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कंटेनमेंट जोन में प्रभावित हो रहा टीकाकरण, मूल्यांकन कर क्षतिपूर्ति
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फरीदाबाद। कोविड-19 से ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के सामान्य टीकाकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। प्रभावित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन बनाने के बाद वहां कई तरह की गतिविधियां रोक दी जाती हैं। इस कारण कई क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग का इम्युनाइजेशन प्रोग्राम भी प्रभावित हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे इलाकों का मूल्यांकन कर वहां स्थिति सामान्य होने के इंतजार में है, ताकि टीकाकरण अभियान फिर शुरू किया जाए।
कंटेनमेंट जोन में स्थानीय बच्चों का टीकाकरण न के बराबर हो रहा है। हालांकि जिन क्षेत्रों में स्थिति सामान्य हो चुकी है, जहां संस्थागत टीकाकरण शुरू कर दिया गया है। कई क्षेत्र अब भी कंटेनमेंट जोन से बाहर नहीं आ सके हैं। वहां मूल्यांकन कर स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम यानी सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम में डिप्थीरिया, टिटनेस, पोलियो, हैपेटाइटिस-बी, निमोनिया, मीजल्स जैसी बीमारियों से बचाव शामिल हैं। जिले के अधिक कोविड प्रभावित क्षेत्रों में जवाहर कालोनी, एसजीएम नगर, संजय कॉलोनी, सेक्टर-7, सेक्टर-16, आदर्श नगर, खेड़ी कलां के अलावा एनआईटी व ओल्ड फरीदाबाद शामिल हैं।
रोग प्रतिरक्षी कार्यक्रम (इम्युनाइजेशन प्रोग्राम) के नोडल अधिकारी डॉ. रमेश ने बताया कि कंटेनमेंट जोन को रोकथाम क्षेत्र भी कहते हैं। इस कारण वहां कई सामान्य गतिविधियां रोककर विशेष बीमारी के विस्तार पर लगाम लगाई जाती है। जिले के जिन क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन बनाया जाता है, वहां संस्थागत टीकाकरण भी स्थिति सामान्य होने तक रोके जाते हैं। लगभग 28 दिन में स्थिति सामान्य होती है। तब तक इम्युनाइजेशन बहाल नहीं होता। अब स्वास्थ्य विभाग स्थिति सामान्य होने का मूल्यांकन कर रहा है, ताकि स्वास्थ्य प्रोग्राम जारी रखे जा सकें।
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कंटेनमेंट जोन में स्थानीय बच्चों का टीकाकरण न के बराबर हो रहा है। हालांकि जिन क्षेत्रों में स्थिति सामान्य हो चुकी है, जहां संस्थागत टीकाकरण शुरू कर दिया गया है। कई क्षेत्र अब भी कंटेनमेंट जोन से बाहर नहीं आ सके हैं। वहां मूल्यांकन कर स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम यानी सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम में डिप्थीरिया, टिटनेस, पोलियो, हैपेटाइटिस-बी, निमोनिया, मीजल्स जैसी बीमारियों से बचाव शामिल हैं। जिले के अधिक कोविड प्रभावित क्षेत्रों में जवाहर कालोनी, एसजीएम नगर, संजय कॉलोनी, सेक्टर-7, सेक्टर-16, आदर्श नगर, खेड़ी कलां के अलावा एनआईटी व ओल्ड फरीदाबाद शामिल हैं।
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रोग प्रतिरक्षी कार्यक्रम (इम्युनाइजेशन प्रोग्राम) के नोडल अधिकारी डॉ. रमेश ने बताया कि कंटेनमेंट जोन को रोकथाम क्षेत्र भी कहते हैं। इस कारण वहां कई सामान्य गतिविधियां रोककर विशेष बीमारी के विस्तार पर लगाम लगाई जाती है। जिले के जिन क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन बनाया जाता है, वहां संस्थागत टीकाकरण भी स्थिति सामान्य होने तक रोके जाते हैं। लगभग 28 दिन में स्थिति सामान्य होती है। तब तक इम्युनाइजेशन बहाल नहीं होता। अब स्वास्थ्य विभाग स्थिति सामान्य होने का मूल्यांकन कर रहा है, ताकि स्वास्थ्य प्रोग्राम जारी रखे जा सकें।
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