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Faridabad News: फर्जी एग्रीमेंट टू सेल बनाकर संपत्ति हड़पने का आरोप
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दिल्ली निवासी व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड थाना पुलिस ने फर्जी एग्रीमेंट टू सेल के जरिये संपत्ति हड़पने के आरोप में दिल्ली निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी राकेश बिंजोला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पटना निवासी नीलम कुमारी ने शिकायत में बताया कि उनके पति स्वर्गीय उमेश चंद्र सिन्हा और वह फरीदाबाद के दयालबाग कॉलोनी स्थित प्लॉट नंबर-45, ब्लॉक-ई के संयुक्त मालिक थे। वर्ष 2019 से 2020 के बीच उनके पति ने निजी जरूरतों के लिए राकेश बिंजोला से 15 लाख रुपये और महेश कुमार साराफ से 10 लाख रुपये का ऋण लिया था। ऋण के बदले संपत्ति के मूल दस्तावेज सुरक्षा के तौर पर सौंपे गए थे।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 3 फरवरी 2020 को आरोपी ने ऋण संबंधी औपचारिकता बताकर उनके पति से एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवा लिए। बाद में पता चला कि वह संपत्ति का एग्रीमेंट टू सेल था। शिकायत में यह भी दावा किया गया कि उन्होंने कभी अपनी हिस्सेदारी बेचने की सहमति नहीं दी।
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नीलम कुमारी ने आरोप लगाया कि 25 लाख रुपये के ऋण के बदले 36.80 लाख रुपये चुका दिए गए। इसके बावजूद आरोपी ने मूल दस्तावेज वापस नहीं किए। आरोप है कि बाद में उसी कथित फर्जी एग्रीमेंट के आधार पर संपत्ति पर दावा किया गया और अतिरिक्त धन की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर दीवानी मुकदमा और आपराधिक शिकायतें भी दायर कीं।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि तीन जुलाई को सूरजकुंड थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली। दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड थाना पुलिस ने फर्जी एग्रीमेंट टू सेल के जरिये संपत्ति हड़पने के आरोप में दिल्ली निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी राकेश बिंजोला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पटना निवासी नीलम कुमारी ने शिकायत में बताया कि उनके पति स्वर्गीय उमेश चंद्र सिन्हा और वह फरीदाबाद के दयालबाग कॉलोनी स्थित प्लॉट नंबर-45, ब्लॉक-ई के संयुक्त मालिक थे। वर्ष 2019 से 2020 के बीच उनके पति ने निजी जरूरतों के लिए राकेश बिंजोला से 15 लाख रुपये और महेश कुमार साराफ से 10 लाख रुपये का ऋण लिया था। ऋण के बदले संपत्ति के मूल दस्तावेज सुरक्षा के तौर पर सौंपे गए थे।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि 3 फरवरी 2020 को आरोपी ने ऋण संबंधी औपचारिकता बताकर उनके पति से एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवा लिए। बाद में पता चला कि वह संपत्ति का एग्रीमेंट टू सेल था। शिकायत में यह भी दावा किया गया कि उन्होंने कभी अपनी हिस्सेदारी बेचने की सहमति नहीं दी।
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नीलम कुमारी ने आरोप लगाया कि 25 लाख रुपये के ऋण के बदले 36.80 लाख रुपये चुका दिए गए। इसके बावजूद आरोपी ने मूल दस्तावेज वापस नहीं किए। आरोप है कि बाद में उसी कथित फर्जी एग्रीमेंट के आधार पर संपत्ति पर दावा किया गया और अतिरिक्त धन की मांग की गई। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर दीवानी मुकदमा और आपराधिक शिकायतें भी दायर कीं।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि तीन जुलाई को सूरजकुंड थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली। दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।