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Faridabad News: थीम स्टेट उत्तर प्रदेश के व्यंजनों का स्वाद चख रहे पर्यटक
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आगरा का पेठा, जौनपुर की इमरती और मैनपुरी की सोन पापड़ी बनी लोगों की पसंद
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक एवं प्रसिद्ध व्यंजनों की विशेष प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। मेला परिसर के गेट नंबर -2 के पास फूड कोर्ट में विभिन्न राज्यों की फूड स्टॉल लगी हुई हैं, जिसमें थीम स्टेट उत्तर प्रदेश की स्टॉल पर पर्यटक प्रमुख व्यंजनों का स्वाद चख रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एक जनपद- एक व्यंजन के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों की विशिष्ट खान-पान परंपराओं को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है, जिससे देश-विदेश से आए पर्यटकों को एक ही स्थान पर उत्तर प्रदेश की समृद्ध पाक-संस्कृति का अद्वितीय अनुभव प्राप्त हो रहा है।
स्टॉल के संचालक अनिकेत ने बताया कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य प्रत्येक जनपद के विशिष्ट व्यंजन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना, स्थानीय उद्यमियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना व पारंपरिक स्वाद को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
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स्टॉल पर मिल रहे ये प्रसिद्ध व्यंजन
अनिकेत ने बताया कि इस स्टॉल पर उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों के सुप्रसिद्ध व्यंजन उपलब्ध हैं, जिनमें आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा, मैनपुरी की सोन पापड़ी, बाराबंकी की चंद्रकला, फर्रुखाबाद की दालमोठ, जौनपुर की इमरती, छोले भटूरे, गोलगप्पे, टिक्की और प्रतापगढ़ का आंवला विशेष रूप से लोगों की पसंद बने हुए हैं। प्रत्येक व्यंजन अपने जनपद की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान को दर्शाता है, जिसे शुद्ध सामग्री एवं पारंपरिक विधि से तैयार किया गया है।
मेले में आने वाले देश-विदेश के पर्यटक उत्तर प्रदेश के इन विशिष्ट व्यंजनों का स्वाद लेकर अत्यंत प्रसन्न नजर आ रहे हैं। अनेक पर्यटक इन व्यंजनों की पारंपरिक मिठास, खुशबू और विशिष्ट स्वाद की सराहना करते हुए इन्हें स्मृति-चिह्न के रूप में भी अपने साथ ले जा रहे हैं। स्टॉल पर उमड़ रही भीड़ यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों के प्रति लोगों में विशेष रुचि बढ़ रही है। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेला इस प्रकार उत्तर प्रदेश की पाक-परंपरा, संस्कृति और आर्थिक सशक्तिकरण का एक सशक्त माध्यम बनता जा रहा है, जहां स्वाद के साथ-साथ परंपरा, स्वदेशी उत्पाद और आत्मनिर्भर भारत की भावना
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक एवं प्रसिद्ध व्यंजनों की विशेष प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। मेला परिसर के गेट नंबर -2 के पास फूड कोर्ट में विभिन्न राज्यों की फूड स्टॉल लगी हुई हैं, जिसमें थीम स्टेट उत्तर प्रदेश की स्टॉल पर पर्यटक प्रमुख व्यंजनों का स्वाद चख रहे हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एक जनपद- एक व्यंजन के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों की विशिष्ट खान-पान परंपराओं को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है, जिससे देश-विदेश से आए पर्यटकों को एक ही स्थान पर उत्तर प्रदेश की समृद्ध पाक-संस्कृति का अद्वितीय अनुभव प्राप्त हो रहा है।
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स्टॉल के संचालक अनिकेत ने बताया कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य प्रत्येक जनपद के विशिष्ट व्यंजन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना, स्थानीय उद्यमियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना व पारंपरिक स्वाद को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
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स्टॉल पर मिल रहे ये प्रसिद्ध व्यंजन
अनिकेत ने बताया कि इस स्टॉल पर उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों के सुप्रसिद्ध व्यंजन उपलब्ध हैं, जिनमें आगरा का पेठा, मथुरा का पेड़ा, मैनपुरी की सोन पापड़ी, बाराबंकी की चंद्रकला, फर्रुखाबाद की दालमोठ, जौनपुर की इमरती, छोले भटूरे, गोलगप्पे, टिक्की और प्रतापगढ़ का आंवला विशेष रूप से लोगों की पसंद बने हुए हैं। प्रत्येक व्यंजन अपने जनपद की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान को दर्शाता है, जिसे शुद्ध सामग्री एवं पारंपरिक विधि से तैयार किया गया है।
मेले में आने वाले देश-विदेश के पर्यटक उत्तर प्रदेश के इन विशिष्ट व्यंजनों का स्वाद लेकर अत्यंत प्रसन्न नजर आ रहे हैं। अनेक पर्यटक इन व्यंजनों की पारंपरिक मिठास, खुशबू और विशिष्ट स्वाद की सराहना करते हुए इन्हें स्मृति-चिह्न के रूप में भी अपने साथ ले जा रहे हैं। स्टॉल पर उमड़ रही भीड़ यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों के प्रति लोगों में विशेष रुचि बढ़ रही है। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेला इस प्रकार उत्तर प्रदेश की पाक-परंपरा, संस्कृति और आर्थिक सशक्तिकरण का एक सशक्त माध्यम बनता जा रहा है, जहां स्वाद के साथ-साथ परंपरा, स्वदेशी उत्पाद और आत्मनिर्भर भारत की भावना