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Faridabad News: ह्यूमन ट्रैफिकिंग का डर दिखाकर छात्रा से ढाई लाख ठगे
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- साइबर ठगों ने छात्रा सेछात्रा को 18 दिन रहा डिजिटली अरेस्ट, स्काइप ऐप से नहीं होने दिया आउट
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। साइबर ठगों ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग का डर दिखाकर एक छात्रा से ढाई लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने उसे 18 दिन तक स्काइप पर डिजिटली अरेस्ट रखा। साइबर ठगों ने स्काइप ऐप से आउट नहीं होने दिया। ऐसे में मजबूरीवश उसे आरोपियों को पैसे देने पड़े तब जाकर उसे ऐप से बाहर किया। पीड़ित की शिकायत पर एनआईटी साइबर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच में शुरु कर दी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
शहर निवासी पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने कनाडा स्थित एक विश्वविद्यालय में पिछले दिनों दाखिला लिया है। इसलिए वह जल्द वहां जाने की तैयारी में है। उसने बताया कि 12 अक्तूबर को एक अनजान नंबर से उसके पास फोन आया। फज्ञेन करने वाले व्यक्ति ने अपने आपको उत्तर प्रदेश लखनऊ में स्थित कस्टम विभाग का अधिकारी बताया। उसने कहा कि पीड़िता के नाम से एक पार्सल कंबोडिया नामक देश जा रहा है। उसके अधार कार्ड नंबर से बनाए गए कई पासपोर्ट वहां भेजे जा रहे हैं। पीड़िता के अनुसार उसने किसी प्रकार के पार्सल से इनकार कर दिया। साथ ही कहा कि उसके आधार कार्ड नंबर से कोई फर्जी पासपोर्ट नहीं बनाए गए है। पीड़िता के अनुसार आरोपी ने उसे स्काईप ऐप वीडियो कॉल की थी। वीडियो में एक थाना दिख रहा था। वहां काम करने वाले पुलिस की वर्दी में कई अधिकारी दिख रहे थे। आरोपियों ने स्काइप पर किए वीडियो कॉल के माध्यम से उस पर ह्यूमैन ट्रैफकिंग का आरोप लगाया। आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने सीबीआई अधिकारी बनकर भी बात की। उसके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी होने की बात बोल कर गिरफ्तार करने की धमकी दी।
दबाव बनाने के लिए जज से कराई बात
पीड़िता के अनुसार आरोपियेां ने उस पर लगातार दबाव बनाए रखने के लिए वीडियो कॉल पर एक जज से बात कराई। जज ने उस पर डेढ़ करोड़ का जुर्माना बताया। साथ ही 15 लाख रुपये में जमानत देने की बात कही। पीड़िता ने बताया वह उनकी बातों से काफी डर गई थी। इसके बाद आरोपी लगातार उसे प्रताड़ित करते रहे। आरोपियों ने स्काइप से ऑउट नहीं होने को कहा। इस दौरान वह करीब 17 दिनों तक आरोपियेां से स्काइप ऐप पर जुड़ी रही।
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आरोपियों ने ऑनलाइन मंगाए कागजात
आरोपियों ने उसे कई कागजात ऑनलाइन भेजे। उसका प्रिंट निकालकर हस्ताक्षर कर वापस करने को कहा। पीड़ता ने जैसे-जैसे आरोपी बताता रहा। वैसे-वैसे वह करती रही।
ऑनलाइन किया पैसों का भुगतान
पीड़ता ने बताया कि आरोपी उससे 15 लाख की मांग देने की मांग कर रहे थे। लेकिन उसने उतने पैसे देने से इंकार कर दिया। उसे कहा कि वह एक छात्रा है इतने पैसे नहीं दे सकती है। उसके पास कनाडा जाने के लिए करीब ढाई लाख रुपये रखे थे। उन पैसों को उसने आरोपियों को ऑनलाइन भेज दिए। इसके बाद उसे जमानत मिलने की बात कहकर आरोपी ने स्काइप से आउट होने दिया। साथ ही आरोपी उसे वीडियो कॉल के दौरान किसी को जानकारी देने से मना करते रहा। उसे कहा कि यदि परिजनों से भी इस संबंध में बात की तो मुश्किलें बढ़ जाएगी। इसलिए उसने किसी को कुछ नहीं बताया। वह करीब 18 दिनों तक अपने घर में कैद रही। माता-पिता को भी नहीं बताया। 30 अक्तूबर को आउट होने के बाद उसने परिजनों को पूरे मामले की जानकारी दी। तब परिजनों ने एनआईटी साइबर थाने में शिकायत दी।
वर्जन
