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Faridabad News: अरावली में अवैध खनन के मामले में पर्यटन विभाग ने प्रशासन को भेजा जवाब
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एक दिसंबर को एनजीटी में होगी सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अरावली के संरक्षित वन क्षेत्र में कथित अवैध खनन और पहाड़ काटने के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नोटिस का पर्यटन विभाग ने जवाब दे दिया है। विभाग ने अपना लिखित जवाब जिला प्रशासन को भेजा है। मामले की अगली सुनवाई एक दिसंबर को होगी।
एनजीटी की प्रधान पीठ ने बड़खल वन क्षेत्र में करीब 25 एकड़ अरावली भूमि पर कथित तौर पर बिना अनुमति पहाड़ काटने और अवैध खनन के मामले में केंद्र व हरियाणा सरकार समेत संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया था। आरोप है कि क्षेत्र में मशीनों के जरिए बड़े स्तर पर पहाड़ काटकर करीब 500 टन पत्थर निकालकर बेच दिया गया।
पर्यटन विभाग के अधिकारी हरविंदर सिंह यादव ने बताया कि विभाग की ओर से लिखित जवाब जिला प्रशासन को भेज दिया गया है। जमीन के खसरा नंबर को लेकर कुछ दुविधा थी, जिसे अब ठीक करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि एनजीटी के आदेश के बाद संबंधित क्षेत्र में काम बंद है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अरावली के संरक्षित वन क्षेत्र में कथित अवैध खनन और पहाड़ काटने के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नोटिस का पर्यटन विभाग ने जवाब दे दिया है। विभाग ने अपना लिखित जवाब जिला प्रशासन को भेजा है। मामले की अगली सुनवाई एक दिसंबर को होगी।
एनजीटी की प्रधान पीठ ने बड़खल वन क्षेत्र में करीब 25 एकड़ अरावली भूमि पर कथित तौर पर बिना अनुमति पहाड़ काटने और अवैध खनन के मामले में केंद्र व हरियाणा सरकार समेत संबंधित विभागों को नोटिस जारी किया था। आरोप है कि क्षेत्र में मशीनों के जरिए बड़े स्तर पर पहाड़ काटकर करीब 500 टन पत्थर निकालकर बेच दिया गया।
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पर्यटन विभाग के अधिकारी हरविंदर सिंह यादव ने बताया कि विभाग की ओर से लिखित जवाब जिला प्रशासन को भेज दिया गया है। जमीन के खसरा नंबर को लेकर कुछ दुविधा थी, जिसे अब ठीक करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि एनजीटी के आदेश के बाद संबंधित क्षेत्र में काम बंद है।
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