Ballabhgarh: चीनी मांझा बेचते हुए दो दुकानदार गिरप्तार, बिना लाइसेंस कर रहे थे दुकानदारी
अवैध रूप से विभिन्न जगहों पर बेच रहे चीनी मांझा को लेकर सीएम फ्लाइंग और पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के पास मांझा को बेचने का लाइसेंस नहीं मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
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अवैध रूप से विभिन्न जगहों पर बेच रहे चीनी मांझा को लेकर सीएम फ्लाइंग और पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के पास मांझा को बेचने का लाइसेंस नहीं मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
डीएसपी राजेश चेची ने बताया कि सूचना मिली थी कि गांव सीही के पास एक व्यक्ति पतंग की दुकान पर चीनी मांझा बेचता है। जिसके बाद सेक्टर 8 थाने की टीम ने गांव सीही चौक वाल्मीकि रास्ता के चौक पर एक व्यक्ति पतंग की दुकान खोल कर बैठा हुआ था। टीम ने व्यक्ति से नाम पूछा तो विजय बताया। पुलिस ने दुकान की तलाशी ली तो एक कागज के डिब्बे में मोनो पतंग मारिषा के 8 मांझा गोल्ड मिला। वहीं, दूसरी ओर 36 गज सेक्टर तीन में पार्क के पास रसीद खान ने पतंग बेचने की दुकान लगा रखी थी। उसकी दुकान पर भी चीनी मांझा पतंग उड़ाने वाला पाया गया। दुकान में रखे प्लास्टिक पैकेट में डोरेमोन पतंग का सादा के 10 मांझे, एक पैकेट में डोरेमोन पतंग के नौ मांझे व एक पैकेट में नौ मांझे पाए गए। दोनों आरोपियों के पास से टीम को लाइसेंस व परमिट नहीं मिला।
कैसे बनता है मांझा
चीनी मांझा धागों से नहीं बनता है। यह नायलॉन और एक मैटेलिक पाउडर से मिलकर बनाया जाता है। यह प्लास्टिक के जैसा लगता है और स्ट्रेचेबल होता है। जब इसे खींचते हैं तो यह टूटने के बजाय बढ़ जाता है। इसे काटना काफी मुश्किल होता है। इस पर धागे जैसे नायलॉन पर कांच या लोहे के चूरे से धार भी लगाई जाती है, जिस वजह से यह मांझा और भी घातक हो जाता है।
एनजीटी ने लगाई थी रोक
एनजीटी ने जुलाई 2017 में चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। पीपल्स फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा था कि खतरनाक मांझे से पशु-पक्षी और लोग बुरी तरह जख्मी हो जाते हैं। जिसके बाद एनजीटी ने इस पर पूरी तरह से बैन लगा रखा है। बताया जा रहा है कि चाइनीज मांझे की बिक्री पर पांच साल की सजा और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसके बाद भी दुकानदार चाइनीज मांझे की बिक्री कर हादसों को बढ़ावा दे रहे हैं।
सड़क पर चलने वाले दुपहिया वाहन बरतें सावधानी
डॉ. मोहित अग्रवाल ने बताया कि चाइनीज मांझे की चपेट में अक्सर दुपहिया वाहन चालक आते हैं। दुपहिया वाहन चालकों को गुल से लेकर मुंह सिर तक मोटा कपड़ा बांधना चाहिए। इसके अलावा हेल्मेट जरुर पहनना चाहिए। क्योंकि वाहन चलाते समय पतंगा का मांझा कभी गर्दन पर लग जाता है तो कपड़े की वजह से चालक की जान बच जाती है। ज्यादा स्पीड से वाहन न चलाए।
आ चुका है एक मामला
तीन अगस्त को एसजीएम नगर निवासी संजय कुमार अपनी बेटी को लेने के लिए बाइक से दिल्ली गए थे। बाटा रेलवे ओवरब्रिज के ऊपर पहुंच तो गर्दन पर मांझा घायल हो गए थे।