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Faridabad News: क्रेडिट कार्ड के नाम पर तीन लोगाें से हुई 10 लाख रुपये की ठगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। क्रेडिट कार्ड को चालू करने व शुल्क माफ करने के नाम पर तीन लोगों से 10 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। सभी आरोपियों ने बैंक का कर्मचारी बनकर ठगी को अंजाम दिया। थाना साइबर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-8 निवासी जगत सिंह रावत ने बताया कि उनके पास आईसीआईसीआई बैंक के ग्राहक सेवा विभाग से कॉल आई थी। कर्मचारी ने क्रेडिट कार्ड के शुल्क माफ करने की बात कहीं। जिस पर कर्मचारी ने व्हाट्स एप पर उनको लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करने के बाद सभी खाते से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को भर दिया। जानकारी भरते ही उनके क्रेडिट कार्ड से 5 लाख 99 हजार 998 रुपये की ठगी हो गई।
ओटीपी बताते ही कटे पैसे
भीकम कॉलोनी निवासी देव ने बताया कि बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग की ओर से उनके पास बैंक के कर्मचारी का फोन आया कि उनका कार्ड चालू नहीं है। कर्मचारी ने बातों में फंसा कर कहा कि कार्ड को चालू करने के लिए ओटीपी बताना होगा। कुछ समय के बाद उनके फोन पर एक ओटीपी आया। उन्होंने आरोपी को ओटीपी बता दिया। ओटीपी बताते ही उनके खाते से 63 हजार 755 रुपये कट गए।
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एप के जरिए हुई ठगी
सेक्टर 4 आर निवासी तारा चन्द ने बताया कि उनका एसबीआई का क्रेडिट कार्ड नहीं चल रहा था। उन्होंने इसकी शिकायत ग्राहक सेवा केंद्र पर की। ग्राहक सेवा केंद्र पर मौजूद कर्मचारी ने कॉल को काट कर अपना पर्सनल नंबर दे दिया। कर्मचारी ने पर्सनल नंबर से कॉल करके एनीडेस्क एप डाउनलोड करने के लिए कहा। एप डाउनलोड करने के बाद उन्होंने खाते से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी भर दी। जानकारी भरते ही बिना ओटीपी को बताए उनके खाते से 6 बारी में दो लाख 97 हजार 111 रुपये और दूसरे खाते से 50 हजार 540 रुपये कट गए।
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बल्लभगढ़। क्रेडिट कार्ड को चालू करने व शुल्क माफ करने के नाम पर तीन लोगों से 10 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। सभी आरोपियों ने बैंक का कर्मचारी बनकर ठगी को अंजाम दिया। थाना साइबर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-8 निवासी जगत सिंह रावत ने बताया कि उनके पास आईसीआईसीआई बैंक के ग्राहक सेवा विभाग से कॉल आई थी। कर्मचारी ने क्रेडिट कार्ड के शुल्क माफ करने की बात कहीं। जिस पर कर्मचारी ने व्हाट्स एप पर उनको लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करने के बाद सभी खाते से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को भर दिया। जानकारी भरते ही उनके क्रेडिट कार्ड से 5 लाख 99 हजार 998 रुपये की ठगी हो गई।
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ओटीपी बताते ही कटे पैसे
भीकम कॉलोनी निवासी देव ने बताया कि बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग की ओर से उनके पास बैंक के कर्मचारी का फोन आया कि उनका कार्ड चालू नहीं है। कर्मचारी ने बातों में फंसा कर कहा कि कार्ड को चालू करने के लिए ओटीपी बताना होगा। कुछ समय के बाद उनके फोन पर एक ओटीपी आया। उन्होंने आरोपी को ओटीपी बता दिया। ओटीपी बताते ही उनके खाते से 63 हजार 755 रुपये कट गए।
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एप के जरिए हुई ठगी
सेक्टर 4 आर निवासी तारा चन्द ने बताया कि उनका एसबीआई का क्रेडिट कार्ड नहीं चल रहा था। उन्होंने इसकी शिकायत ग्राहक सेवा केंद्र पर की। ग्राहक सेवा केंद्र पर मौजूद कर्मचारी ने कॉल को काट कर अपना पर्सनल नंबर दे दिया। कर्मचारी ने पर्सनल नंबर से कॉल करके एनीडेस्क एप डाउनलोड करने के लिए कहा। एप डाउनलोड करने के बाद उन्होंने खाते से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी भर दी। जानकारी भरते ही बिना ओटीपी को बताए उनके खाते से 6 बारी में दो लाख 97 हजार 111 रुपये और दूसरे खाते से 50 हजार 540 रुपये कट गए।