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Faridabad News: कंपनी ने देखरेख करने से किया मना, तो बंद कर दिए महिला शौचालय

Wed, 17 Jan 2024 11:47 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jan 2024 11:47 PM IST
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When the company refused to maintain it, they closed the women's toilet.
संवाद न्यूज एजेंसी
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बल्लभगढ़। मुख्य बाजार में खरीदारी करने के लिए आने वाली महिलाओं को शौचालय की सुविधा न होने से परेशानी का सामना कर पड़ रहा है। एक ट्रस्ट की ओर से एक वर्ष पहले रेस्ट हाउस के सामने चार शौचालय बनाए गए, लेकिन कंपनी की ओर से देखरेख करने से मना करने पर उन शौचालयों को बंद कर दिया गया है।
बल्लभगढ़ मुख्य बाजार में हर रोज 5 हजार से ज्यादा लोग खरीदारी के लिए आते हैं। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं होती हैं। उन महिलाओं को बाजार में शौचालय की सुविधा नहीं होने की वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। एक वर्ष पहले श्रीलखदातार सेवा ट्रस्ट की ओर से रेस्ट हाउस के बाहर मुख्य राजा नाहर सिंह गेट के पास चार पिंक शौचालयों को बनाया गया। जिसमें दो महिलाएं व दो पुरुष के थे। यह शौचालय अजरौंदा स्थित गर्व शौचालय कंपनी की ओर से बनाए गए थे। कंपनी ने ट्रस्ट को कहा था कि इसकी देखरेख की जिम्मेदारी उनकी रहेगी। कुछ समय तक तो कंपनी के कर्मचारियों की ओर से शौचालयों की देखरेख की गई, लेकिन उसके बाद उन्होंने देखरेख करने से मना कर दिया। जिसके कारण शौचालयों को स्थायी तौर पर बंद कर दिया गया।
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महिलाओं को होती है परेशानी

बाजार में शौचालय नहीं होने की वजह से महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह शौचालय नेशनल हाईवे से मात्र 50 मीटर की दूरी पर स्थित था। जिसके कारण महिलाओं को शौचालय बनने से सुविधा हो रही थी। अब महिलाओं को शौच के लिए बस स्टैंड के अंदर व बाहर बने सुलभ शौचालय में जाना पड़ता है।
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सुरक्षा के लिए रखा गया था कर्मचारी
शौचालयों में लगे सामान की कोई चोरी ना कर सके, उसके लिए एक सफाई कर्मचारी को नियुक्त किया गया है। उसके रहने के लिए एक टीन का कमरा भी बना दिया गया, लेकिन कंपनी की ओर से देखरेख करने से मना करने पर कर्मचारी को हटा दिया गया और अब 6 महीने से शौचालयों में ताला लगा हुआ है।

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मजबूरी के कारण किया बंद

ट्रस्ट के अध्यक्ष श्याम सुंदर गोयल ने बताया कि उन्होंने महिलाओं की सुविधा के लिए शौचालयों को बनाया था, लेकिन कंपनी की ओर से देखरेख से मना करने पर उनको मजबूरी के कारण शौचालयों को बंद करना पड़।





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उनकी मुख्य बाजार में दुकान है। बाजार में शौचालय नहीं होने की वजह से उनको दो से तीन घंटे के बाद घर जाकर शौचालय का इस्तेमाल करना पड़ता है। - उर्मिला रानी, महिला दुकानदार



इन शौचालयों के बंद होने की वजह से महिलाओं को काफी परेशानी हो रही है। अब महिलाएं बस स्टैंड के अंदर बने शौचालयों में जाने को मजबूर हैं। - अनीता सिंह, महिला दुकानदार
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