही दूसरा काउंटर पुरुष और तीसरा काउंटर महिलाओं के लिए है। इसके अलावा बुजुर्ग महिला व पुरुष के लिए चौथा काउंटर बनाया गया है। एसएमओ विकास गोयल का कहना है कि कई बार दवा काउंटर के कर्मचारी छुट्टी पर चले जाते हैं, जिस वजह से मरीजों को परेशानी होती है।
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