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Faridabad News: अभी तक 40 फीसदी विद्यार्थियों का ही मिला रिकॉर्ड
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सीबीआई ने विद्यालयों को दी 15 दिन की मोहलत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। राजकीय विद्यालयों में फर्जी दाखिले और मिड डे मील को लेकर सीबीआई की टीम जांच कर रही है। इसी के तहत बुधवार को टीम जिले के कई राजकीय विद्यालयों में पहुंची और छात्रों की सूची मांगी। हालांकि विद्यालय छात्रों का सटीक डेटा टीम को उपलब्ध नहीं करा सके। अभी तक महज 40 फीसदी विद्यार्थियों का डेटा ही मिल सका है। टीम ने विद्यालयों को 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत दी है।
वहीं इस मामले में शिक्षकों का कहना है कि 10 साल पुराने छात्रों का डेटा खोजना आसान काम नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 2014-15 में दाखिले के समय छात्रों का स्थायी निवास प्रमाण पत्र नहीं लिया जाता था, जिसकी वजह से पुराने छात्रों को खोजना मुश्किल हो रहा है।
बता दें कि राजकीय विद्यालयों में फर्जी दाखिलों और मिड-डे मील घोटाले की आशंका के चलते सीबीआई अब स्कूलों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। वर्ष 2013 तक विद्यालयों में दाखिला पूरी तरह कागजी तरीके से होता था, लेकिन 2014-15 से बच्चों के आधार कार्ड के साथ एमआईएस पोर्टल पर डेटा अपलोड किया जाने लगा। इसी के बाद कई विद्यालयों में दाखिलों की संख्या में अचानक गिरावट दर्ज होने लगी। शैक्षणिक सत्र 2014-15 और 2015-16 के आंकड़ों में बड़ा अंतर मिलने पर शक गहराया।
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फर्जी दाखिले और मिड-डे मील में गड़बड़ी की जांच सीबीआई कई जिलों में कर रही है। जिले के 15 प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों की जांच रिपोर्ट 4 और 5 नवंबर को चंडीगढ़ स्थित सीबीआई कार्यालय में जमा भी कराई जा चुकी है। फिलहाल फर्जीवाड़ा हुआ या नहीं, यह जांच का विषय है, लेकिन सीबीआई टीम के अचानक सक्रिय होने से शिक्षा विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
इन विद्यालयों की जांच कर रही टीम
टीम ने सबसे पहले राजकीय प्राथमिक पाठशाला फतेहपुर तगा, राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला नंगला एन्क्लेव, राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला गोंछी, चावला कालोनी और राजकीय प्राथमिक पाठशाला सराय ख्वाजा में जांच की। इसके अलावा राजकीय प्राथमिक पाठशाला बड़खल, ऊंचागांव और सेहतपुर, तिलपत, एत्मादपुर, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ओल्ड फरीदाबाद सहित 15 विद्यालयों की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी अंशु सिंगला ने बताया कि अभी तक करीब 40 फीसदी विद्यार्थियों का ही डेटा निकल पाया है। इस काम में अभी समय लगेगा। उन्होंने बताया कि अभिभावक पहले बच्चों को कई विद्यालयों में दाखिला दिला देते थे, जिसकी वजह से यह दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि जांच सामान्य तरीके से चल रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। राजकीय विद्यालयों में फर्जी दाखिले और मिड डे मील को लेकर सीबीआई की टीम जांच कर रही है। इसी के तहत बुधवार को टीम जिले के कई राजकीय विद्यालयों में पहुंची और छात्रों की सूची मांगी। हालांकि विद्यालय छात्रों का सटीक डेटा टीम को उपलब्ध नहीं करा सके। अभी तक महज 40 फीसदी विद्यार्थियों का डेटा ही मिल सका है। टीम ने विद्यालयों को 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत दी है।
वहीं इस मामले में शिक्षकों का कहना है कि 10 साल पुराने छात्रों का डेटा खोजना आसान काम नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 2014-15 में दाखिले के समय छात्रों का स्थायी निवास प्रमाण पत्र नहीं लिया जाता था, जिसकी वजह से पुराने छात्रों को खोजना मुश्किल हो रहा है।
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बता दें कि राजकीय विद्यालयों में फर्जी दाखिलों और मिड-डे मील घोटाले की आशंका के चलते सीबीआई अब स्कूलों का रिकॉर्ड खंगाल रही है। वर्ष 2013 तक विद्यालयों में दाखिला पूरी तरह कागजी तरीके से होता था, लेकिन 2014-15 से बच्चों के आधार कार्ड के साथ एमआईएस पोर्टल पर डेटा अपलोड किया जाने लगा। इसी के बाद कई विद्यालयों में दाखिलों की संख्या में अचानक गिरावट दर्ज होने लगी। शैक्षणिक सत्र 2014-15 और 2015-16 के आंकड़ों में बड़ा अंतर मिलने पर शक गहराया।
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फर्जी दाखिले और मिड-डे मील में गड़बड़ी की जांच सीबीआई कई जिलों में कर रही है। जिले के 15 प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों की जांच रिपोर्ट 4 और 5 नवंबर को चंडीगढ़ स्थित सीबीआई कार्यालय में जमा भी कराई जा चुकी है। फिलहाल फर्जीवाड़ा हुआ या नहीं, यह जांच का विषय है, लेकिन सीबीआई टीम के अचानक सक्रिय होने से शिक्षा विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
इन विद्यालयों की जांच कर रही टीम
टीम ने सबसे पहले राजकीय प्राथमिक पाठशाला फतेहपुर तगा, राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला नंगला एन्क्लेव, राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक पाठशाला गोंछी, चावला कालोनी और राजकीय प्राथमिक पाठशाला सराय ख्वाजा में जांच की। इसके अलावा राजकीय प्राथमिक पाठशाला बड़खल, ऊंचागांव और सेहतपुर, तिलपत, एत्मादपुर, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ओल्ड फरीदाबाद सहित 15 विद्यालयों की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है।
जिला शिक्षा अधिकारी अंशु सिंगला ने बताया कि अभी तक करीब 40 फीसदी विद्यार्थियों का ही डेटा निकल पाया है। इस काम में अभी समय लगेगा। उन्होंने बताया कि अभिभावक पहले बच्चों को कई विद्यालयों में दाखिला दिला देते थे, जिसकी वजह से यह दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि जांच सामान्य तरीके से चल रही है।