{"_id":"6a5a63b756c827b1d80dcac5","slug":"weekly-insulin-to-bring-major-relief-to-diabetes-patients-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-75111-2026-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: साप्ताहिक इंसुलिन से डायबिटीज मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: साप्ताहिक इंसुलिन से डायबिटीज मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डायबिटीज के मरीजों के लिए साप्ताहिक बेसल इंसुलिन का विकल्प उपचार के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसके आने से कई मरीजों को रोजाना इंसुलिन इंजेक्शन लगाने की बजाय सप्ताह में केवल एक बार इंजेक्शन लगवाना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे मरीजों के लिए उपचार का पालन करना आसान होगा और ब्लड शुगर नियंत्रण भी बेहतर हो सकता है।
दरअसल हाल ही में नॉर्वे की एक दवा कंपनी नोवो नॉर्डिक्स ने देश में पहली बेसल इंसुलिन अविक्ली (इंसुलिन आइकोडेक) लॉन्च की है। इसके बाद से जिले के चिकित्सा विशेषज्ञ अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
एकॉर्ड अस्पताल के हृदय रोग विभाग के चेयरमैन डॉ. ऋषि गुप्ता ने बताया कि मधुमेह केवल शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है, बल्कि इसका असर हृदय, किडनी, आंखों और नसों पर भी पड़ता है। लंबे समय तक अनियंत्रित शुगर रहने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेल्योर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए समय पर और नियमित उपचार बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि सप्ताह में एक बार लगने वाली बेसल इंसुलिन उन मरीजों के लिए अधिक लाभकारी हो सकती है, जिन्हें रोजाना इंजेक्शन लेने में परेशानी होती है या जो अक्सर डोज लेना भूल जाते हैं। हालांकि यह सभी मरीजों के लिए उपयुक्त नहीं है। इंसुलिन का चयन मरीज की उम्र, बीमारी की स्थिति और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखकर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर ही किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
फरीदाबाद। डायबिटीज के मरीजों के लिए साप्ताहिक बेसल इंसुलिन का विकल्प उपचार के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इसके आने से कई मरीजों को रोजाना इंसुलिन इंजेक्शन लगाने की बजाय सप्ताह में केवल एक बार इंजेक्शन लगवाना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे मरीजों के लिए उपचार का पालन करना आसान होगा और ब्लड शुगर नियंत्रण भी बेहतर हो सकता है।
दरअसल हाल ही में नॉर्वे की एक दवा कंपनी नोवो नॉर्डिक्स ने देश में पहली बेसल इंसुलिन अविक्ली (इंसुलिन आइकोडेक) लॉन्च की है। इसके बाद से जिले के चिकित्सा विशेषज्ञ अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
विज्ञापन
एकॉर्ड अस्पताल के हृदय रोग विभाग के चेयरमैन डॉ. ऋषि गुप्ता ने बताया कि मधुमेह केवल शुगर बढ़ने की बीमारी नहीं है, बल्कि इसका असर हृदय, किडनी, आंखों और नसों पर भी पड़ता है। लंबे समय तक अनियंत्रित शुगर रहने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हार्ट फेल्योर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए समय पर और नियमित उपचार बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि सप्ताह में एक बार लगने वाली बेसल इंसुलिन उन मरीजों के लिए अधिक लाभकारी हो सकती है, जिन्हें रोजाना इंजेक्शन लेने में परेशानी होती है या जो अक्सर डोज लेना भूल जाते हैं। हालांकि यह सभी मरीजों के लिए उपयुक्त नहीं है। इंसुलिन का चयन मरीज की उम्र, बीमारी की स्थिति और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखकर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर ही किया जाना चाहिए।