{"_id":"66db4e21971fc2ec4c082e24","slug":"today-vighnaharta-will-be-established-in-homes-and-societies-faridabad-news-c-26-1-gnd1001-30340-2024-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: आज घरों से लेकर सोसाइटियों में विघ्नहर्ता होंगे स्थापित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: आज घरों से लेकर सोसाइटियों में विघ्नहर्ता होंगे स्थापित
विज्ञापन
-गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंजेगा शहर, घरों और पंडालों में विराजेंगे गणपति
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गणपति बप्पा मोरया के जयकारे से आज शहर गूंजेगा। शनिवार से शुरू हो रही गणेश चतुर्थी को लेकर जिले के लोगों की ओर से तैयारी पूरी हो गई है। श्री गणेश उत्सव के लिए शुक्रवार शाम को महाराष्ट्र मित्र मंडल एनआईटी पांच से शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके अलावा गांधी कॉलोनी, गीता मंदिर, वैश्य धर्मशाला सहित ग्रेटर फरीदाबाद में भी कई स्थानों पर गणपति के पंडाल सजाए जाएंगे। वहीं, भगवान श्री गणेश घर-घर, पंडालों में दस दिनों तक विराजमान रहेंगे।
गणेश चतुर्थी लेकर जिले के लोगों की ओर से तैयारी पूरी हो गई है। बाजारों में लोगों द्वारा गणेश की प्रतिमा को खरीदने के लिए भीड़ देखने को मिली। वहीं, कुछ जगहों पर मूर्तिकार गणेश की प्रतिमा को अंतिम रूप दे रहे थे। पिछले साल के मुकाबले इस साल गणेश की प्रतिमा के दामों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिली है। पहले जो मूर्ति 500 रुपये मिल रही थी वह अब 700 से 800 में मिल रही है। इसके अलावा जो लोग घर और सोसाइटी में गणेश की स्थापना करना चाहते है वह पंडित से शुभ मुहूर्त के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे है।
मुंबई से आई है मिट्टी
महाराष्ट्र मित्र मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र पांचाल ने बताया कि पिछले करीब पांच सालों से उनके पंडाल में स्थापित की जाने वाले गणेश मूर्ति मुंबई से मिट्टी मंगवाकर बनाई जा रही है। चिकनी मिट्टी से बनी ईको फ्रेंडली मूर्ति को बनाने में प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल होता है। पानी में विसर्जन के दौरान मूर्ति घुल जाएगी। सात सितंबर को मूर्ति स्थापना के बाद 16 सितंबर तक रोजाना पंडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विज्ञापन
कोलकाता से मंगवाई गई मिट्टी
गणेश उत्सव को लेकर मूर्तियों के लिए मिट्टी दूसरे राज्यों से मंगवाई गई है। मूर्तिकार संत लाल ने बताया कि पहले जहां प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियां बनती थीं, वहीं अब लोग ईको फ्रेंडली मूर्ति की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अब पीओपी की जगह मिट्टी की मूर्तियां बन रही है। जो कि विसर्जन के दौरान आसानी से घुल जाती है।
इन जगहों पर करते हैं विसर्जन
दस दिनों तक घरों और शहर की विभिन्न पांडालों में स्थापित गणेश की प्रतिमा को 16 सितंबर को धूमधाम से साथ विसर्जित किया जाएगा। श्री गणेश की प्रतिमा के साथ शहर भर में परिक्रमा निकाली जा रही है। इसके बाद विसर्जन किया जाता है। पहले दिल्ली स्थित कालिंदी कुंज में मूर्ति को विसर्जित किया जाता था, लेकिन पिछले कई सालों से जिले के लोग यमुना नदी में विसर्जित करते हैं। इसके अलावा कुछ लोग आगरा नहर और सूरजकुंड में बने तालाब में मूर्ति विसर्जित की जाती है। विसर्जन के दौरान कोई हादसा ना हो उसके लिए पुलिस की ओर से आगरा नहर और यमुना नदी में जगह जगह पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। गणपति बप्पा मोरया के जयकारे से आज शहर गूंजेगा। शनिवार से शुरू हो रही गणेश चतुर्थी को लेकर जिले के लोगों की ओर से तैयारी पूरी हो गई है। श्री गणेश उत्सव के लिए शुक्रवार शाम को महाराष्ट्र मित्र मंडल एनआईटी पांच से शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके अलावा गांधी कॉलोनी, गीता मंदिर, वैश्य धर्मशाला सहित ग्रेटर फरीदाबाद में भी कई स्थानों पर गणपति के पंडाल सजाए जाएंगे। वहीं, भगवान श्री गणेश घर-घर, पंडालों में दस दिनों तक विराजमान रहेंगे।
गणेश चतुर्थी लेकर जिले के लोगों की ओर से तैयारी पूरी हो गई है। बाजारों में लोगों द्वारा गणेश की प्रतिमा को खरीदने के लिए भीड़ देखने को मिली। वहीं, कुछ जगहों पर मूर्तिकार गणेश की प्रतिमा को अंतिम रूप दे रहे थे। पिछले साल के मुकाबले इस साल गणेश की प्रतिमा के दामों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिली है। पहले जो मूर्ति 500 रुपये मिल रही थी वह अब 700 से 800 में मिल रही है। इसके अलावा जो लोग घर और सोसाइटी में गणेश की स्थापना करना चाहते है वह पंडित से शुभ मुहूर्त के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे है।
विज्ञापन
मुंबई से आई है मिट्टी
महाराष्ट्र मित्र मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र पांचाल ने बताया कि पिछले करीब पांच सालों से उनके पंडाल में स्थापित की जाने वाले गणेश मूर्ति मुंबई से मिट्टी मंगवाकर बनाई जा रही है। चिकनी मिट्टी से बनी ईको फ्रेंडली मूर्ति को बनाने में प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल होता है। पानी में विसर्जन के दौरान मूर्ति घुल जाएगी। सात सितंबर को मूर्ति स्थापना के बाद 16 सितंबर तक रोजाना पंडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विज्ञापन
कोलकाता से मंगवाई गई मिट्टी
गणेश उत्सव को लेकर मूर्तियों के लिए मिट्टी दूसरे राज्यों से मंगवाई गई है। मूर्तिकार संत लाल ने बताया कि पहले जहां प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियां बनती थीं, वहीं अब लोग ईको फ्रेंडली मूर्ति की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अब पीओपी की जगह मिट्टी की मूर्तियां बन रही है। जो कि विसर्जन के दौरान आसानी से घुल जाती है।
इन जगहों पर करते हैं विसर्जन
दस दिनों तक घरों और शहर की विभिन्न पांडालों में स्थापित गणेश की प्रतिमा को 16 सितंबर को धूमधाम से साथ विसर्जित किया जाएगा। श्री गणेश की प्रतिमा के साथ शहर भर में परिक्रमा निकाली जा रही है। इसके बाद विसर्जन किया जाता है। पहले दिल्ली स्थित कालिंदी कुंज में मूर्ति को विसर्जित किया जाता था, लेकिन पिछले कई सालों से जिले के लोग यमुना नदी में विसर्जित करते हैं। इसके अलावा कुछ लोग आगरा नहर और सूरजकुंड में बने तालाब में मूर्ति विसर्जित की जाती है। विसर्जन के दौरान कोई हादसा ना हो उसके लिए पुलिस की ओर से आगरा नहर और यमुना नदी में जगह जगह पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं।