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Faridabad News: स्नातक और स्नातकोत्तर में दाखिले की अंतिम तिथि आज
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अभी भी स्नातक में 15 और स्नातकोत्तर में करीब 10 प्रतिशत सीटें खाली
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के 8 राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया मंगलवार को समाप्त हो जाएगी। लगातार दाखिले की तिथि बढ़ाए जाने के बावजूद अभी भी स्नातक में करीब 15 प्रतिशत और स्नातकोत्तर में लगभग 10 प्रतिशत सीटें खाली हैं।
ऐसे में अंतिम दिन कॉलेजों में दाखिले के लिए विद्यार्थियों की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। जिले के राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर करीब सात हजार सीटें हैं। इनमें अधिकांश सीटों पर दाखिले हो चुके हैं लेकिन कुछ पाठ्यक्रमों में अभी भी विद्यार्थियों की संख्या कम है। वहीं, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की रुचि लगातार बढ़ रही है। बीसीए, बीबीए और बीकॉम जैसे पाठ्यक्रमों में 99 प्रतिशत से अधिक सीटें भर चुकी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यार्थियों और अभिभावकों की प्राथमिकता अब ऐसे पाठ्यक्रमों की ओर बढ़ रही है, जिनके बाद रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध हों। ऐसे में विभाग को विद्यार्थियों की मांग के अनुसार बीसीए, बीबीए और बीकॉम जैसे पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। इससे अधिक विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिल सकेगा। वहीं, जिन पाठ्यक्रमों में लगातार आवेदन कम आ रहे हैं, उनमें सीटों की संख्या कम की जा सकती है। इससे उपलब्ध सीटों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। हालांकि कॉलेजों में खाली दिखाई दे रही सभी सीटें सामान्य वर्ग की नहीं हैं। इनमें खेल कोटा, दिव्यांग कोटा सहित अन्य आरक्षित श्रेणियों की सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों पर पात्र विद्यार्थियों के उपलब्ध नहीं होने के कारण भी सीटें खाली रह जाती हैं।
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स्नातकोत्तर में इवनिंग कोर्सों की सीटें खाली
स्नातकोत्तर स्तर पर भी करीब 10 प्रतिशत सीटें अभी खाली हैं। खासतौर पर इवनिंग कक्षाओं के कई पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या कम है। लगातार तिथि बढ़ने के बाद भी इन पाठ्यक्रमों में सभी सीटें नहीं भर सकी हैं। कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि नौकरी या अन्य कार्य करने वाले विद्यार्थियों के लिए इवनिंग कक्षाएं उपयोगी हैं, लेकिन कई पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की रुचि अपेक्षाकृत कम है। अंतिम दिन दाखिले के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितनी सीटें रिक्त रह जाती हैं। हालांकि विभिन्न महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों का मानना है कि सोमवार को बहुत से विद्यार्थी दाखिले के लिए पहुंच सकते हैं, जिससे खाली सीटों की संख्या में कमी आ सकती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के 8 राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया मंगलवार को समाप्त हो जाएगी। लगातार दाखिले की तिथि बढ़ाए जाने के बावजूद अभी भी स्नातक में करीब 15 प्रतिशत और स्नातकोत्तर में लगभग 10 प्रतिशत सीटें खाली हैं।
ऐसे में अंतिम दिन कॉलेजों में दाखिले के लिए विद्यार्थियों की भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। जिले के राजकीय महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर करीब सात हजार सीटें हैं। इनमें अधिकांश सीटों पर दाखिले हो चुके हैं लेकिन कुछ पाठ्यक्रमों में अभी भी विद्यार्थियों की संख्या कम है। वहीं, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की रुचि लगातार बढ़ रही है। बीसीए, बीबीए और बीकॉम जैसे पाठ्यक्रमों में 99 प्रतिशत से अधिक सीटें भर चुकी हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि विद्यार्थियों और अभिभावकों की प्राथमिकता अब ऐसे पाठ्यक्रमों की ओर बढ़ रही है, जिनके बाद रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध हों। ऐसे में विभाग को विद्यार्थियों की मांग के अनुसार बीसीए, बीबीए और बीकॉम जैसे पाठ्यक्रमों में सीटें बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। इससे अधिक विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश मिल सकेगा। वहीं, जिन पाठ्यक्रमों में लगातार आवेदन कम आ रहे हैं, उनमें सीटों की संख्या कम की जा सकती है। इससे उपलब्ध सीटों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। हालांकि कॉलेजों में खाली दिखाई दे रही सभी सीटें सामान्य वर्ग की नहीं हैं। इनमें खेल कोटा, दिव्यांग कोटा सहित अन्य आरक्षित श्रेणियों की सीटें भी शामिल हैं। इन सीटों पर पात्र विद्यार्थियों के उपलब्ध नहीं होने के कारण भी सीटें खाली रह जाती हैं।
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स्नातकोत्तर में इवनिंग कोर्सों की सीटें खाली
स्नातकोत्तर स्तर पर भी करीब 10 प्रतिशत सीटें अभी खाली हैं। खासतौर पर इवनिंग कक्षाओं के कई पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की संख्या कम है। लगातार तिथि बढ़ने के बाद भी इन पाठ्यक्रमों में सभी सीटें नहीं भर सकी हैं। कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि नौकरी या अन्य कार्य करने वाले विद्यार्थियों के लिए इवनिंग कक्षाएं उपयोगी हैं, लेकिन कई पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की रुचि अपेक्षाकृत कम है। अंतिम दिन दाखिले के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितनी सीटें रिक्त रह जाती हैं। हालांकि विभिन्न महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों का मानना है कि सोमवार को बहुत से विद्यार्थी दाखिले के लिए पहुंच सकते हैं, जिससे खाली सीटों की संख्या में कमी आ सकती है।