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Faridabad News: स्मैक बरामदगी मामले में महिला को जमानत
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने 23.16 ग्राम स्मैक (हेरोइन) बरामदगी के मामले में गिरफ्तार महिला नजराना उर्फ मल्लो की नियमित जमानत याचिका मंजूर कर ली है। महिला के खिलाफ डबुआ थाना में पांव मई को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने महिला को झूठा फंसाने और बरामदगी को संदिग्ध बताते हुए कहा कि वह पांच मई से न्यायिक हिरासत में है व मामले के ट्रायल में लंबा समय लग सकता है।
अदालत ने आदेश में कहा कि बरामद स्मैक की मात्रा छोटी मात्रा से केवल थोड़ी अधिक है, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 के तहत जमानत पर लागू कठोर प्रतिबंध इस मामले में प्रभावी नहीं होते हैं। अदालत ने यह भी माना कि जांच और ट्रायल पूरा होने में पर्याप्त समय लग सकता है। हालांकि महिला के खिलाफ पहले से दो अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। अदालत ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर उसे रिहा करने का आदेश दिया था। साथ ही भविष्य में किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल न होने की शर्त भी लगाई गई है। अभियोजन के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि नजराना अपने घर से स्मैक बेचने का काम कर रही है। सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में तलाशी ली गई, जिसमें 23.16 ग्राम स्मैक और एक हजार रुपये नकद बरामद होने का दावा किया गया था।
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फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने 23.16 ग्राम स्मैक (हेरोइन) बरामदगी के मामले में गिरफ्तार महिला नजराना उर्फ मल्लो की नियमित जमानत याचिका मंजूर कर ली है। महिला के खिलाफ डबुआ थाना में पांव मई को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने महिला को झूठा फंसाने और बरामदगी को संदिग्ध बताते हुए कहा कि वह पांच मई से न्यायिक हिरासत में है व मामले के ट्रायल में लंबा समय लग सकता है।
अदालत ने आदेश में कहा कि बरामद स्मैक की मात्रा छोटी मात्रा से केवल थोड़ी अधिक है, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 के तहत जमानत पर लागू कठोर प्रतिबंध इस मामले में प्रभावी नहीं होते हैं। अदालत ने यह भी माना कि जांच और ट्रायल पूरा होने में पर्याप्त समय लग सकता है। हालांकि महिला के खिलाफ पहले से दो अन्य आपराधिक मामले दर्ज हैं। अदालत ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर उसे रिहा करने का आदेश दिया था। साथ ही भविष्य में किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल न होने की शर्त भी लगाई गई है। अभियोजन के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि नजराना अपने घर से स्मैक बेचने का काम कर रही है। सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में तलाशी ली गई, जिसमें 23.16 ग्राम स्मैक और एक हजार रुपये नकद बरामद होने का दावा किया गया था।
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