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Faridabad News: जिंदा लोगों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर जमीन बेचने वाले तीन गिरफ्तार
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिंदा लोगों का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर जमीन बेचने के आरोप में आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने तीन आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया है। साल 2022 में सेठी एंड कंपनी के अधिकृत अधिकारी प्रमोद कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी की जमीन बेचने के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। उन्हें जो जमीन दी गई वह पहले ही बिक चुकी थी।
आर्थिक अपराध सेंट्रल ने जांच में पाया पंजाब निवासी दीप व उनके दो बेटों प्रणव व अनुज ने साल 1984-85 में गांव कोट पाली में, 33 बीघा-9 बिस्वा जमीन खरीदी थी। इसमें से प्रणव और अनुज ने अपने हिस्से की 16 बीघा-16 बिस्वा का जीपीए सेक्टर-10 निवासी सतपाल को बेच दिया था। दीप ने अपनी 16 बीघा-16 बिस्वा जमीन प्रेम सिंह जटानी को बेच दी। जटानी ने जमीन को प्रमोद सेठी तथा प्रमोद सेठी ने इसे सेठी एंड कंपनी को बेच दिया था।
योजना के तहत आरोपी अंकुर सूद ने प्रणव बनकर, आरोपी राजीव उर्फ रिम्पी ने अनुज बनकर तथा एक महिला लक्ष्मी देवी ने खुद को दीप की पत्नी बताकर जमीन की असली मालिक दीप का मृत्यु प्रमाण पत्र वर्ष 2002 में कोट गांव के पटवारी को दिखाकर पहले रोजनामचा में इंतकाल दर्ज करवाया। इसके बाद जमीन को बडौली निवासी अनिल कुमार को बेच दिया। अनिल ने जमीन को फरीदाबाद के पूर्व जिला उपायुक्त प्रवीन कुमार की पत्नी के नाम बेच दिया। प्रवीन कुमार जब जमीन का इंतकाल दर्ज कराने गए तो पता लगा। जमीन का इंतकाल पहले से ही सेठी एंड कंपनी के नाम पर दर्ज था। मामले की शुरुआती जांच के बाद 2022 में केस दर्ज किया गया। आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने आरोपी अंकुर और अमन को लुधियाना तथा आरोपी राजीव उर्फ रिम्पी को पंजाब के संगरूर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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फरीदाबाद। जिंदा लोगों का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर जमीन बेचने के आरोप में आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने तीन आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया है। साल 2022 में सेठी एंड कंपनी के अधिकृत अधिकारी प्रमोद कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी की जमीन बेचने के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। उन्हें जो जमीन दी गई वह पहले ही बिक चुकी थी।
आर्थिक अपराध सेंट्रल ने जांच में पाया पंजाब निवासी दीप व उनके दो बेटों प्रणव व अनुज ने साल 1984-85 में गांव कोट पाली में, 33 बीघा-9 बिस्वा जमीन खरीदी थी। इसमें से प्रणव और अनुज ने अपने हिस्से की 16 बीघा-16 बिस्वा का जीपीए सेक्टर-10 निवासी सतपाल को बेच दिया था। दीप ने अपनी 16 बीघा-16 बिस्वा जमीन प्रेम सिंह जटानी को बेच दी। जटानी ने जमीन को प्रमोद सेठी तथा प्रमोद सेठी ने इसे सेठी एंड कंपनी को बेच दिया था।
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योजना के तहत आरोपी अंकुर सूद ने प्रणव बनकर, आरोपी राजीव उर्फ रिम्पी ने अनुज बनकर तथा एक महिला लक्ष्मी देवी ने खुद को दीप की पत्नी बताकर जमीन की असली मालिक दीप का मृत्यु प्रमाण पत्र वर्ष 2002 में कोट गांव के पटवारी को दिखाकर पहले रोजनामचा में इंतकाल दर्ज करवाया। इसके बाद जमीन को बडौली निवासी अनिल कुमार को बेच दिया। अनिल ने जमीन को फरीदाबाद के पूर्व जिला उपायुक्त प्रवीन कुमार की पत्नी के नाम बेच दिया। प्रवीन कुमार जब जमीन का इंतकाल दर्ज कराने गए तो पता लगा। जमीन का इंतकाल पहले से ही सेठी एंड कंपनी के नाम पर दर्ज था। मामले की शुरुआती जांच के बाद 2022 में केस दर्ज किया गया। आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने आरोपी अंकुर और अमन को लुधियाना तथा आरोपी राजीव उर्फ रिम्पी को पंजाब के संगरूर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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