पत्रकार पूजा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुए गंभीर खुलासे, सीबीआई जांच की मांग
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर व छाती पर चोट लगने का किया गया है जिक्र, विसरा रखा गया सुरक्षित
- सीएम के राजनीतिक सलाहकार दीपक मंगला बोले, पत्रकार की हत्या हुई है सजा जरूर मिलेगी
- इनेलो विधायक नगेंद्र भड़ाना बोले, कोई दोषी पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई होनी चाहिए
- इंस्पेक्टर अमित के बयान हुए दर्ज, पुलिस ने शुरू की मौत के मामले की जांच
- कांग्रेसी विधायक ललित नागर ने की सीबीआई जांच कराने की मांग
- तथाकथित सुइसाइड नोट आने से बढ़ा जांच का दायरा
विस्तार
इस दौरान डीसीपी पूरन चंद और एसीपी गजेंद्र कुमार मौजूद रहे। वहीं सोशल मीडिया पर पूजा का तथाकथित सुइसाइड नोट वायरल होने से दिनभर चर्चाओं का दौर गर्म रहा। हालांकि, नोट की सत्यता पर सवाल उठ रहे हैं।
फिर भी पुलिस इसे जांच का हिस्सा बनाएगी। वहीं सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने पूजा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर पुलिस को सौंप दी है।
बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में सिर व छाती में गंभीर चोट के निशान होने की बात कही गई है। साथ ही पूजा का विसरा सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा ब्लड सैंपल मधुबन जांच के लिए भेज दिया गया है।
पूजा सुसाइड मामले में सीबीआई जांच की मांग
गत बुधवार को पूजा की मुंहबोली भाभी होने का दावा करने वाली ऊषा भाटिया नामक महिला ने पूजा और इंस्पेक्टर अमित के बीच संबंधों को लेकर कई चौकाने वाले खुलासे किए थे, जिसके बाद देर शाम ऊषा भाटिया को बयान दर्ज कराने के लिए एनआईटी थाने बुलाया गया था।
महिला के दावों के बाद इंस्पेक्टर अमित कुमार को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया गया था। इसलिए बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे फुल ड्रेस में अनखीर चौकी पहुंचे।
पत्रकार पूजा तिवारी की मौत का मामला देशभर में चर्चाओं में है, लेकिन स्थानीय नेता इस मामले पर अब तक चुप्पी साधे बैठे थे। न पक्ष और न विपक्ष सामने आया। हादसे के पांचवें दिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने चुप्पी तोड़ी और अपने बयान दिए।
तिगांव विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेसी विधायक ललित नागर ने पत्रकार पूजा तिवारी की मौत के मामले में रहस्य से पर्दा उठाने के लिए सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
लड़ाई-झगड़े के बीच अमित की मौजूदगी संदिग्ध
विधायक ने कहा कि घटना के वक्त पूजा के फ्लैट में हरियाणा पुलिस का इंस्पेक्टर अमित कुमार का मौजूद होना और पूजा व अमित के बीच लड़ाई-झगड़े से जाहिर हो रहा है कि इस पूरे प्रकरण में अमित की भूमिका संदिग्ध है।
सरकार ने उस पर कार्रवाई करने की बजाय दबाव में आकर उसका तबादला कर दिया, जबकि यह मामला हत्या का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इनेलो विधायक नगेंद्र भड़ाना ने कहा कि अभी जांच पूरी नही हुई है। अगर मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
वह मुख्यमंत्री से मिलकर सीबीआई जांच की मांग करेंगे। सीएम के राजनीतिक सलाहकार दीपक मंगला ने कहा कि इस मामले में जल्द ही दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। पत्रकार की हत्या हुई है तो सजा जरूर दी जाएगी।