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Faridabad News: बीके के एंबुलेंस कंट्रोल रूम में तैनात कर्मियों का वीडियो वायरल, जांच के आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला अस्पताल के एंबुलेंस कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों का वीडियो सोशल मीडिया ट्विटर पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो के वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग में हलचल मची हुई है। वायरल वीडियो में मरीज के तीमारदार कंप्यूटर ऑपरेटर से एंबुलेंस देने की मांग कर रहा है। लेकिन केंद्र में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर तीमारदारों को किसी निजी अस्पताल में ले जाकर मरीज का इलाज कराने की सलाह दे रहा है , एक घंटे इंतजार करने की बात कहते हुए परिजनों से उनका मोबाइल नंबर मांगता नजर आ रहा है। इसके अलावा एंबुलेंस केंद्र में तैनात कर्मचारी मरीज के तीमारदारों को डॉक्टर द्वारा लिखी दवाई को गलत बता रहा है और मरीज को प्राइवेट एंबुलेंस से दिल्ली ले जाने के लिए दबाव बनाता नजर आ रहा है। उधर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है यह वीडियो एक हफ्ते पुराना है। वीडियो की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
वहीं, वीडियो में मरीज के भाई ने बताया कि उसके भाई के पेट में दर्द था। वह उसे इलाज के लिए 16 मार्च को जिला अस्पताल में लेकर पहुंचा। इस दौरान आपातकाल वार्ड में तैनात डॉक्टर ने मरीज का चेकअप किया और कुछ दवाइयां दीं। लेकिन इसके बाद भी मरीज को आराम नहीं मिला। जिसके बाद डॉक्टर ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया। मरीज का भाई एंबुलेंस लेने के लिए बीके अस्पताल के गेट पर बने कंट्रोल रूम में पहुंचा। जहां दो व्यक्ति डॉक्टर द्वारा लिखी दवाई की पर्ची देख कर दवाई को गलत बताने लगे। इसके बाद जब वह प्राइवेट एंबुलेंस लेने के लिए तैयार हुआ तो उसका किराया 1500 रुपये मांगा गया। उसने निजी अस्पताल में अपने भाई का इलाज कराने से मना कर दिया और मौके पर पुलिस बुला ली।
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वर्जन
इस वायरल वीडियो की जांच के सीएमओ ने आदेश दे दिए है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही वीडियो के सच के बारे में पता लगा लिया जाएगा।
एमपी सिंह, नोडल अधिकारी-जिला अस्पताल।
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फरीदाबाद। जिला अस्पताल के एंबुलेंस कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों का वीडियो सोशल मीडिया ट्विटर पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो के वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग में हलचल मची हुई है। वायरल वीडियो में मरीज के तीमारदार कंप्यूटर ऑपरेटर से एंबुलेंस देने की मांग कर रहा है। लेकिन केंद्र में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर तीमारदारों को किसी निजी अस्पताल में ले जाकर मरीज का इलाज कराने की सलाह दे रहा है , एक घंटे इंतजार करने की बात कहते हुए परिजनों से उनका मोबाइल नंबर मांगता नजर आ रहा है। इसके अलावा एंबुलेंस केंद्र में तैनात कर्मचारी मरीज के तीमारदारों को डॉक्टर द्वारा लिखी दवाई को गलत बता रहा है और मरीज को प्राइवेट एंबुलेंस से दिल्ली ले जाने के लिए दबाव बनाता नजर आ रहा है। उधर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है यह वीडियो एक हफ्ते पुराना है। वीडियो की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
वहीं, वीडियो में मरीज के भाई ने बताया कि उसके भाई के पेट में दर्द था। वह उसे इलाज के लिए 16 मार्च को जिला अस्पताल में लेकर पहुंचा। इस दौरान आपातकाल वार्ड में तैनात डॉक्टर ने मरीज का चेकअप किया और कुछ दवाइयां दीं। लेकिन इसके बाद भी मरीज को आराम नहीं मिला। जिसके बाद डॉक्टर ने उसे दिल्ली रेफर कर दिया। मरीज का भाई एंबुलेंस लेने के लिए बीके अस्पताल के गेट पर बने कंट्रोल रूम में पहुंचा। जहां दो व्यक्ति डॉक्टर द्वारा लिखी दवाई की पर्ची देख कर दवाई को गलत बताने लगे। इसके बाद जब वह प्राइवेट एंबुलेंस लेने के लिए तैयार हुआ तो उसका किराया 1500 रुपये मांगा गया। उसने निजी अस्पताल में अपने भाई का इलाज कराने से मना कर दिया और मौके पर पुलिस बुला ली।
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इस वायरल वीडियो की जांच के सीएमओ ने आदेश दे दिए है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही वीडियो के सच के बारे में पता लगा लिया जाएगा।
एमपी सिंह, नोडल अधिकारी-जिला अस्पताल।