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मरीजों के इलाज में कोताही बर्दाश्त नहीं : भूपेंद्र यादव
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फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने ईंट भट्ठा महिला मजदूरों को सम्मानित किया। इसके साथ ही कॉलेज में विद्यार्थियों और मरीजों से बातचीत की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को आदेश दिए कि मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं बरती जाए। लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम के शुरुआत में मंत्री ने सबसे ईंट भट्ठों में कार्यरत महिला श्रमिकों एवं अन्य श्रमिकों से मुलाकात की। उनको उपलब्ध करवाई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। महिलाओं को एनीमिया बीमारी के बारे में जागरूक किया और नियमित स्वास्थ्य जांच व पोषण युक्त आहार लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि महिला श्रमिकों के अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित किए बिना स्वस्थ भारत समृद्ध भारत का सपना साकार नहीं किया जा सकता। एनीमिया एक ऐसी बीमारी है, जिसमें रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है। इसकी वजह से रक्त को कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता कम हो जाती है, जिसके कारण थकान, शारीरिक एवं मानसिक कार्य क्षमता में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण, वर्ष 2020-21 के अनुसार, 15-49 वर्ष की 57% महिलाएं इस समस्या से ग्रसित है। ज्यादातर एनीमिया का मुख्य कारण संतुलित पोषण का न मिलना है। इस बीमारी को पोषणयुक्त आहार, दवाइयां और सही परामर्श मुहैया कराकर ठीक किया जा सकता है।
कोविड-19 के दौरान किए गए कार्यों की सराहना
मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उन्होंने अस्पताल द्वारा कोविड-19 के दौरान किए गए कार्यों की सराहना की। इस दौरान वह नियोक्ताओं, एम्प्लायर एसोसिएशन और ट्रेड यूनियन के लोगों से भी मिले। उन्हें आश्वस्त किया कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय उनके लिए फैसिलिटेटर के रूप में कार्य कर रहा है। बातचीत के दौरान श्रम एवं रोजगार मंत्री ने अधिकारियों को श्रमिकों के हित को ध्यान में रख कर काम करने का निर्देश दिया। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्य सामाजिक सुरक्षा योजना के बारे में महिला श्रमिकों को जानकारी दी। इस अवसर पर सुनील बर्थवाल (सचिव), सीमा त्रिखा (विधायक बड़खल) ईएसआईसी के महानिदेशक मुखमीत एस भाटिया, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. असीम दास, रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. अनिल पांडे सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के शुरुआत में मंत्री ने सबसे ईंट भट्ठों में कार्यरत महिला श्रमिकों एवं अन्य श्रमिकों से मुलाकात की। उनको उपलब्ध करवाई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। महिलाओं को एनीमिया बीमारी के बारे में जागरूक किया और नियमित स्वास्थ्य जांच व पोषण युक्त आहार लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि महिला श्रमिकों के अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित किए बिना स्वस्थ भारत समृद्ध भारत का सपना साकार नहीं किया जा सकता। एनीमिया एक ऐसी बीमारी है, जिसमें रक्त में हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है। इसकी वजह से रक्त को कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता कम हो जाती है, जिसके कारण थकान, शारीरिक एवं मानसिक कार्य क्षमता में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण, वर्ष 2020-21 के अनुसार, 15-49 वर्ष की 57% महिलाएं इस समस्या से ग्रसित है। ज्यादातर एनीमिया का मुख्य कारण संतुलित पोषण का न मिलना है। इस बीमारी को पोषणयुक्त आहार, दवाइयां और सही परामर्श मुहैया कराकर ठीक किया जा सकता है।
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कोविड-19 के दौरान किए गए कार्यों की सराहना
मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उन्होंने अस्पताल द्वारा कोविड-19 के दौरान किए गए कार्यों की सराहना की। इस दौरान वह नियोक्ताओं, एम्प्लायर एसोसिएशन और ट्रेड यूनियन के लोगों से भी मिले। उन्हें आश्वस्त किया कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय उनके लिए फैसिलिटेटर के रूप में कार्य कर रहा है। बातचीत के दौरान श्रम एवं रोजगार मंत्री ने अधिकारियों को श्रमिकों के हित को ध्यान में रख कर काम करने का निर्देश दिया। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही अन्य सामाजिक सुरक्षा योजना के बारे में महिला श्रमिकों को जानकारी दी। इस अवसर पर सुनील बर्थवाल (सचिव), सीमा त्रिखा (विधायक बड़खल) ईएसआईसी के महानिदेशक मुखमीत एस भाटिया, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. असीम दास, रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. अनिल पांडे सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।
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