पीड़िता की शिकायत मिली है। मामला काफी गंभीर है। जांच चल रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- इंस्पेक्टर नवीन, प्रभारी, साइबर थाना एनआईटी
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। साइबर ठगों ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग का डर दिखाकर एक छात्रा से ढाई लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने उसे 18 दिन तक स्काइप पर डिजिटली अरेस्ट रखा। साइबर ठगों ने स्काइप ऐप से आउट नहीं होने दिया। ऐसे में मजबूरीवश उसे आरोपियों को पैसे देने पड़े तब जाकर उसे ऐप से बाहर किया। पीड़ित की शिकायत पर एनआईटी साइबर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच में शुरु कर दी है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
शहर निवासी पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने कनाडा स्थित एक विश्वविद्यालय में पिछले दिनों दाखिला लिया है। इसलिए वह जल्द वहां जाने की तैयारी में है। उसने बताया कि 12 अक्तूबर को एक अनजान नंबर से उसके पास फोन आया। फज्ञेन करने वाले व्यक्ति ने अपने आपको उत्तर प्रदेश लखनऊ में स्थित कस्टम विभाग का अधिकारी बताया। उसने कहा कि पीड़िता के नाम से एक पार्सल कंबोडिया नामक देश जा रहा है। उसके अधार कार्ड नंबर से बनाए गए कई पासपोर्ट वहां भेजे जा रहे हैं। पीड़िता के अनुसार उसने किसी प्रकार के पार्सल से इनकार कर दिया। साथ ही कहा कि उसके आधार कार्ड नंबर से कोई फर्जी पासपोर्ट नहीं बनाए गए है। पीड़िता के अनुसार आरोपी ने उसे स्काईप ऐप वीडियो कॉल की थी। वीडियो में एक थाना दिख रहा था। वहां काम करने वाले पुलिस की वर्दी में कई अधिकारी दिख रहे थे। आरोपियों ने स्काइप पर किए वीडियो कॉल के माध्यम से उस पर ह्यूमैन ट्रैफकिंग का आरोप लगाया। आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने सीबीआई अधिकारी बनकर भी बात की। उसके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी होने की बात बोल कर गिरफ्तार करने की धमकी दी।
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दबाव बनाने के लिए जज से कराई बात
पीड़िता के अनुसार आरोपियेां ने उस पर लगातार दबाव बनाए रखने के लिए वीडियो कॉल पर एक जज से बात कराई। जज ने उस पर डेढ़ करोड़ का जुर्माना बताया। साथ ही 15 लाख रुपये में जमानत देने की बात कही। पीड़िता ने बताया वह उनकी बातों से काफी डर गई थी। इसके बाद आरोपी लगातार उसे प्रताड़ित करते रहे। आरोपियों ने स्काइप से ऑउट नहीं होने को कहा। इस दौरान वह करीब 17 दिनों तक आरोपियेां से स्काइप ऐप पर जुड़ी रही।
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आरोपियों ने ऑनलाइन मंगाए कागजात
आरोपियों ने उसे कई कागजात ऑनलाइन भेजे। उसका प्रिंट निकालकर हस्ताक्षर कर वापस करने को कहा। पीड़ता ने जैसे-जैसे आरोपी बताता रहा। वैसे-वैसे वह करती रही।
ऑनलाइन किया पैसों का भुगतान
पीड़ता ने बताया कि आरोपी उससे 15 लाख की मांग देने की मांग कर रहे थे। लेकिन उसने उतने पैसे देने से इंकार कर दिया। उसे कहा कि वह एक छात्रा है इतने पैसे नहीं दे सकती है। उसके पास कनाडा जाने के लिए करीब ढाई लाख रुपये रखे थे। उन पैसों को उसने आरोपियों को ऑनलाइन भेज दिए। इसके बाद उसे जमानत मिलने की बात कहकर आरोपी ने स्काइप से आउट होने दिया। साथ ही आरोपी उसे वीडियो कॉल के दौरान किसी को जानकारी देने से मना करते रहा। उसे कहा कि यदि परिजनों से भी इस संबंध में बात की तो मुश्किलें बढ़ जाएगी। इसलिए उसने किसी को कुछ नहीं बताया। वह करीब 18 दिनों तक अपने घर में कैद रही। माता-पिता को भी नहीं बताया। 30 अक्तूबर को आउट होने के बाद उसने परिजनों को पूरे मामले की जानकारी दी। तब परिजनों ने एनआईटी साइबर थाने में शिकायत दी।
वर्जन
पीड़िता की शिकायत मिली है। मामला काफी गंभीर है। जांच चल रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- इंस्पेक्टर नवीन, प्रभारी, साइबर थाना एनआईटी